🚩 अदम्य साहस, अटूट स्वाभिमान और क्षात्रधर्म की अमर ज्योति 1857 की क्रांति के महानायक
वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव पर कोटि-कोटि नमन।
उनकी तलवार ने विदेशी सत्ता को ललकार कर बता दिया कि
जब क्षात्रधर्म जागता है तो विजय स्वयं मार्ग बनाती है।
@pAshthasingh_a जिस हिंदू धर्म में क्षात्राणियों के बारे में क्या-क्या अपमानजनक शब्द लिखे हैं जिसे मैं आप���ो बता भी नहीं सकता फिर भी आप अपने आप को हिंदू बता रहे हैं इस बात पर हमें हसीं आए हमें