There were questions and doubts raised by @RahulGandhi ji, and Congress submitted several objections to Election Commission regarding the electoral rolls. Now, the report below has provides further insights into the loopholes in SIR.
West Bengal, Karnataka, Maharashtra, and Haryana are among the states where concerns have been raised about the integrity of electoral databases. Objections were raised in the selection process for Election Commissioner, particularly after the role of the CJI was removed from the selection committee.
BJP has undermined democratic processes and institutions to serve its political interests. The process and database needs scrutiny, transparency, and accountability to safeguard the fairness of the electoral process.
@INCIndia, @ECISVEEP@MLJ_GOI
आज गुनहगार ज्ञानेश कुमार है, लेकिन अग्नि परीक्षा सुप्रीम कोर्ट और चीफ जस्टिस सूर्यकांत की भी है, जो चुनाव आयोग के हर दावे को अब तक आँख मूँद कर मानते रहे हैं।
जनता गुहार लगाती रही, @RahulGandhi सबूत पर सबूत देते रहे, लाखों लोग चुनाव में वोट से अधिकार से वंचित हो गए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट SIR की प्रक्रिया को सर्टिफिकेट देता रहा।
वोटर लिस्ट को रहस्यमयी बनाना हो, या पोलिंग बूथ की CCTV फुटेज डिलीट करनी हो, वोट चोरी हो या फिर राजनैतिक दलों पर मोदी-शाह का डाका, हर लोकतांत्रिक कुकर्म को चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट के रास्ते ही जस्टिफाई करता रहा है।
इसीलिए अब नज़रें चीफ जस्टिस सूर्यकांत पर भी हैं, कि आने वाले दिनों में न्याय व्यवस्था लोकतंत्र के लुटेरों के साथ खड़ी दिखेगी, या फिर लोकतंत्र के प्रहरी बनने का साहस दिखेगा, जिसकी अपेक्षा और जिसके लिए अधिकार संविधान ने दिए हैं।
Two of the Three election commissioners questioned SIR process.. but ONE went ahead obeying Two others outside the election commission ..who are those TWO Partners in Crime .. any guess #justasking
सिर्फ इलाके के ERO को वोट add या delete करने का अधिकार होता है। दोनों चुनाव आयुक्तों का आरोप है कि वेबसाइट से ही ERO की access रिस्ट्रिक्ट करके उसकी पावर छीन ली गई है।
दिल्ली में बैठे कुछ लोगों के पास पूरे देश की वोटर लिस्ट की access है.. जिसकी मर्जी चाहे वोट जोड़ सकते हैं और जिसकी मर्जी चाहे हटा सकते हैं।
हमारी मांग है कि पिछले 3 सालों में जितने changes वोटर लिस्ट के अंदर किए गए हैं, वे खारिज करके 3 साल पुरानी वोटर लिस्ट को बहाल किया जाए।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा लेने में देर कर मोदी सरकार ने जो नुक़सान उठाया, ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा लेने में देरी कर उसी तरह का नुक़सान उठा सकती है : एक आकलन
जब इस दौर का इतिहास लिखा जाएगा..तब माननीय भी सवालों के घेरे में होंगे. कैसे आसानी से राज्यसभा चले गए- आंध्र के राज्यपाल बन गए- NCLAT प्रमुख बन गए- मोदी जी की तारीफ करते रहे- गणेश पूजा में मोदीजी को निमंत्रण दिया- सब याद रखा जाएगा!
चुनाव आयुक्त ने जो सरकारें बनवा दी, उसका क्या होगा? इन्होंने 2022 में हमें भी हरवा दिया था.
अगर ये रहे तो बड़े पैमाने पर बेईमानी की तैयारी कर रहे होंगे.
- अखिलेश यादव
Every Opposition political party plus @Cockroachisback should have only one agenda now - remove Gyanesh Kumar. Nothing else matters. We cannot rely on the Courts. We can rely on nothing except ourselves and India’s young.
