मेरी मम्मी ने जमीन बेचकर मुझे B.Ed. कराया, लेकिन पिछले 4 साल से कोई वैकेंसी नहीं आई है।
मैं पटना में रहकर पढ़ाई करता हूं। हर महीने 10–12 हजार रुपये का खर्च आता है। आखिर मेरी मम्मी कहाँ से इतने पैसे देगी?
आज B.Ed, PG और CTET क्वालिफाइड होने के बाद भी मुझे 20 हजार रुपए की नौकरी नहीं मिलेगी। ऊपर से जब हम आंदोलन करते हैं, तो पुलिस हमें लाठी से मारती है, डिटेन कर लेती है।
📍 प्रयागराज
उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी दलित युवा नवप्रवर्तक रवि टम्टा जी का यह नवाचार वास्तव में अद्भुत, प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण है। सुदूर पहाड़ में जन्मे रवि टम्टा जी ने साबित कर दिया कि उनके हौसले भी पहाड़ जैसे बुलंद हैं।
रवि टम्टा जी ने HAPIDA SKYNeX उड़ान वाहन (Flying Vehicle) के प्रोटोटाइप का सफल परीक्षण कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वे सुरक्षित एवं विद्युत चालित व्यक्तिगत उड़ान वाहन विकसित करने के उद्देश्य से कार्य कर रहे हैं। वर्षों के शोध, नवाचार और अथक परिश्रम के बाद प्रोटोटाइप की यह सफल उड़ान उनके सपने को साकार करने की दिशा में पहला बड़ा मील का पत्थर है।
यह उपलब्धि केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। ऐसे स्वदेशी नवाचार भारत की वैज्ञानिक क्षमता, युवाओं की प्रतिभा और आत्मनिर्भर भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं।
रवि टम्टा जी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत मंगलकामनाएं। हमें विश्वास है कि उनका यह प्रयास भारत को भविष्य की अत्याधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
हमें आप पर गर्व है!
संविधान विरोधियों एवं सावित्रीबाई फुले
पर गोबर-कचरा फेंकने वालों, याद
रखना -
आज तुमने AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा
पर जो स्याही फेंकी है, कल उसी स्याही से
इंकलाब लिखा जायेगा! 🔥
@neha_aisa#Jharkhand#Ranchi#AISA#StudentsProtest#JPSC
मध्यप्रदेश के महू के आदिवासी क्षेत्र आडापाड़ा तहसील में आज भी मासूम बच्चे कीचड़ और बदहाल रास्तों से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। बारिश में हर दिन उनकी जान जोखिम में पड़ती है। सत्ता आती है, जाती है… लेकिन आदिवासी बच्चों के हालात नहीं बदलते। किस स्तर के विश्वगुरु हैं हम, जहाँ बच्चों के लिए सुरक्षित सड़क तक नहीं है? भारत में सत्ता मिलना मानो जनता की सेवा नहीं, सात पुश्तों का बंदोबस्त करने का लाइसेंस बन गया है।
"रोड ही नहीं होगी, तो बेटी कैसे पढ़ेगी?"
सुनिए इस छोटी-सी बच्ची को, जो भाजपा के तथाकथित 'विकसित भारत' के दावों की हक़ीक़त बता रही है। उसका सवाल बेहद सीधा है - जब सड़क ही नहीं होगी, तो बेटी स्कूल कैसे जाएगी? पढ़ेगी कैसे? आगे कैसे बढ़ेगी?
और स्कूलों की बात भी कर लीजिए। पिछले 10 वर्षों में देशभर में लगभग एक लाख सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश इस सूची में सबसे ऊपर हैं। एक तरफ़ स्कूल बंद किए जा रहे हैं, दूसरी तरफ़ जो बच्चे पढ़ना चाहते हैं, उनके लिए सड़क तक नहीं है।
यही है भाजपा के 'विकसित भारत' की ज़मीनी तस्वीर।
भारत की सड़के अमेरिका के टक्कर की बना रहे है हम लोग।
: नितिन गडकरी जी
आप लोग अगर कुछ गलत बोले तो बवाल हो होगा,
क्योंकि इसको देखकर अमेरिका भी शर्मा जाए।
BJP के शीर्ष मंत्रियों के बच्चे अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों में सेटल हैं।
वो जानते हैं कि पिछले 12 वर्षों में उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था की दुर्गति की है इसलिए अपने बच्चों को विदेश भेज दिया।
#RaGaFlopShow#HBDSuperstarMahesh#BcmForXMarketing
राहुल गांधी जिनका प्रयागराज में छात्र संवाद !
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव का भी मुद्दा राहुल गांधी जिनके सामने उठा !
ग़रीब घर के लड़के का छात्र संघ चुनाव से ही राजनीति में आना होता है !
लेकिन छात्र संघ चुनाव बंद कर दिया गया है !