बधाई NDA के सभी विधायक और पार्टी प्रमुख कार्यकर्ता को ..
बधाई विशेष रूप से श्रीमान के राजू जी और कांग्रेस के सभी माननीय 6 विधायक जी को ..
@BJP4India@BJP4Jharkhand@mpparimal
झारखंड राज्यसभा चुनाव में एनडीए समर्थित प्रत्याशी श्री @mpparimal जी के विजयी होने के पश्चात प्रदेश अध्यक्ष श्री @AdityaPdSahu जी, नेता प्रतिपक्ष श्री @yourBabulal जी और महामंत्री (संगठन) श्री @bjpkarmveer जी ने शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायकगण मौजूद रहे।
झारखंड से राज्यसभा चुनाव में विजयी होने पर श्री @mpparimal जी को हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ।
यह विजय झारखंड के विकास एवं जनहित के प्रति आपकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। आशा है कि आप राज्यसभा में झारखंड की जनता की अपेक्षाओं और मुद्दों को प्रभावी रूप से उठाते हुए राज्य एवं राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे तथा यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के सुशासन और जनकल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
आपके सफल एवं जनहितकारी कार्यकाल हेतु मंगलकामनाएं।
#Congratulations 💐
@BJP4India@BJP4Jharkhand
📢 महत्वपूर्ण सूचना
प्रिय जमशेदपुर पूर्व विधानसभा की सम्मानित जनता,
राज्यसभा चुनाव एवं संगठनात्मक कार्यों के कारण पिछले कुछ दिनों से मेरा रांची प्रवास चल रहा है। इस दौरान किसी भी समस्या, जनसुविधा संबंधी कार्य अथवा आवश्यक सहायता के लिए आप हमारे विधायक प्रतिनिधि श्री गुंजन यादव जी एवं कार्यालय प्रभारी श्री मनोज चौधरी जी से संपर्क कर सकते हैं।
विधानसभा क्षेत्र में मेरी अल्पकालिक अनुपस्थिति से हुई असुविधा के लिए खेद है। शीघ्र ही आप सभी के बीच उपस्थित रहूँगी। आपका स्नेह, विश्वास और सहयोग ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है।
सादर। 🙏🏻
पहले डीजीपी अनुराग गुप्ता, अब महाधिवक्ता राजीव रंजन!
एक ने सत्ता के संरक्षण में पनप रहे भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने का काम किया, तो दूसरे ने सरकार के हर सही-गलत फैसले को कानूनी वैधता का जामा पहनाने की कोशिश की। संवैधानिक पदों पर बैठे इन अधिकारियों की जवाबदेही झारखंड की जनता और संविधान के प्रति होनी चाहिए थी, लेकिन व्यवहार ऐसा रहा मानो उनकी निष्ठा सिर्फ हेमंत सोरेन और सत्ता बचाने तक सीमित हो।
अवैध खनन, शराब घोटाला, जमीन घोटाला, रंगदारी, ट्रांसफर-पोस्टिंग में उगाही...इन सबने झारखंड को खोखला करने का काम किया। विडंबना देखिए, जनता की गाढ़ी कमाई से करोड़ों-अरबों रुपये खर्च कर इन्हीं घोटालों पर लीपापोती की गई और मुख्यमंत्री को पाक-साफ साबित करने की कवायद चलती रही। डीजीपी और महाधिवक्ता जैसे पदों पर बैठे लोग अगर सत्ता के “सारथी” बन जाएं, तो लोकतंत्र कमजोर और भ्रष्टाचार बेलगाम हो जाता है।
सत्ता की चाटुकारिता में डूबे अधिकारियों को अब भी चेत जाना चाहिए। सरकारें बदलती हैं, कुर्सियां बदलती हैं, लेकिन जनता सब देखती और याद रखती है। संविधान किसी दल या व्यक्ति विशेष की जागीर नहीं है। पद अस्थायी है, लेकिन जवाबदेही, जनविश्वास और इतिहास का फैसला स्थायी होता है।
@BJP4India@narendramodi@AmitShah@NitinNabin@blsanthosh@BJP4Jharkhand
इस रिपोर्ट में दिख रहा है कि साहिबगंज प्रखण्ड कार्यालय के एक कर्मी के आवासीय परिसर में छात्राओं के बीच बांटे जाने वाली ये साइकिलें रखे-रखे सड़ गईं। दिव्यंगों को दिए जाने वाली ट्राइ साइकिल भी धूल फांक रही है। कैसे हो गया ऐसे ? @dc_sahibganj
इरफ़ान अंसारी जिस प्रकार से अपने बड़बोलेपन से मातृशक्ति का अपमान कर रहे हैं, इसका नतीजा उन्हें आने वाले चुनावों में भुगतना पड़ेगा।
: श्रीमती @sahupurnima0818 जी, विधायक
झारखंड के लाखों युवा दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, लेकिन झामुमो राज में उन्हें नौकरी नहीं, सिर्फ पेपर लीक, घोटाले और निराशा मिल रही है। जिस युवा ने रोजगार की उम्मीद में वोट दिया था, वही आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। आखिर पेपर लीक माफियाओं पर कार्रवाई कब होगी और मेहनत करने वाले युवाओं को नौकरी कब मिलेगी?
