द वायर की पत्���कारिता और पत्रकारिता की चाह रखने वालों की ऐतिहासिक जीत हुई है। गोदी मीडिया में काम करने वालों को मेरी एक सलाह है। अपने गोदी संपादकों/ऐंकरों की आँखों में देखिएगा जब वे नज़रें बचाकर दबे पाँव न्यूज़ रूम में चल रहे होंगे। गोदी मीडिया भारत के लोकतंत्र का हत्यारा है।