رسول اللہ صلی اللہ علیہ وسلم نے فرمایا:
میرے صحابہ کو برا بھلا نہ کہو، اس ذات کی قسم! جس کے ہاتھ میں میری جان ہے، اگر تم میں سے کوئی احد ( پہاڑ ) کے برابر سونا خرچ کر دے تو وہ ان کے ایک مد یا نصف مد کے برابر بھی نہ ہو گا۔
(سنن ابی داؤد، ۴۶۵۸)
मुसलमान वो भी मन्दिर के दान का पैसा लेगा पिंकी पागल हो गया है
हम फितरा जकात खैरात सब देते हैं तेरे पैसे की कोई जरूरत नहीं होती है पागल तू दान तो नहीं करता होगा सब्जी पूरी बाटने वाला जब ये बोलता है इसको कोई मुस्लिम नहीं खाए तो तू मंदिर पैसे कैसे दे सकता है तू चंदा चोरी कर सकता है
हिजाब पहनी मुस्लिम छात्रा ने U.S. हाई स्कूल ग्रेजुएशन समारोह में महिला प्रेजेंटर से हाथ मिलाया, लेकिन गैर-महरम पुरुष प्रेजेंटर से हाथ मिलाने से इंकार कर दिया।
इसके बाद उसने जीत के अंदाज़ में हाथ उठाकर अपनी खुशी जाहिर की। #Hijab#MuslimStudent#Muslims
मुसलमान को अगर कोई सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचा सकता है तो वो ख़ुद मुसलमान है,पहली बात CJP के धरने में यह चाचा करने क्या गए थे? दूसरा क्या नमाज अदा करने के लिएं मस्जिद नहीं थी?बेशक नमाज़ अपने मुकर्रर वक्त पर अदा करना फ़र्ज़ है लेकिन इसका एहतराम भी लाज़मी है।
◀️حدیث نبویﷺ
حضرت زید بن ارقم رضی الله تعالٰی عنہ سے روایت ہے رسول اکرمﷺ نے فرمایا میں تم میں ایسی دو چیزیں چھوڑ رہا ہوں اگر تم نے ان کو مضبوطی سے تھامے رکھا تو میرے بعد ہر گز گمراہ نہ ہوگے، ان میں سے ایک دوسری سے بڑی ہے، ﷲ تعالٰی کی کتاب آسمان سے زمین تک لٹکی ہوئی
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नाजिया इलाही के खिलाफ अब भाजपा के लेटरहेड पर भी लिखकर शिकायत दर्ज करवाई गयी है।
मुहम्मद साहब के नाजिया द्वारा अपमान के बाद इस व्यक्ति का ये दावा दिलचस्प है। नाजिया की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही।
#ArrestNaziaElahi के कमेंट्स की गूंज नरेंद्र मोदी @narendramodi तक पहुँचनी चाहिए।
Urse Noori Mubarak
Af'aalo Aqwaal Me Noori Noori Hai Har Haal Me Noori
Noori Surat Noori Sirat Mufti-E-Aazam Zindabad
Aalim O Faazil, Rahbar O Waasil, Peer O Wali, Sultan E Amaasil
Ya'ani Ibne Aala Hazrat
Mufti E Aazam Zindabad
Aap Pe Qurbaan Ahle Aqeedat
❤Mufti E Aazam❤
भाई, उसे छोड़ दो, जाने दो...लड़कियां गुहार लगाती रहीं, लेकिन स्वघोषित 'गौ रक्षकों' को तो अपनी नफ़रत का कोटा पूरा करना था।
एक मुस्लिम युवक को शक के आधार पर बेरहमी से पीटा गया, और जब फोन चेक हुआ तो आरोप पूरी तरह झूठे निकले।
क्या ऐसे ही किसी हिंदू को शक के आधार पर मुसलमान पीट सकता है ?
रक्षक के भेष में घूम रहे इन भगवा आतंकियों को जेल कब भेजा जाएगा?
#आशिक_ए_रसूलﷺ💚
[ क्या आशिक लफ्ज़ एक बाज़ारु लफ्ज़ है ? और यूँ नही कहना चाहीये कि मै आशिके रसूल हूँ ? ]
जी नही
जो इसको बज़ारु लफ्ज़ कहे या तो वो जाहील है या खुद बज़ारु है
आशिक लफ्ज़ एक उर्दु लफ्ज़ है जिसका मानी होता है किसी पर फिदा होना
बेपनाह मोहब्बत करना ,
तालिब,
पसंद करना
आरीफ ए कामिल
ये मतलब होता है
रही ये बात कि माँ बहन के लिये ये लफ्ज़ इस्तेमाल क्यों नही करते ? अगर अच्छा है तो ?
इसलिये कि आशिक का मानी होता है बेइंतिहा मोहब्बत करने वाला
माँ बहन से मोहब्बत तो होती ही है लेकिन इंतिहा को मोहब्बत पहुँच जाए ये नही होता
ये खुबी है कि मोहब्बत एक सच्चा मुस्लमान सिर्फ अल्लाह व उसके रसूल ﷺ से ही करता है और अल्लाह व उसके रसूल के लिये वो माँ बहन बेटी सबकुछ छोड़ सकता है
अगर फिदा के मानी मे आशिक कहा जाए तो तब भी एक सच्चा मुस्ललमान अल्लाह व उसके रसूल पर माँ बाप को फिदा कर सकता है
सहाबा किराम कहते भी थे कि फिदा का या रसूल्लाह फिदा का या उम्मी व अबी मेरे माँ बाप आप पर कुरबान
हाँ पसंद के मानी मे माँ बाप के लिये आशिक का लफ्ज़ इस्तेमाल किया जा सकता है
लेकिन पसंद कि इंतिहा भी हुजुर अलहीस्सलाम पर ही खत्म होती है
रसूल्ल्लाह ﷺ कि पसंद पर हर पसंद कुरबान करने को तय्यार रहता है एक सच्चा मुस्लमान
इस ज़ालिम और मक्कार औरत को हिरासत में लो जिसने हमारे पैगंबर के बारे में अपशब्द बोले हैं इतनी FIR होने के बाद अभी तक इस महिला की गिरफ़्तारी नहीं हुई अगर इसकी गिरफ़्तारी नहीं हुई तो हम सब इसके खिलाफ धरने पर बैठ जाएंगे
इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता, उसका सिर्फ़ एक नाम होता है मोहब्बत।
सहारनपुर की सुनीता अरोड़ा 180 किलोमीटर का सफर तय करके जंतर-मंतर सिर्फ़ इसलिए पहुँचीं क्योंकि उन्होंने रोज़ एक नौजवान, मोहम्मद जुनैद, को बिना किसी भेदभाव के लोगों की मदद करते देखा था।
मुलाकात होते ही सुनीता जी की आँखें भर आईं। उन्होंने कहा "बेटा, तेरी माँ तुझसे मिलने सहारनपुर से आई है ऐसे ही हिंदू-मुस्लिम एकता और इंसानियत की मिसाल बनकर लोगों की सेवा करते रहना" यह दृश्य बता गया कि नफ़रत की दीवारें चाहे जितनी ऊँची हों, इंसानियत और मोहब्बत उन्हें हमेशा पार कर जाती है।
यही है भारत की असली पहचान प्यार, भाईचारा और इंसानियत।