@RamdasAthawale यही तो समस्या है कि लोगों की दुहाई देकर मलाई तुम जैसे विकसित लोग खा रहे हैं और दबे कुचले वैसे ही रह गए, जब तुम विकसित हो चुके उचक्के क्रीमीलेयर के बाद सामान्य बनोगे तो जो घोर अंधकार वाले हैं उसका सीधा लाभ लेंगे।
"किरोड़ी लाल मीणा" एक ईमानदार नेता हैं और साफ-साफ कह रहे हैं कि जब मैं MLA बन गया, मेरा भाई प्रशासनिक अधिकारी बन गया, तो मुझे आरक्षण की क्या जरूरत है? मेरे बराबर में जो एक और मीणा है, पत्थर तोड़कर अपना गुजारा करता है, उसे आरक्षण क्यों नहीं मिलना चाहिए? क्रीमी लेयर लागू क्यों नहीं होनी चाहिए?
मुझे पहली बार विश्वास हुआ कि कुछ मीना अभी भी ईमानदार हैं, दूसरों का हक नहीं खाना चाहते ..
@Chandanmaurya21 सब कुछ होगा अनुपात में लेकिन ज्ञान के अनुपात में, जिसको जितना ज्ञान उसको उतना अधिकार इसलिए पढ़ो।
संख्याबल के हिसाब से उपद्रव करने पर 1 सवर्ण 100 बुजदिलों के बराबर है तब भी तुम लोग सिर्फ बकलोल ही साबित हो पाओगे।
इसलिए प्रयास करो कि बुद्धिबल बढ़े ताकि हासिल करने में मदद मिले।
बिहार में सवर्णों को गाली दो, धमकी दो, भारत से भगाने की बात करो,कोई कार्रवाई नहीं! लेकिन वही भाषा अगर कोई सवर्ण बोल दे, तो तुरंत कानून, पुलिस, एफआईआर और कार्रवाई की पूरी फौज तैयार हो जाती है।
5-6 लोग बिहार में ऐसे हैं जो खुले मंचों से सवर्णों के खिलाफ अपशब्द, धमकी और नफरत की भाषा बोलें जा रहे हैं जातीय उन्माद और हिंसा बढ़ाने के लिए लोगों को लगातार ललकार रहे हैं,क्या कानून की आंखों पर भी जाति का चश्मा चढ़ा हुआ है? ये दोहरापन आखिर कब तक?
आखिर ये कैसा न्याय है @samrat4bjp जी? कितनी गुहार लगाए आपसे??
लगता है बिहार में नफरत भी बोलने वाले की जाति देखकर तय होती है और कानून भी! आखिर ये Double Standards कब तक?
@myogiadityanath आप दिल्ली में आरक्षण हटाओ आंदोलन का प्रमुख चेहरा नहीं बन सकतें तो दलितों में क्रीमीलेयर का प्रमुख चेहरा बनिए और मोहन भागवत तथा मोदी को ललकारिए जिस तरह इन लोगों ने अवैध कानून की रक्षा के लिए सवर्णों को ललकारा था नहीं तो 1 करोड़ नौकरी देकर भी भाजपा के नाम लुटिया डूबनी ही है।
पूज्य @myogiadityanath महाराज जी,
आप सभी से अपील करें या हार्डिस्ट व्यवहार करें लेकिन जब तक जवाबदेही के लिए कानून नहीं बनेगा तब तक अधिकारी मनमाना रहेंगे।
99% IGRS का बिना निस्तारण किए निस्तारण का रिपोर्ट लगता है तो ये आपके अधिकारियों द्वारा आपके सरकार का नाक काटा जा रहा है।
@myogiadityanath सम्मान दिया?
अपमानित किया क्योंकि महान लड़ाकों को अछूत बनाना कहां का सम्मान है?
