झारखंड में जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के लिए 20-20 लाख में अभ्यर्थियों से सौदा हुआ था।
पास हुए अभ्यर्थियों से आईआरबी जवानों ने वसूली भी की। निलंबित जवान कुंदन कुमार की पत्नी कंचन के बैंक खातों में पैसे आए। फिर पैसे मास्टरमाइंड संदीप त्रिपाठी के खास के खातों में भेजे गए।
@Live_Hindustan के लिए मेरी रिपोर्ट।
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित CGL परीक्षा-2023 पेपर लीक 📰
झारखंड सीजीएल परीक्षा महा घोटाला — परीक्षा नहीं, खुला भ्रष्टाचार का बाजार!
अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र लीक कराकर परीक्षा पास कराने के लिए 20-20 लाख रुपये की वसूली की गई। इसमें सीधे तौर पर आईआरबी के जवान, उनके परिजन और रैकेट के मास्टरमाइंड संदीप त्रिपाठी का नाम सामने आया है।
सबसे शर्मनाक बात ये है कि पैसे के लेन-देन के पुख्ता सबूत सामने आने के बावजूद अभी भी इस पूरे घोटाले के ‘बड़े नाम’ सरकार की सरपरस्ती में बचे हुए हैं।
यह पूरी तरह से परीक्षा प्रणाली के साथ विश्वासघात है। लाखों मेहनती युवाओं के सपनों को कुचलने वाला यह घोटाला हेमंत सरकार की प्रशासनिक नाकामी और भ्रष्टाचार पर शह का बड़ा उदाहरण बन चुका है।
हम मांग करते हैं कि इस पूरे घोटाले की CBI जांच करवाई जाए, ताकि राजनीतिक संरक्षण प्राप्त दोषियों का पर्दाफाश हो।
झारखंड को भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी शासन की जरूरत है, न कि प्रश्नपत्र बेचने वाली सरकार की!
तप्ती धूप में बैठे इन मासूम युवाओं के दर्द, बेबसी और इनके साथ हुए अन्याय को आप झारखंडी वोट देने के पहले एक बार जरूर याद कर लेना। @RohitKu83315186@babulalmarandi@aajtak
ये तस्वीर 30 सितंबर के उस दर्द को बायाँ करती है जब दिन भर छात्र डाँटे रहे मगर सरकार के काम में जूँ नहीं रेंगा
5 साल बर्बाद होने के बाद भी कुछ JMM के दलाल छात्र मुझे दलाल बोल रहे है क्योंकि उनको पता है ये छात्र मिल कर उनके सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए पूरी तरह तैयार है ।
व्यक्तिगत स्वार्थ में जो छात्र अभी भी इस सरकार से सहानुभूति रखते हैं तो या तो वो मूर्ख हैं या JMM के दलाल हैं । मगर मुझे पता है वैसे लोगों कि संख्या सिर्फ़ 1-2 % है । मुझे इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि कोई मुझे कुछ भी बोले क्योंकि हम जानते है कि हम हमेशा छात्रों के हित में लड़ते आए हैं और आगे भी लड़ेंगे चाहे सरकार किसी की भी रहे रहे । मुझे किसी का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए की हम छात्र हितैषी हैं या नहीं ।
जो सिर्फ़ छात्र हैं उनको पता है हम उनके लिए ही ख़ुद को बदनाम कर रहे है ।
रही बात जो लोग ये ज्ञान देते हैं कि शिक्षक को राजनीति नहीं करनी चाहिए उनको ये पता होना चाहिए कि राजनीति करने का ठेका केवल भ्रष्ट लोग , अपराधी लोग , किसी राजनीतिक परिवार के लोगों ने नहीं ले रखा है । देश और राज्य को सुधारने के लिए पढ़े लिखे समझदार और ईमानदार लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि वे भी राजनीति में ना केवल सक्रिय रहे बल्कि बड़ी ज़िम्मेदारी वाले पद में जाएँ @JmmJharkhand@HemantSorenJMM@narendramodi@AmitShah@himantabiswa@ChouhanShivraj@yourBabulal@amarbauri@kunalpratap86@offcrfoundation
कांग्रेसी बन्ना गुप्ता ने कहा कि- “अगर कोई हिंदू किसी मुसलमान की तरफ़ टेढ़ी आंख उठाकर देखेगा तो वो दीवार बनकर खड़ा हो जाएंगे”
हिन्दू विरोधी कोंग्रेसी बन्ना गुप्ता का ये बयान सुनिए - और देखिये इन कोंग्रेसियों मे कितना जहर भरा है हिन्दुओं के लिए 😡
लेकिन सवाल यह है कि - बन्ना गुप्ता ने ये नहीं बताया कि अगर कोई मुसलमान हिंदुओं पर हमला करता है तो वे क्या करेंगे?🧐
इसके बाद भी अगर जमशेदपुर के हिन्दुओं ने इसको वोट दिया तो भगवान ही बचाए!
