किसी ने सही कहा था—"जनाब "
औरत हो या मर्द, आखिर चाहिए क्या उसे?
बस ऐसा सुकून चाहिए,
जहाँ दिल में किसी को खोने का डर न हो,
जहाँ मन को ठहराव और रूह को चैन मिले…
फिर सामने चाहे नशा हो,
या रूह से चाहने वाला महबूब। ❤️✍️❤️
रिश्तों को यूँ ही ज़िंदगी से निकाल नहीं देते
पहले समझते हैं,फिर एक मौका देते हैं
कभी दूसरा भी दे देते हैं, रिश्ते बचाने की खातिर
मगर जब दिल कहदे कि अब ये रिश्ता
सिर्फ़ थका रहा है,सुकून नहीं दे रहा
तो फिर मोहब्बत से नहीं
खामोशी से उस रिश्ते पर हमेशा के लिए पूर्ण विराम लगा देते हैं
@FranklinSh8234 Nice line ✍️🌺🥀
मोहब्बत की कीमत हर कोई नहीं समझता,
कुछ लोग रिश्ते भी हैसियत से तौलते हैं।
वरना जहाँ दिल सच्चे हों,
वहाँ दौलत नहीं—निभाने की नीयत मायने रखती है🌺✍️🌺
तीसरा बनना आसान है, मगर रिश्तों में जगह बनाना हुनर है,
किसी को घटाकर खुद को जोड़ लेना कहाँ कोई हुनर है।
तोड़ने वाले तो बहुत मिल जाते हैं ज़िंदगी की राह में,
काश…जोड़कर निभाने वालों का भी कोई हुनर होता,ज़िंदगी का गणित बड़ा साफ़ है
तीसरा जुड़ता है, तो दो में से कोई एक घटता है✍️🌺
@FranklinSh8234 Nice line ✍️🌺
सामने तो हर किसी को इज़्ज़त मिल जाती है—
किसी को पैसों की वजह से, किसी को डर से, किसी को रिश्तों के नाते…
असल इज़्ज़त तो वही है,
जो पीठ पीछे भी दिल से मिले और होंठों पर दुआ बनकर निकले।
बाकी इज़्ज़त नहीं, सिर्फ़ मतलब का लिहाज़ होता है।✍️🌺
@FranklinSh8234 Bilkul sahi 🌺
तजुर्बा उम्र से नहीं, हालात से मिलता है…
वक़्त सिखा देता है कि हर चीज़ वैसी नहीं होती, जैसी पहली नज़र में दिखाई देती है। ✨✍️
@FranklinSh8234 सही कहा आपने… मगर हर दोस्ती को मोहब्बत समझ लेना भी नादानी है।
कुछ लोग दोस्ती का नाम सिर्फ़ इसलिए लेते हैं, ताकि उनकी फ़ितरत पर सवाल न उठे…
वरना सच तो ये है कि कुछ हाथ दोस्ती के लिए बढ़ते हैं,
और उन्हीं हाथों में पीठ पीछे खंजर भी छुपा होता है✍️🌺
जो सच में रूह से चाहे, उसका कोई हिसाब नहीं,
पैसों से बढ़कर उसकी मोहब्बत का कोई जवाब नहीं।
उसका पागलपन, उसका साइकोपन भी मंज़ूर है,
क्योंकि सच्ची मोहब्बत से बढ़कर कोई ख्वाब नहीं। ❤️✍️❤️
@FranklinSh8234 सही लिखा है आपने ✍️🌺
सोने जैसी मोहब्बत की बात ही निराली है,
जहाँ दिल साफ़ हो, वहाँ हर बात प्यारी है…
तोहफ़ा छोटा हो या बड़ा,
नीयत अच्छी हो तो वही सबसे कीमती है।🌺✍️🌺
तुम्हारी चालाकियों का ‘Level’ देखकर दिल करता है,
तुम्हें ‘Gold Medal’ दूँ… मगर क्या करें,
तुमने ही तो कहा था—“देवी हो क्या?”
अब देवी होकर झूठी तारीफ़ कैसे करें…
पीतल को सोना कहना हमारी आदत नहीं! 🥇🥀✍️
तुम्हारी चालाकियों का ‘Level’ देखकर दिल करता है,
तुम्हें ‘Gold Medal’ दूँ… मगर क्या करें,
तुमने ही तो कहा था—“देवी हो क्या?”
अब देवी होकर झूठी तारीफ़ कैसे करें…
पीतल को सोना कहना हमारी आदत नहीं! 🥇🥀✍️
@rajjay007 Ohhh sorry 🌺
यहां से निकले क्योंकि इस दुख में खुद ही फैसला लेना पड़ेगा कोई साथ नहीं देगा आगे बढ़ो क्योंकि जो आपका है वह साथ कभी नहीं छोड़ेगा आगे बढ़ो आप 🌺🙏