उनके कारण भारत 6000 जन्म आधारित जातियों में बंट गया जो मात्र 4 कर्म आधारित वर्णों में था, डॉक्टर साहब चाहते तो अंग्रेजों द्वारा बनाई जातियां समाप्त करके आर्थिक आधार पर कमजोर को आरक्षण मिला होता।
@iChiragPaswan जी एकमात्र ऐसे नेता हैं जो भरत भूषण तिवारी हत्याकांड में दोषी एसपी से लेकर कांस्टेबल तक को गिरफ्तार करा सकते हैं बाकी @ManojTiwariMP वगैरह केवल दलाल हैं।
जनता राज स्थापित करना है तो चिराग पासवान जी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए।
दो जन्मों की सजा एक ही जन्म में पाने वाले वीर सावरकर अंग्रेजों के एजेंट और अंग्रेजी नीति से क्षत्रियों को अछूत बनाने वाले डॉक्टर अम्बेडकर आदरणीय?
इतना दोगलापन कहां से लाते हो?
क्षत्रियों को शोषित, वंचित की श्रेणी में रखना कब से उपलब्धि बन गया?
1942 से 1946 तक का ज्ञान है?
आदरणीय भारतरत्न बाबासाहेब आंबेडकर जी ने शोषितों, वंचितों और भेदभाव के शिकार वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए जो आरक्षण का अधिकार दिया, वह हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। एससी और एसटी के बाद ओबीसी समाज को भी इसका लाभ मिला। हमने हमेशा से महाराष्ट्र में मराठा समाज के आरक्षण की मांग का भी मजबूती से समर्थन किया है।
प्रिय @narendramodi,
अगर देश के समृद्ध, शिक्षित, सभ्य लोग अपने खिलाफ हो रहे अनर्गल के खिलाफ आवाज उठाकर जाहिल और मूर्ख की श्रेणी में आ गए तो ये भिखारी जो उन्हीं के टुकड़ों पर पलता है क्या है?
इस नमकहराम को भारत का सवर्ण समाज किस श्रेणी में रखे?
ऐसे बदतमीज देश को नहीं चाहिए।
आज हम इंटरनेट और Gen-Z के इस आधुनिक युग में आ गए हैं, लेकिन यह देखकर बहुत दुख होता है कि कुछ लोग आज भी सोशल मीडिया पर आरक्षण के संवैधानिक अधिकार को 'भीख' या 'कैंसर' कहकर अपमानित करते हैं। यह सोचकर मन व्यथित होता है कि ऐसी नफरत भरी बातें पढ़कर हमारे आरक्षित और वंचित वर्ग के युवाओं के दिलों पर क्या बीतती होगी।
आज हालात ऐसे बन गए हैं कि कई जगहों पर हमारे युवा अपनी जाति बताने से भी शर्माते हैं। जब मैं इंटरनेट पर आने वाले भद्दे कमेंट्स और उनका हमारे युवाओं पर पड़ने वाला मानसिक परिणाम देखता हूँ, तो साफ लगता है कि कुछ लोग अपनी ओछी राजनीति चमकाने के लिए समाज को किस तरह से तोड़ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर जिस 'क्रिएटिव' तरीके से यह भावनात्मक भेदभाव किया जा रहा है, मैं इसे 'राष्ट्रद्रोह' की तरह देखता हूँ; क्योंकि यह देश को बांटने का काम है। कुछ ताकतों ने हमारे बच्चों के दिलों में बहुत बड़ी गलतफहमी खड़ी कर दी है। उनके मन में द्वेष का जो जहर घोल दिया गया है, हमें उसे हर हाल में दूर करना है।
हम विकास में बहुत आगे आ गए हैं, लेकिन कुछ लोगों की मानसिकता में आज भी बीमारी है। पर मेरे युवा साथियों, हमें निराश नहीं होना है! हमें इस नफरत को प्यार से हराना है और समानता का सपना सच करना है। ऐसे जाहिल लोगों की बातों पर बिल्कुल ध्यान न दें।
आज भी कई बच्चे जाति या पैसे की कमी के कारण अपने मुकाम तक नहीं पहुँच पा रहे हैं। उन सभी को न्याय और अवसर दिलाना ही हमारा लक्ष्य है।
एकजुट रहें, आगे बढ़ें!
तो क्या तू अपनी तोतला है, लंगड़ा है, बहीर है या सरेआम तेरे परिवार को बेइज्जत किया जाता है?