#JharkhandAssemblyElections
#JharkhandAssemblyPolls2024
याद रखना वो वादा ख़िलाफ़ी , याद रखना वो दर्द
जिसने दिया है दर्द सबक़ उसे सिखाना है
वो नियुक्ति वर्ष के बार बार झूठ
हर परीक्षा में धांधली
मंत्री के घर से एडमिट कार्ड मिलना
CGL को पाँच वर्ष तक लटकाना
उत्पाद सिपाही में 19 बच्चों की मौत
अब शक्ति आपके हाथ में है
#Abki_baar_jmm_saaf
@JmmJharkhand@himantabiswa@OfficeofSSC@yourBabulal@amarbauri
बिल्कुल सही कहा भाभी।।उसी तरह आपको बता दूं कि युवा आपको सर पर चढ़ाए थे और लिख कीजिए इस बार युवा ही आपकी सरकार को पटक देगी।।बस देखते जाइए।
समय बहुत बलवान होता हैं सबका न्याय करता है।
@JMMKalpanaSoren@BikerGirlkancha@ExamsFighters
पेपर लीक करवाने वाली इस निकम्मी हेमंत सरकार को प्रदेश के युवाओं ने मुंहतोड़ जवाब देने एक सुर में ठाना है- न सहेंगे, न कहेंगे, बदल के रहेंगे।
#ByeByeHemant#JSSCPaperLeak
भाजपा के पास वॉशिंग मशीन है ऐसा विरोधी पार्टी वाले कहते हैं l अगर वॉशिंग मशीन है तो फिर इनको ऐसे क्यों धो रहे हैं❓
Another brutal attack on JMM, Congress & RJD by BJP IT Cell.
@BJP4Jharkhand@BJP4India
जामताड़ा की जनता ने जिस नेता पर विश्वास किया, वही डॉ. इरफान अंसारी आदिवासियों के प्रति अपनी असंवेदनशीलता और असम्मान की भाषा बोल रहे हैं। विधानसभा में बाबूलाल मरांडी जी पर चर्चा के दौरान डॉ. अंसारी ने यह कह दिया - 'आदिवासी इतने तेज़ कैसे हो गए?' क्या हमारे आदिवासी समाज का तेज़ी से आगे बढ़ना, पढ़ना-लिखना और अपनी पहचान को सशक्त करना इन्हें चुभता है? क्या आदिवासी समाज का विकास इन्हें स्वीकार नहीं?
हम आदिवासी समाज के लोग हमेशा से परिश्रमी, ईमानदार और निडर रहे हैं। हमारा इतिहास साहस और संघर्ष से भरा है, फिर भी हमारे सम्मान को ठेस पहुँचाने वाले लोग अपनी मानसिकता से बाज नहीं आते।
हमारे परिवार ने हमेशा आदिवासी समाज के लिए आवाज़ उठाई है, चाहे वह मेरे पिता, दिवंगत दुर्गा सोरेन जी का संघर्ष हो या फिर मेरी मां श्रीमती सीता सोरेन जी का समर्पण।
आज मैं आपसे अपील करती हूँ कि जो लोग आदिवासियों की प्रगति पर सवाल उठाते हैं, उन्हें चुनाव में ज़रूर जवाब दें।
जय झारखंड! 🙏🏻