आदरणीय प्रधानमंत्री जी,
गरीबों, शोषितों, पिछड़ो, दलितों, महिलाओं व शैक्षणिक योग्यता रखने वाले कमजोर सवर्ण उम्मीदवारों के लिए ���ी उच्चतर न्यायपालिका में जज बनने का दरवाज़ा तो बंद था ही अब #लेटरल_भर्ती जैसी असंवैधानिक व्यवस्था से सरकार कार्यपालिका का दरवाज़ा भी क्यों बंद कर रही है?