किस हिसाब से तू दलित है, बल्कि सोशल मीडिया पर सरेआम धमकी देने वाला गुंडा है, तुमझे आरक्षण नहीं जेल जाने की जरूरत है।
आरक्षण की अवधारणा को समझना बहुत ज़रूरी है। किसी इंसान की आर्थिक स्थिति उसकी दलित होने की पहचान नहीं बदलती। भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जी ने साफ कहा था जब तक जातीय भेदभाव है, तब तक आरक्षण रहेगा। EWS अलग विषय है वह आज के गरीब सामान्य वर्ग के लिए है, उसे आरक्षण के विरुद्ध खड़ा करना बेईमानी है।
@narendramodi जी,
ये देश अठावले के बाप का है? ये हरामखोरो कुत्ते कुछ भी बोल रहे हैं, सवर्ण समाज कुछ भी बोलने पर आ गया तो ये अपराधी देश छोड़कर भागते नजर आएंगे।
मैं @Meta@facebook@instagram@X@X_indo_ और अन्य सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को स्पष्ट चेतावनी दे रहा हूँ कि आपके प्लेटफॉर्म से यह आरक्षण विरोधी कंटेंट तुरंत हट जाना चाहिए, वरना हमें आपको इस देश से हटाना पड़ेगा!
अगर इन भ्रामक पोस्ट्स की वजह से देश में कोई भी गंभीर कानून व्यवस्था (Law and Order) की स्थिति बिगड़ती है, तो उसकी शत-प्रतिशत जिम्मेदारी Meta और X जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की होगी। जवाबदेही तय करते वक्त किसी भी प्रकार की दया नहीं दिखाई जाएगी।
मुझे अपेक्षा है कि अगले 10 दिनों के भीतर आप यह सारा कंटेंट अपने प्लेटफॉर्म से हटा देंगे। और जो लोग आरक्षण हटाने के मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रहे हैं, वे अपने दिमाग से यह फितूर हमेशा के लिए निकाल दें!
@MIB_India
@BJP4India और भारत की यही पुलिस आज तक भरत भूषण तिवारी के फेसबुक लाइव के दौरान हुए हत्या को समझ नहीं पाई तो इसका मतलब समझा जाए कि पुलिस व्यवस्था केवल सरकारों की दलाली के लिए है?
@BJP4Bihar ने क्रांतिकारी को मरवा दिया?
@MrTiwaree और ये कुत्ता अब्राहमिक तुष्टिकरण के कारण ही 5000 साल से बिना पानी पिए जी रहा था?
क्योंकि रविदास जी के पहले वाली पीढ़ी क्षत्रिय थी, जिसका प्रमाण रविदास जी को मीरा बाई और राणा सांगा द्वारा गुरु बनाना है।
@DelhiPolice@Cockroachisback दिल्ली छोड़ो पूरे भारत में एक भी पुलिस स्टेशन बता दो जहां बिना रुपया लिए काम होता हो तो तुम्हारी बात मानी जाय?
जाहिर सी बात है कि जब काम रुपए से होता है तो ये व्यवस्था सिर्फ और सिर्फ अपराधियों, नेताओं, भ्रष्टाचारियों या धनाढ्यों के लिए उत्तम है।
पुलिस नामक दुकान भ्रष्टाचार है।
@dpradhanbjp@RahulGandhi@INCIndia साले बदतमीज,
तेरे इसी ट्वीट में आने वाले सभी प्रतिक्रियाओं को तू या तेरा आंका मोदी क्यों नहीं पढ़ता कि राहुल गांधी जैसे कुत्ते के सिर पर मढ़कर तू योग्य नहीं हो जाएगा, पूरा देश तुझे गाली दे रहा है।
तुम केवल और केवल जातिवादी मानसिकता के लिए बने हो, उतनी ही तेरी औकात है।
कल इनका वीडियो डाला था...
गालियां दे रहा था PM, CM को
अब सलाखों के पीछे है..
लेकिन गौर से देखें... इसे कोई पछतावा अपने कृत्य पर नहीं
ये फ्यूचर आतंकी है