राजनाथ सिंह ने जुलाई 2025 में संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर अपनी बात रखते हुए कहा था
Rajnath Singh: आपको प्रश्न पूछना है तो यह पूछिए कि इस ऑपरेशन में क्या हमारे जांबाज सैनिकों को कोई क्षति हुई है
तो उसका उत्तर है "नहीं"
अब कल भारत सरकार ने उन 6 जांबाज जवानों की सूची जारी की है जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए थे।
मेजर पवन कुमार
राइफलमैन सुनील कुमार
लांस नायक दिनेश कुमार
एविएशन टेक्निशियन मुरलीनाइक
हवलदार सुनील सिंह
सुरेंद्र कुमार IAF
राजनाथ सिंह जी रक्षा मंत्री हैं, देश के सबसे बड़े जिम्मेदार पद पर हैं जहां 140 करोड़ से अधिक भारतीयों की भावनाएं जुड़ी हैं
उन्हें इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए था, देश के जवान शहीद हुए, रक्षा मंत्री जी झूठ बोले और उनके साथी मेज थपथपाकर तालियां मार रहे थे।
पहले सिर्फ टेलीकॉम कंपनियां ही लूटती थीं और उसी रिचार्ज के चलते आप इंस्टाग्राम और फेसबुक पर रील देखते थे, लेकिन अब
टेलीकॉम कंपनियों की तरह ही Meta भी लोगों की जेब ढीली करने आ रही है।
Meta ने अपने 'Plus' प्लान के तहत इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप के लिए सब्सक्रिप्शन प्लान लॉन्च करने जा रही है।
इसके तहत Instagram और Facebook पर आपको $3.99/माह देना होगा जबकि व्हाट्सएप पर $2.99/माह में उपलब्ध होगा।
मशहूर शायर पद्मश्री बशीर बद्र साहब अब नहीं रहे l वे काफी समय से बीमार चल रहे थे l बशीर बद्र को उनकी सादगी और कालजयी गज़लों के लिए हमेशा याद किया जाएगा, उन्होंने 91 वर्ष की उम्र में भोपाल के ईदगाह हिल्स स्थित घर में अंतिम सांस लीl
विनम्र श्रद्धांजलि 😔
तुम लोग जाति और धर्म में उलझे रहो उधर चीन ने अलग कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।
चीन में बैठे बैठे डॉक्टरों ने हैदराबाद के मरीज की सफलतापूर्वक सर्जरी की है।
यानि लगभग 3000 किलोमीटर दूर से,
यह सर्जरी 5G टेक्नोलॉजी और चीन में बनाए गए रोबोटिक सिस्टम की वजह से संभव हो पाई है।
गौर करने वाली बात यह है कि,
जिस डॉक्टर ने यह सर्जरी की है उनका नाम डॉ.सैयद मोहम्मद गौस जो कि भारतीय हैं।
आख़िर क्या वजह रही होगी डॉ. गौस भारत में न रहकर चीन में रह रहे हैं?
Elon Musk ने Mark Zuckerberg के Instagram की तगड़ी बेज़्जती कर दी😃😂
Elon Musk ने एक X पोस्ट के रिप्लाई में Instagram के बारे में लिखा कि
"Instagram is for girls" 😂
वैसे यदि देखा जाए तो यह सच के काफ़ी करीब भी लगता है क्योंकि
Instagram पर जो भी कंटेंट उपलब्ध है वह लगभग नाचने और गाने से संबंधित है जो कि अधिकांश महिलाओं का ही क्षेत्र है।
तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है
मगर ये आंकड़े झूठे हैं ये दावा किताबी है
उधर जम्हूरियत का ढोल पीटे जा रहे हैं वो
इधर परदे के पीछे बर्बरीयत है ,नवाबी है
लगी है होड़ सी देखो अमीरी औ गरीबी में
ये गांधीवाद के ढांचे की बुनियादी खराबी है
तुम्हारी मेज़ चांदी की तुम्हारे जाम सोने के
यहां जुम्मन के घर में आज भी फूटी रक़ाबी है
-अदम गोंडवी-
इसी कहानी को बयां करती हुई और मानवता को तार -तार करती 👇
एक कंकाल की पुकार: जब सिस्टम ने इंसानियत का गला घोंट दिया
कल्पना कीजिए उस बेबसी की, जब एक भाई को अपनी बहन की ममता और यादों को सहलाने के बजाय, उसकी हड्डियों को एक प्लास्टिक की बोरी में भरकर सड़क पर चलना पड़े। ओडिशा के कंधमाल जिले से आई यह तस्वीर किसी भी संवेदनशील इंसान की रूह कंपाने के लिए काफी है।
जीतू मुंडा एक ऐसा नाम जो अब गरीबी और व्यवस्था की क्रूरता का प्रतीक बन चुका है। उनकी बहन कलारा मुंडा दुनिया छोड़ गई, पीछे छोड़ गई बैंक खाते में जमा वो ₹19,300 जो शायद उनके पसीने की आखिरी कमाई थी।
जीतू को उन पैसों की जरूरत थी, लेकिन बैंक की चारदीवारी के भीतर बैठे अधिकारियों को ‘कागज’ चाहिए थे।
एक तरफ नियमों की सूखी फाइलें थीं, और दूसरी तरफ एक अनपढ़ भाई की सिसकियाँ। जब सिस्टम ने कहा कि “सबूत लाओ कि वह मर चुकी है” या “खाताधारक को खुद लाओ,” तो उस निराश भाई ने वही किया जो एक मरती हुई मानवता का अंतिम प्रलाप था।
उसने कब्र खोदी, अपनी बहन का कंकाल निकाला और उसे कंधे पर लादकर 3 किलोमीटर पैदल चलकर बैंक के दरवाजे पर रख दिया।
वह कंकाल सिर्फ हड्डियों का ढांचा नहीं था, वह हमारे डिजिटल इंडिया और शिक्षित समाज के चेहरे पर एक जोरदार तमाचा था। वह मूक हड्डियाँ चीख-चीख कर पूछ रही थीं “क्या कागजों की कीमत इंसान की गरिमा से बड़ी है?”
