A big thank you to @BhimArmyChief sir for joining CJP’s protest today and extending his support to our movement.
Your presence has lifted the spirits of the students who have been protesting for the past 25 days.
जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक जी से आज मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। साथ ही आंदोलनरत छात्र-छात्राओं से मिलकर उनका हौसला बढ़ाया तथा उनके लोकतांत्रिक संघर्ष के प्रति अपना समर्थन एवं एकजुटता व्यक्त की। आंदोलन में पहुँचे भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सभी साथियों का आभार।
परम पूज्य #बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी एवं मान्यवर #कांशीराम साहब जी की विचारधारा #बहुजन_हितााय_बहुजन_सुखाय को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की संगठनात्मक मजबूती हेतु आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) #राजस्थान प्रदेश में जिलाध्यक्षो नियुक्त किया जाता है।
जयपुर जिले के शिवदासपुरा थाना क्षेत्र में #बिना_बैरवा की हत्या का मामला बेहद दुखद एवं चिंताजनक है।
8 दिन पहले शिवदासपुरा थाने में गुमशुदा की रिपोर्ट दी थी लेकिन @JprRuralPolice द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।
भाजपा सरकार में अपराधियों के हौसले सातवें आसमान पर है, कानून नाम का कोई डर-भय नहीं है।
आए दिन ऐसी घटनाएं सामने आ रही है। जब तक इन बदमाशों को कठोरतम सजा नहीं मिलेगी, प्रदेश में इस तरह के अत्याचार नहीं रूकेंगे।
क्या सच में इन गुंडों द्वारा कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही है ? प्रदेश के किसी कोने में महिला सुरक्षित नहीं है। लेकिन, सरकार में बैठे निकम्मों को अपनी जेब भरने और शेखी बघारने के अलावा कुछ नज़र ही नहीं आ रहा है।
@BhajanlalBjp जी आप खुल कर क्यों नहीं स्वीकार कर लेते कि महिला सुरक्षा के आपके सारे दावे फ्लॉप हो चुके हैं। #शर्मनाक @RajCMO@PoliceRajasthan@BhimArmyChief@VinayRatanSingh
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के मुकलावा पुलिस थाना क्षेत्र में दलित किसान मेजर सिंह पुत्र जंगर सिंह (मजहबी सिख) एवं उनके परिवार के साथ कथित भू-माफियाओं द्वारा की गई बर्बर मारपीट की घटना अत्यंत निंदनीय, शर्मनाक और चिंताजनक है। आरोप है कि हमले में मेजर सिंह की टांगें तक तोड़ दी गईं, जिसके संबंध में 15 अप्रैल 2026 को मुकलावा पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
किन्तु घटना के लगभग दो माह बीत जाने के बावजूद नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होना कानून व्यवस्था एवं पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। न्याय की मांग को लेकर पीड़ित परिवार एवं भीम आर्मी के कार्यकर्ता पिछले 60 दिनों से लगातार धरने पर बैठे हुए हैं, फिर भी प्रशासन द्वारा कोई प्रभावी सुनवाई या ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
यह केवल एक परिवार पर हमला नहीं, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त समानता, न्याय और दलित समाज की गरिमा पर सीधा हमला है। यदि एक पीड़ित परिवार को मुकदमा दर्ज होने के बाद भी न्याय के लिए महीनों धरना देना पड़े, तो यह प्रशासनिक संवेदनहीनता का गंभीर उदाहरण है।
भीम आर्मी की राजस्थान सरकार एवं प्रशासन से मांग है कि—
* मुकदमे में नामजद सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
* प्रकरण की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों को कठोरतम सजा दिलाई जाए।
* पीड़ित परिवार को एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत न्याय व निर्धारित आर्थिक सहायता एवं मुआवजा तत्काल प्रदान किया जाए।
* पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा उन पर किसी प्रकार का दबाव न बनने दिया जाए।
* परिवार के एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी अथवा स्थायी आजीविका का साधन उपलब्ध कराया जाए।
* मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
यदि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय नहीं मिला, आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तथा प्रशासन की निष्क्रियता जारी रही, तो भीम आर्मी भारत एकता मिशन पूरे राजस्थान में लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में व्यापक जनआंदोलन चलाने के लिए बाध्य होगी। इसकी समस्त जिम्मेदारी राजस्थान सरकार एवं स्थानीय प्रशासन की होगी।
60 दिनों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहा एक दलित परिवार यह पूछ रहा है कि आखिर कानून का राज किसके लिए है?