झारखंड मुक्ति मोर्चा के आधिकारिक X हैंडल से झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, वरिष्ठ जननेता एवं हमारे अभिभावक आदरणीय रघुवर दास जी के लिए जिस अमर्यादित और असम्मानजनक भाषा का प्रयोग किया गया है, वह अत्यंत निंदनीय है।
राजनीति में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी और अपमानजनक भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। एक जिम्मेदार राजनीतिक दल से ऐसी भाषा की अपेक्षा नहीं की जा सकती।
मैं झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व से मांग करती हूं कि वे इस आपत्तिजनक पोस्ट के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें तथा इसे तत्काल हटाएं।
झारखंड की राजनीति संवाद, तर्क और जनहित के मुद्दों पर होनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत अपमान और अभद्र भाषा पर।
आदरणीय रघुवर दास जी का सार्वजनिक जीवन संघर्ष, सेवा और जनसमर्पण का रहा है। उनका अपमान वास्तव में उन लाखों कार्यकर्ताओं और समर्थकों का अपमान है जो उन्हें अपना मार्गदर्शक मानते हैं।
"जब तर्क समाप्त हो जाते हैं, तब अपशब्दों का सहारा लिया जाता है।"
@JMMKalpanaSoren@JmmJharkhand@HemantSorenJMM
झारखंड विधानसभा में लगा ही नहीं कि कांग्रेस सरकार का हिस्सा है!
एनडीए समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी का पर्चा खारिज करने की मांग लेकर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। इसमें उसे किसी सहयोगी दल का साथ नहीं मिला।
विधानसभा में कई जगह पर मंत्रियों को भी रोक गया। मंत्री भड़के, गुस्साए। लेकिन नतीजा....@ShilpiNehaTirki@DipikaPS@IrfanAnsariMLA
हॉर्स ट्रेडिंग ( घोड़ा की ख़रीद बिक्री ) क्या कांग्रेस अपने विधायक को घोड़ा 🐎 बोल रही है ?
अगर हाँ तो अपना घोड़ा 🐎 को बाँध कर रखो और हरा चारा देते रहो ..
फिर चारा ट्रेडिंग मत बोल देना ..
@BJP4Jharkhand
झामुमो, कांग्रेस में अटूट दोस्ती कांग्रेस को हासिल क्या?
कांग्रेस के धीरज साहू राज्यसभा के सांसद थे। कल्पना सोरेन को विधानसभा का चुनाव लड़ाया जाना था। उनके लिए उपयुक्त सीट की तलाश जारी थी। गांडेय सीट से कल्पना सोरेन को उतारने का फैसला लिया गया। सरफराज अहमद को एडजस्ट किया जाना था। तब कांग्रेस ने धीरज साहू की रिक्त हो रही सीट पर दावेदारी छोड़ी और झामुमो से सरफराज अहमद राज्यसभा पहुँचें।
लोकसभा चुनाव 2024 में चाईबासा की सीटिंग सीट कांग्रेस ने छोड़ी, इस सीट पर झामुमो को सहयोग दिया। भारी मत से झामुमो यह सीट जीती।
सोचिये, उसी वक्त लोहरदगा में कांग्रेस के सुखदेव भगत लोकसभा का चुनाव लड़ रहे थे। झामुमो के विधायक चमरा लिंडा उनके खिलाफ ही लड़ गए। आज चमरा लिंडा झारखंड सरकार में मंत्री भी हैं।
अब इतना करने के बाद भी कांग्रेस, सहयोग के लिए झामुमो की ओर टकटकी लगाए बैठी है, तो कैसे दोस्ती?
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री नितिन नवीन जी के 6 जून को झारखंड आगमन पर उनका हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन।
उनके आगमन से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और ऊर्जा का संचार होगा तथा उनके नेतृत्व में भाजपा और अधिक सशक्त होकर जनसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाएगी। 🙏🌷
: श्री @yourBabulal जी, नेता प्रतिपक्ष
झारखंड के छात्रों के भविष्य के साथ झामुमो-कांग्रेस सरकार ने बड़ा खिलवाड़ किया है। सरकार की लापरवाही और BIT Mesra के साथ MOU का समय पर नवीनीकरण नहीं होने से राज्य के छात्रों को मिलने वाला 50% झारखंड कोटा समाप्त हो गया। इसके साथ ही बीटेक की करीब 650 सीटों पर झारखंडी छात्रों को मिलने वाला लाभ और BC-1, BC-2 वर्ग के लिए आरक्षित सीटों की व्यवस्था भी खत्म हो गई। यह फैसला हजारों छात्रों के उच्च शिक्षा के अवसरों पर सीधा प्रहार है। सवाल यह है कि जब MOU नवीनीकरण और छात्रों के हितों की रक्षा की जिम्मेदारी सरकार की थी, तो आखिर झामुमो-कांग्रेस सरकार और उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू क्या कर रहे थे? सरकार की इस उदासीनता का खामियाजा अब झारखंड के युवाओं को भुगतना पड़ेगा।