संयोग देखिये की हमारे देश के यूनियन मिनिस्टर जो मर्जी गोबर बक के चले जाते है।
प्रोपोगंडा प्रोपोगंडा - अरे भाई, 15 मिनट लगेंगे तुम लोगों को, वो स्टडीज जिसके बेसिस पे E20 लागू हुआ है, पब्लिक कर दो।
बट गॉड डैम।
And every ffffng time, ye kisan ka virodh hai, ye bharat ka virodh hai .. - 5 din pehle ye oil minister dikhta bhi nhi tha. Gadkari chala rha hai iski ministry... Abhi isko saare virodhi dikh rhe hai.
Herdeep puri is kisan virodhi.. bharat virodhi.
Isko kya lagta hai.. jo log gaadi chalate hai..woh bharat nhi hai.. woh kenya ke hai kya?
Woh bhi toh Bharat hi hai!!!!!!!!
Dainik Bhaskar reports ... A scam. An Ethanol scam. Which is weird because Ethanol itself is a scam then how can one do scam of Ethanol.
#amitkilhor#kilhor#ethanol#scam
एमपी में एथेनॉल प्रोडक्शन के नाम पर ₹1160 करोड़ के सरकारी चावल का घोटाला: सरकार प्लांट्स को 4 हजार रुपए का चावल 2320 रुपए में दे रही, ये चावल एनीमिया-कुपोषण से बचाने के लिए विटामिन और मिनरल्स मिलाकर तैयार किए जाते हैं, देखें पूरी रिपोर्ट
पूरा वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें- https://t.co/iDai3nJNjY
#MPNews #HindiNews #Ethanol #RiceScam #E20Petrol #EthanolProduction
यह युवक हर हफ्ते अपनी गाड़ी नेपाल ले जाकर टंकी फुल करा लाता हैं ,
वीडियो में बता रहा हैं कि जब अपने यहां से E 20 वाला पेट्रोल डालता हैं तो गाड़ी 12 से 13 का एवरेज देती हैं ,
लेकिन जब वो नेपाल का तेल डालता हैं तो उसकी गाड़ी 26 का एवरेज देने लगती हैं !
मजे की बात ये हैं कि नेपाल भी हमसे ही तेल खरीदता हैं !
गडकरी जी कह रहे हैं कि एथेनॉल ब्लेंडिंग से सिर्फ कुछ परसेंट तक माइलेज कम होगा लेकिन लोगों की गाड़ी का 30 से 40 परसेंट माइलेज गिर गया हैं!
BJP ने दुर्विजय सिंह शाक्य को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया. इसके बाद नेता जी ने अपने स्वागत का भव्य कार्यक्रम रखा.
बरेली से बदायूं तक रैली निकली. जगह-जगह रुक कर स्वागत हुआ. ऐसे में भयंकर जाम लग गया.
इस जाम में फंसकर कई लोगों का TET का पेपर छूट गया.
मैं बस इतना कहूंगा- क्या देशहित में आप एक पेपर नहीं छोड़ सकते? नेता जी का स्वागत बार-बार थोड़े होगा, आपका पेपर तो अगले साल फिर हो जाएगा.
थोड़ा सब्र कीजिए, देश का सोचिए.
ये नितिन गडकरी का बहुत ही आपत्तिजनक बयान है!
इथेनॉल मिले पेट्रोल से तमाम समस्याएं हो रहीं हैं लेकिन नितिन गडकरी को ये “लॉबिज़” का काम लग रहा है! देश की जनता की तरफ़ से व्यक्त हर तकलीफ़ को ‘पैसा के बूते चलाया जा रहा कैंपेन’ बताना गडकरी का ओवर कॉन्फ़िडेंस दिखाता है। उल्टा विपक्षी पार्टियों का आरोप तो ये है कि अपने बेटे के बिज़नेस में फ़ायदा पहुँचने के लिए नितिन गडकरी ने इथेनॉल नीति बनायी है।
ख़ैर, जनता जब अपने कार-बाइक का कबाड़ इनके दरवाज़े पर रखना शुरू कर देगी तब शायद इनको एहसास होगा कि मंत्री पद के अहंकार में ये कितना आगे निकल चुके हैं!
Is Gadkari the Agriculture Minister?
No. ❌
Is Gadkari the Petroleum Minister?
No.❌
Does Gadkari's ministry have anything to do with sugar?
No.❌
Does Gadkari have any business interests with the sugar industry?
Yes.✅
69 हज़ार शिक्षक भर्ती ने योगी सरकार के "सामाजिक न्याय" के दावों की परतें उधेड़ दीं।
OBC, SC और ST वर्ग को संविधान के अनुसार जितना आरक्षण मिलना चाहिए था, वह नहीं मिला। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी गंभीर अनियमितताओं की ओर इशारा किया और सरकार को अतिरिक्त चयन सूची जारी करनी पड़ी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब संविधान स्पष्ट है, तो आरक्षण का हक़ किसके दबाव में छीना गया? ST के पद तक खाली छोड़ दिए गए। क्या यही भाजपा का सामाजिक न्याय है?
योगी सरकार को जवाब देना चाहिए कि वह दलित, पिछड़े और आदिवासी समाज को सत्ता और नौकरियों में वास्तविक भागीदारी देना चाहती है, या केवल चुनावी मंचों से उनका नाम लेकर वोट लेना चाहती है। सामाजिक न्याय भाषणों से नहीं, नियुक्तियों और प्रतिनिधित्व से साबित होता है।
मणिपुर सालों से जल रहा है, और आज फिर नफ़रत और हिंसा की आग में 20 घर राख हो गए।
दो सरकारों और राष्ट्रपति शासन के बावजूद संघर्ष गहराता ही जा रहा है। हज़ारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, अनगिनत परिवार उजड़ गए हैं - मणिपुर जिस असहनीय पीड़ा से गुज़र रहा है, उसकी कल्पना भी मुश्किल है।
यह मोदी सरकार की उस विभाजनकारी विचारधारा का नतीजा है, जो लोगों को धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र और पहचान के नाम पर बाँटती है।
आज मणिपुर ही नहीं, पूरा देश प्रधानमंत्री से संवेदना के दो शब्द की भी उम्मीद छोड़ चुका है, कार्रवाई की बात तो दूर गई।
मणिपुर बेहतर का हक़दार है - और इसके लिए भारत जोड़ना ही एकमात्र रास्ता है।
एथेनॉल वाले मामले पर मैं मोदी सरकार के साथ हूं.
मोदी जी पेट्रोल में एथेनॉल मिलवा रहे हैं, तो कुछ सोचकर ही मिलवा रहे होंगे.
और क्या आप देश के लिए अपनी गाड़ी कुर्बान नहीं कर सकते?
सब मोदी जी ही करेंगे और आप देशद्रोही की तरह बस मलाई खाएंगे. शर्म नहीं आती.
कुर्बानी देनी होगी.