@BhajanlalBjp@RajGovOfficial@RajPoliceHelp @DgpRajasthan
ब्यावर जिले के #रास श्री सीमेंट फैक्ट्री में बाहर से आ रहा केमिकल से हो रहा प्रदूषण व भूमि बंजर और पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
.प्रदूषण से हवा जहरीली सांस लेना मुश्किल
.खेत बंजर हो रहे है, उपज हो रही है बर्बाद
.भूजल प्रदूषित, कुएँ और हैंडपम्प जहरीले
. पशु पक्षी विलुप्त हो रहे है
पानी में जहरीले तत्व पानी पीने लायक नहीं, आस पास के गाँवो में बीमारियां फ़ैल रही है।
@BhajanlalBjp
जी मामले को तत्काल संज्ञान में लेकर निवारण करें। अन्यथा भीम आर्मी आज़ाद समाज पार्टी ग्रामवासीयों के साथ मिलकर हज़ारो धरना देंगे और मजबूर होकर फैक्ट्री पर तालाबंदी का काम करेंगे।
@shreecementltd@BeawarDCDM
आज 'व्यवस्था परिवर्तन दिवस' से प्रारंभ हो रही सत्ता परिवर्तन यात्रा से घबराकर मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के इशारे पर माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष @BhimArmyChief एवं नगीना से लोकप्रिय सांसद भाई चन्द्रशेखर आजाद जी को उनके आवास पर पुलिस द्वारा डिटेन किया जाना बेहद निंदनीय है।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि भाई चन्द्रशेखर आजाद जी को तत्काल रिहा किया जाए तथा उन्हें अपनी यात्रा और जनसंपर्क कार्यक्रम निर्बाध रूप से संचालित करने दिया जाए।
लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को पुलिस बल और प्रशासनिक दबाव के माध्यम से दबाया नहीं जा सकता। परिवर्तन की मांग को रोकने का हर प्रयास अंततः जनता की लोकतांत्रिक शक्ति के सामने विफल होगा।
#ReleaseChandraShekhaAzad
#ReleaseChandraShekhaAzad
#ASP_K_Mission2027 #सत्तापरिवर्तनयात्रा
#UPMaangeChandraShekharAzad #ASPK
#AzadSamajParty #bhimarmy #SattaParivartanYatra #ChandrashekharAzad
जाकर रण में ललकारी थी,
वह तो झांसी की झलकारी थी।
महान स्वतंत्रता सेनानी एवं क्रांतिकारी वीरांगना माता झलकारी बाई जी के शहादत दिवस पर उन्हें शत-शत नमन एवं विनम्र आदरांजलि!
माननीय सांसद चंद्रशेखर आजाद जी ने सदन मे बात रखी।
बॉर्डर पर शहीद हो रहे जवान व गटर मे मरते सफाई कर्मियों को सम्मान मिलना चाहिए, उनके बच्चो को पेट पालने की परेशानी होती है।
हाल ही मे नेपाल की नई सरकार ने सदन में दलितों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी कि उनके साथ अन्याय हुआ है।
जिला स्तरीय परामर्श एवं समीक्षा समिति (DLCC) की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए ₹4978 करोड़ की वार्षिक साख योजना को मंजूरी।जिला कलक्टर कमल राम मीना ने बैंकर्स को सरकारी योजनाओं के लक्ष्यों को शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।#Beawar@DIPRRajasthan@RajCMO
जिस जिले से मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी आते हैं और जहाँ @BJP4India का ट्रिपल इंजन है, वहीं स्वच्छता मित्र गले तक नालों में उतरकर मैनुअल सफाई करने को मजबूर हैं। यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि सफाईकर्मियों की ज़िंदगी, कानून और मानवाधिकारों के साथ खुला खिलवाड़ है।
देश में मैनुअल स्कैवेंजिंग पर कानूनी प्रतिबंध होने के बावजूद अगर स्वच्छता मित्रों को बिना सुरक्षा उपकरण के नालों और सीवर में उतारा जा रहा है, तो यह सीधे-सीधे कानून की अवहेलना और दलित-वंचित श्रमिकों की जान से खिलवाड़ है।
“सफाई मित्र सुरक्षित शहर” के दावे करने वाली व्यवस्था को जवाब देना होगा कि अगर मुख्यमंत्री के अपने शहर में ही सफाईकर्मी सुरक्षित नहीं हैं, तो बाकी प्रदेश में उनकी सुरक्षा की क्या गारंटी है?
स्वच्छता मित्रों की सुरक्षा, सम्मानजनक कार्य-परिस्थितियाँ और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए-क्योंकि किसी भी सभ्य समाज में इंसानों को नालों में उतारकर काम कराना विकास नहीं, अमानवीयता है।