ज्ञानेश प्रिंटर का भी इतिहास ज्ञानेश कुमार के साथ लिखा जाएगा। यह अदृश्य प्रिंटर है जो सामने आ रहा है। ऐसा लग रहा है वोट चोरी होते होते आयोग की ही चोरी हो गई ।
ज्ञानेश कुमार को कवर फायर देने के लिए दर्जनों पत्रकार एक्टिव हो गए हैं . सूत्रों के कंधे पर बंदूक़ रखकर चलाने में जुटे हैं . इन्हें ड्यूटी दी गई कि है कि इंडियन एक्सप्रेस के खुलासे को झूठा साबित करें . ज्ञानेश कुमार की मनमानी पर आपत्ति जताने वाले दोनों चुनाव आयुक्तों को झूठा साबित करें . चुनाव आयोग से इन्हें गुप्त मैसेज आ रहे हैं . ये सब आँख मूंदकर पूरे भक्ति भाव से ज्ञानेश ही सत्य है . बाकी सब मिथ्या है , ये नैरेटिव बनाने में लग गए हैं . चुनाव आयोग को अपनी बपौती समझकर चला रहे ज्ञानेश कुमार की पोल इस बार उनके ही सहयोगी चुनाव आयुक्तों ने खोली है . सूत्रों की दाल नहीं गलने वाली है .
भयावह। जागो जनता जागो। लुट गया लोकतंत्र का कारवां । मत करो ऐसा। मत होने दो ऐसा। इस देश को आज़ादी लाखों के संघर्ष और त्याग से मिली है। इसलिए नहीं कि वोट का अधिकार उनसे बीच राह में छीन लिया जाएगा। वोट का अधिकार आज़ादी का अधिकार है।
The Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar must be immediately removed. He has snatched away a constitutional right and a basic right of citizens - the right to vote. His act offends the Basic Structure and is unforgivable . Gyanesh Kumar must go.
चुनाव आयोग को अपनी बपौती समझते हैं ज्ञानेश कुमार?
इंडियन एक्सप्रेस ने चुनाव आयोग के CEC ज्ञानेश कुमार की मनमानी का खुलासा किया है .
दो चुनाव आयुक्तों ने दस महीने में 14 बार आयोग के फैसलों पर आपत्ति जताई लेकिन ज्ञानेश कुमार अपनी दादागिरी करते रहे .
चुनाव आयोग सूत्र सूत्र खेल रहा है… कह रहा है कि SIR समते सभी फ़ैसले सर्वसम्मति से लिए गए। ज्ञानेश कुमार को चाहिए कि बाक़ी दोनों आयुक्तों के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस कर ये बात बताएं कि फ़ैसले सर्वसम्मति से लिए गए!
ज्ञानेश कुमार को जाना होगा।
संवैधानिक पद पर बैठ कर संविधान की आत्मा का अपहरण करने का गुनाह ये देश माफ़ नहीं करेगा।
जब महाराष्ट्र चुनाव में चुनाव आयोग के सर्वर से बीजेपी के लोगों द्वारा वोटर के नाम हटाने और जोड़ने की शिकायत की, तो सुनी नहीं गई।
जब @RahulGandhi ने कर्नाटक के महादेवपुरा और आलंद में और हरियाणा में वोट चोरी के सबूत देश के सामने रखे, तो उनका मखौल उड़ाते हुए उनसे एफिडेविट मांगा गया।
जब पोलिंग बूथ की CCTV फुटेज डिलीट करने के आदेश का विरोध किया, तो कहा गया कि बेकार में संशय कर रहे हैं।
जब करोड़ों लोगों का वोट का अधिकार छीन कर चुनाव चोरी किए गए, तो प्रोपेगंडा चला कर बदनाम करते रहे।
लेकिन सब सच था, और ज्ञानेश कुमार सीधे सीधे ज़िम्मेदार है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट यही साबित करती है।
लोकतंत्र को कुचलने के लिए, वोट चोरी के लिए ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा।
@INCIndia@kharge