यह घटना हमें तीन महत्वपूर्ण पहलुओं पर सोचने को मजबूर करती है👇
नियमों में संवेदना का अभाव:
नियम व्यवस्था बनाए रखने के लिए होते हैं, इंसानों को प्रताड़ित करने के लिए नहीं। जब कोई व्यक्ति इतना लाचार हो कि वह दफन हो चुके शव को बाहर निकाल लाए, तो समझ लेना चाहिए कि हमारा सिस्टम डेड (मृत) हो चुका है।
अंतिम छोर के व्यक्ति की अनदेखी:
हम चाँद पर पहुँच रहे हैं, लेकिन हमारे अपने ही देश का एक हिस्सा आज भी इतना अशिक्षित और गरीब है कि वह एक मृत्यु प्रमाण पत्र तक नहीं बनवा सकता। क्या प्रशासन की जिम्मेदारी सिर्फ ऑफिस में बैठने तक सीमित है?
क्या ग्राउंड लेवल पर ऐसे लोगों की मदद करने वाला कोई नहीं?
हमारी सामूहिक चुप्पी:
यह घटना समाज की उदासीनता को भी दर्शाती है। 3 किलोमीटर तक एक व्यक्ति कंकाल लेकर चलता रहा, क्या किसी ने उसे रोकने या उसकी मदद करने की कोशिश की? 😥😥🥹🥹
बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के पास जितनी डिग्रियां थीं उतनी तो उन्हें हेट करने वालों के घर में खिड़कियां नहीं होंगी🔥
बाबा साहेब की डिग्रियां देखकर आँखें खुली की खुली रह जाएंगी।
BA
MA
PhD
MSc
Bar at law
DSc
LLD
DLitt
मैं दावे के साथ कहता हूँ कि इनमें से अधिकांश डिग्रियों का तुम्हें फुल फॉर्म भी नहीं आता होगा।
यूँ ही नहीं बाबा साहेब इस दौर के सबसे महान व्यक्तित्व हैं।
राजस्थान की सुपर जम्बो जॉइंट फैमिली !!!!!
1. 185 सदस्य
2. 700 बीघा खेती
3. 12 कार
4. 80 टू व्हीलर
5. 11 ट्रैक्टर
6. 10 बच्चे हर साल जन्म
7. लगभग हर रोज b'day
8. अनलिमिटेड आनंद
9. अनलिमिटेड सम्पन्नता
10. कलयुग में ऐसा सुखी संपन्न परिवार मिलना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है 😀😀
इन मोहतरमा का कहना है, इनकी नई नई शादी हुई है इनका पति इन्हें बिल्कुल भी समय नहीं दे पा रहा है।
पति बेचारा आपको कैसे समय दे पाएगा?
उसे आपके मेकअप के खर्चे भी उठाना है।
उसे आपको शॉपिंग भी कराना है।
उसे आपको लेकर रेस्टोरेंट भी जाना है।
उसे आपके मेडिकल खर्चे उठाना है।
उसके कंधे पर मां बाप की भी जिम्मेदारियां हैं।
अगर यही मर्द बेचारा सारा काम धंधा छोड़कर पूरे दिन तुम्हारे साथ रहे तो भी तुम उसे छोड़कर चली जाओगी।
क्योंकि तब तुम कहोगी,
उसके पास पैसे ही नहीं थे।
सारे दिन घर में पड़ा रहता था।
न कभी शॉपिंग कराता था।
न कभी बाहर लेकर जाता था।
मर्द चाहे जितनी मेहनत कर ले, फिर भी किसी न किसी बात में कमी निकाल दी जाती है
@aryankumar86@grok अरे भाई पूरी तरीके से लग रहा है कि AI जेनरेटेड है। क्योंकि वीडियो में बाइक ब्लास्ट होते हुए दिख रही है, जोकि मुमकिन नहीं है बिना किसी उत्तेजक के।