23 दिन अनशन करने के बाद जिस ऊर्जा के साथ @neha_aisa ने मोदी की कायर सरकार और @DelhiPolice को ललकारा उनके ज़ज़्बे को सलाम है।
ये लाइन जरूर सुनना “हम याद रखेंगे एक-एक जुर्म याद रखेंगे”
अरे Sir आ गए आप आपका टाइम तो 8 बजे का रहता है, आप तो आज 12 बजे प्रकट हुए महाराज अच्छा आपको “मुसद्दा” भी मिल गया, मैंने तो सोचा आपको मसौदा मिला होगा, कोई बात नही।
ये फास्ट ट्रैक कोर्ट की नौटंकी आप न करें,
कोर्ट के सामने आपकी CBI सबूत ही नहीं रखेगी तो कोर्ट क्या कर लेगी?
आज ही आपकी CBI ने कहा “पेपर लीक में पकड़े गए संजीव मुखिया के ख़िलाफ़ कोई सबूत नही”
2024 पेपर लीक में तो आपकी CBI ने 90 दिन तक चार्ज शीट ही दाख़िल नही की और सारे “पेपर चोर” छूट गए।
कल रात को 12 बजे प्रधानमंत्री जी ने ऐलान किया कि पेपर लीक के लिए सोमवार को संसद में फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के लिए क़ानून लाया जाएगा।
मोदी जी का दिया आश्वासन कितना खोखला है, ये कल ख़ुद ही साबित हो गया।
2024 NEET पेपर लीक के mastermind को कल CBI ने कोर्ट में निर्दोष घोषित कर दिया। अगर ऐसी ही जाँच करनी है, अगर आपको सुबूत ही नहीं पेश करने, तो fast-track courts का नाटक क्यों?
मोदी जी, आपकी नीयत में ही खोट है।
Whoever is facing internet issues at Jantar Mantar and unable to post anti Modi content, can go to the BJP HQ and post! Wahan aapke liye internet chal raha hai 😊
"मैं नरेंद्र मोदी को धन्यवाद कहना चाहता हूं क्योंकि अगर वो सोनम वांगचुक को यहां (जंतर-मंतर) से ना हटाते तो हमारा आंदोलन इतना बड़ा नहीं बनता..."- अभिजीत दीपके
ये वीडियो देखिए, आपकी आँखों में आँसू आ जायेंगे। अगर इस जज़्बे के साथ देश भर से युवा दिल्ली पहुँच रहे हों, तो इस आंदोलन को दुनिया की कोई ताक़त नहीं रोक सकती।
सोनम वांगचुक को अनशन स्थल से जबरन हटाना केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध के संवैधानिक अधिकार पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।
लोकतंत्र में असहमति का जवाब संवाद से दिया जाता है, दमन से नहीं। किसी भी सरकार की परिपक्वता उसकी आलोचना सुनने और बातचीत करने की क्षमता से तय होती है, न कि विरोध की आवाज़ को बलपूर्वक दबाने से।
लोकतंत्र की असली पहचान संवाद, संवेदनशीलता और जवाबदेही है - डर, दमन और चुप्पी नहीं।
इतना अहंकार ठीक नहीं है।
उन्हें जबरन उठाने की बजाय, मोदी सरकार को सोनम वांगचुक से बात करनी चाहिए थी।
कॉकरोच आंदोलन को कुचलने की बजाय, देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था सुधारो
सोनम वांगचुक के साथ ज़बरदस्ती मोदी सरकार की हार है।