@manakgupta@SonuSood सोनू जी अमिताभ व सचिन तेंदुलकर से सीखो जिनको कलाकार और खिलाड़ी के नाम पर टैक्स छूट चाहिए होती है।
फ्री की फरारी पर सचिन को टैक्स छूट चाहिए थी।
आप भी अपने मदद के तरीके बदलो एक ऐन जी ओ बनाओ स्टाफ रखो । मछली पकड़कर खिलाना बंद करो। मछली पकड़ना सिखाओ। वरना निट्ठलो की कमी नहीं है
उन्होंने कोरोना के लिए मस्जिद में नमाज , चर्च में प्रार्थना, सुमैया तारा जैसे बातें कहीं तो किसी ने चूं तक नहीं किया और इधर एक भगवाधारी ने हनुमान चालीसा पढ़ने के लिए क्या बोल दिया इन तथाकथित बुद्धिजीवियों की तो जुटाने चलने लगी..बेन स्टोक्स ये तो हद हो गई हिपोक्रेसी की 🤐
"तुष्टिकरण" ऐसी बीमारी है जिसे हर सरकार ने अपनाया।सरकार के 19मंत्रालयों ने जितनी स्कोलरशिप स्कीमें निकाली हैं उसमे 80% मुस्लिम,7.5% ईसाई,8% अन्य धर्म। सिर्फ 4.5% हिन्दुओं के हिस्से में अाई जिनके टैक्स के पैसे से सारी स्कीमें चल रही हैं। अर्थात ��ेश के संसाधनों पर हिन्दू हक अंतिम।
@kalpanadubey76 बिल्कुल सही कहा। मां ही जब परिवार में हस्तक्षेप करने की कोशिश करती है तो शादियां टूटती है।
अब ये मां लड़की की है या लड़के की समाज में हुए घटनाओं की विवेचना करके पता चल जाएगा।