@Soumyahere99@gautambhatia88@barandbench इस देश मे अधिकतर लोग देश और उसके संविधान को महत्व देने की बजाय । धर्म और धार्मिक आडम्बरो को ज्यादा महत्व देते है। उनके लिए संविधान एक फ़ालतू सी किताब है।
सत्ता धारियों तथा बड़े व्यापारियों ने सत्ता पर पकड़ प्राप्त करने के लिए जानबूझकर कर देश के लोगो के बीच धर्म के महत्व को
@Soumyahere99@gautambhatia88@barandbench डॉ भीमराव अंबेडकर का एक कथन था ,
कि यदि मुझे देश और धर्म मे से किसी एक का चुनाव करना पड़े तो में देश का चुनाव करूंगा ,
यदि देश और समाज मे से किसी एक का चुनाव करना पड़े तो समाज का चुनाव करूंगा ।
"भगवा पहन के आतंक मचा सकते हैं, रेप कर सकते हैं लेकिन फिल्म नहीं बना सकते..."
- @RituChoudhryINC, कांग्रेस प्रवक्ता | @INCIndia
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@Soumyahere99 यदि धर्म को लेकर समस्या है । तो बिना धर्म के भी तो रहा जा सकता है। sc and st समुदाय को मिलने वाले अधिकार तो सुरक्षित रहेंगे।
sc/st समुदाय के लोग चाहे कोई भी धर्म अपना ले ,शोषण तो उनका फिर भी होता ।यदि वो शिक्षित होते ,तो उन्हें किसी भी धर्म की बेड़ियों से बांध पाना मुश्किल होता।