उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, विकास पुरूष, युवा सम्राट, हमारे नेता,राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय अखिलेश यादव जी से दिल्ली आवास पर मुलाकात हुई। माननीय अखिलेश भैया जी ने जन-जन समाजवादी नीतियों एवं समाजवादी सरकार में हुए विकास कार्यों को पहुंचाने के लिए कहा।
@yadavakhilesh
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए मुझे समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार बनाए जाने पर माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी का हृदय से आभार एवं धन्यवाद करता हूँ।
सार्वजनिक जीवन के इस नए पड़ाव की ओर आज लखनऊ में माननीय अखिलेश यादव जी की उपस्थिति में राज्यसभा के लिए मैंने अपना नामांकन दाखिल किया।
आप सभी के स्नेह, विश्वास और शुभकामनाओं के लिए हृदय से आभार।
@yadavakhilesh@samajwadiparty
राहुल गांधी जी की कर्म भूमि रायबरेली पर श्री अखिलेश यादव जी का हार्दिक स्वागत है।
2024 में आम चुनाव में कन्नौज में श्री अखिलेश यादव जी के लिए राहुल जी ने वोट मांगे थे और रायबरेली में अखिलेश जी ने राहुल जी के लिये वोट मांगे थे ।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री राम गोविंद चौधरी जी का निधन, अत्यंत दुःखद !
ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।
शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने का संबल प्राप्त हो।
भावपूर्ण श्रद्धांजलि !
सहारनपुर में मस्जिद गिराने की घटना अब पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गई है, इसीलिए इस घटना ने राज्य के स्तर से बहुत ऊपर उठकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारे देश की पंथ निरपेक्ष छवि को धूमिल किया है।
उप्र की साम्प्रदायिक भाजपा सरकार और कुछ साम्प्रदायिक अधिकारी भी इस कुकृत्य में संलिप्त हैं। हमारी मांग है कि उन सब दोषियों की जानकारी निकाली जाए और अगर सरकार को इन अपराधियों की जानकारी न हो तो हम उनके नामों का खुलासा करने में मदद करेंगे।
उप्र की भाजपा सरकार जिस प्रकार जुल्म और नाइंसाफ़ी पर उतारू है, उसकी वजह से देश की एकता और अखंडता को ठेस न पहुँचे इसीलिए हम महामहिम राष्ट्रपति महोदय को एक पत्र लिखकर ये दुर्भावनापूर्ण आपराधिक कुकृत्य उनके संज्ञान में लाएंगे और उनसे कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की अपील करेंगे। जिस तरह भाजपा राज में सांविधानिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है उससे ‘कान्सटीट्युशनल ब्रेकडाउन’ का दौर आ गया है। जिसकी रक्षा की अपील हम महामहिम राष्ट्रपति जी से करेंगे।
कोई भी दोषी अगर आज बच भी गया तो कल नहीं बचेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा मौलाना मोहम्मद अली जौहर जी को भारत के विभाजन के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना इतिहास के प्रति उनके अल्पज्ञान और स्वतंत्रता संग्राम के एक महान सेनानी के योगदान को राजनीतिक चश्मे से देखने का उदाहरण है।
मौलाना मोहम्मद अली जौहर जी अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी, निर्भीक पत्रकार, शिक्षाविद और राष्ट्रवादी नेता थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध मुखर होकर आवाज उठाई, जेल की यातनाएं सहीं और खिलाफत तथा असहयोग आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
1930 में लंदन में आयोजित प्रथम गोलमेज सम्मेलन में उन्होंने भारत की स्वतंत्रता और स्वशासन की मांग मजबूती से उठाई। उन्होंने गुलाम भारत में लौटने से इनकार करते हुए आजादी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट की। 4 जनवरी 1931 को लंदन में उनका निधन हो गया।
इतिहास का एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर जी के निधन के दो वर्ष बाद, 1933 में, पहली बार ‘Pakistan’ नाम के साथ एक अलग राष्ट्र के गठन का प्रस्ताव रखा गया।
ऐसे में 1931 में दुनिया छोड़ चुके मौलाना मोहम्मद अली जौहर जी को 1933 में सामने आए ‘Pakistan’ के प्रस्ताव और 1947 में हुए भारत के विभाजन के लिए जिम्मेदार ठहराना इतिहास की घटनाओं, उनके कालक्रम और उनके वास्तविक राजनीतिक योगदान तीनों की अनदेखी है।
इतिहास को राजनीतिक चश्मे से नहीं, तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर पढ़ा जाना चाहिए।
“जानकारी का टोटा, बयानों की भरमार!”
"आज हम सब लोग मिलकर वीरांगना अवंतीबाई लोधी जी को याद कर रहे हैं। उनकी बहादुरी, साहस, बलिदान और उनके योगदान को हम सब लोग नमन करते हैं।"
– माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी