नेता प्रतिपक्ष ने अनजाने में ही सही, मोदी सरकार के डिजिटल विज़न की सच्चाई स्वीकार कर ली
राहुल गांधी खुद मान रहे हैं कि आज भारत का युवा रोज़ाना 1GB डेटा इस्तेमाल कर रहा है, जो नई अर्थव्यवस्था को गति दे रहा है लेकिन सवाल है यह किफायती और तेज़ इंटरनेट युवाओं तक पहुँचाया किसने?
UPA के दौर में तो डेटा इतना महंगा था की चंद लोगों तक ही सीमित था, आज गरीब से मध्यम वर्ग तक हर हाथ में सस्ता इंटरनेट है।
पता यह चल रहा है कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा झारखंड सरकार पर पैसे पहुंचाने का इतना दबाव बना दिए थे
जिसके कारण झारखंड में खुलेआम नौकरियां बेची जाने लगी
झारखंड का बच्चा-बच्चा यह जानता है कि बगैर पैसा दिए झारखंड में सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती
अवधेश प्रसाद अयोध्या के राजा बनने चले थे,
अब अखिलेश यादव रामगोपाल यादव प्रमोद तिवारी के साथ बैठने के लिए कुर्सी भी नसीब नहीं हो रही...
अवधेश प्रसाद भूल गए कि वह दलित है और एक दलित की समाजवादी पार्टी में कोई इज्जत ही नहीं है
क्योंकि यही समाजवादी पार्टी है जो एक दलित महिला मायावती जी के कपड़े फाड़ दिए थे
अखिलेश यादव ने अवधेश पासी को मदारी का ज़मुरा बना कर रखें हैँ ,बैठने के लिए कहते हैं तो बैठ जाते हैं खड़े होने के लिए कहते हैँ तो खड़े हो जाते हैं
फीलिंग वेरी सैड! 😭☝🏻
अयोध्या के मामले में एक भी साधु संत का नाम नहीं है तब भी देश का विपक्ष संसद के बाहर भगवा वस्त्रो में हिंदुओं को बदनाम करने पर तुला हुआ है।
जो टिन्नू यादव गैंग इसमें शामिल था उस सहित सभी आठ अपराधी सलाखों के पीछे जा चुके है।
लेकिन जो आज तक राम मंदिर के दर्शन तक करने नहीं गए वो इस मुद्दे पर राम भक्त बने घूम रहे है।
योगी जी से बड़ा रामभक्त UP में भला कौन है।
#UGC: सवर्ण वोटर कुछ राज्यों में बीजेपी से नाराज़ दिखे। जड़ तक पड़ताल करने के बाद असली वजह UGC वाला कानून (Promotion of Equity in Higher Education Institutions) Regulations, 2026 मिला है। सरकार इस पर सोचने लगी है। ब्राह्मण, भूमिहार, राजपूत, कायस्थ, बनिया..इस समाज के छात्रों का गुस्सा शांत करने की तैयारी है। ये बीजेपी के पक्के वोटर माने जाते हैं। बीजेपी UGC वाले कानून को डीप फ्रीजर में डाल सकती है।
जिस वोट की चाहत में भाजपा दिन रात मेहनत और उनके विकास में लगी हुई है वह वोट उसे कभी नहीं मिलना।(M+D)
और जो वोट भाजपा को हर अच्छे बुरे समय मिलता है उनकी अवहेलना कर रही है।
कहीं आने वाले समय में दोनों ही हाथ से न निकल जाएं।
जो लोग दिल से व सच्चे मन से बीजपी के समर्थक है, वो सभी दतिया व बांकीपुर विधासभा में बीजपी की हार से खुश है ।
मैं भी पहली बार बीजपी की हार से बहुत खुश हूं कि इससे अंध समर्थको पर लगाम लगेगी व दूसरा पार्टी
अपने कार्य कलापो पर सुधार करेगी ।
हम जैसे समर्थक कई मुद्दों पर पार्टी को सजग कर रहे है किंतु अंध भक्त हर समय हमारी आवाज दबाते रहते है व हमे अशब्दो की माला पहनाते रहते है ।
बीजपी केवल अपनी हार से सुधरती है व जीत से बीजेपी गरूर से भर जाती है ।
अभी भी समय है की अपनी हार के कारणों का विश्लेषण करिये । जो आपके सच्चे समर्थक है उनकी रॉय, सलाह पर अमल करिये । बड़े कानून लाइये जिसकी नीव पर 2029 की जीत की इबादत लिखी जाये । 2026 से कोई बहुत बड़ा कार्य नही हुआ है ।
कांग्रेस को चमचो से डुबोया है व अब यही कार्य अंधभक्त कर रहे है ।
@narendramodi जी, आलोचक अपने साथ रखिये क्योकि सच्चे आलोचक ही आपके सच्चे हितेषी है ।
दतिया व बांकीपुर उपचुनाव हारना बीजपी के लिये चिंता की बात है ।
आमतौर पर उपचुनावों में यदि जनता सन्तुष्ट रहती है तो सत्तापक्ष ही चुनाव जीतता है ।
दतिया में किसी का कोई प्रभाव नहीं था, बस दादा (नरोत्तम मिश्र) को टिकिट नहीं मिला उसी का आक्रोश जनता ने पार्टी पर निकाल दिया ।
बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत यह संकेत देती है कि प्रशांत का कद बिहार की राजनीति में आगे बहुत बढेगा।
आगे प्रशांत को कम आंकना बीजपी के लिये खतरनाक होगा क्योंकि बिहार की जनता के लिये प्रशांत एक नई आशा के रूप में उभर रहे है ।।
बीजपी को अपने सभी राज्यो के मुख्यमंत्री के कार्य कलापो पर अपना नियंत्रण करना होगा व उनके कार्यो की समीक्षा करते रहना होगी क्योंकि इनके नेतृत्व में भविष्य में होने वाले विधानसभा के चुनाव बीजपी के लिये आसान नही होंगे ।
बंगाल, असम व यूपी के मुख्यमंत्री की तुलना में अन्य बीजपी शासित मुख्यमंत्री काफी पीछे चल रहे है । जिन राज्यो में बहुत ज्यादा मुस्लिम फेक्टर नही है, वहाँ बीजपी की राह बहुत कठिन होने वाली है ।
छात्र आंदोलन, पेट्रोल में एथनॉल मिलाना व हाई वे निर्माण में गुणवत्ता का अभाव अभी बीजपी को बैकफुट पर ले गये है व बहुत जल्दी इनका निराकरण ढूढ़ना होगा व भविष्य में इनका सकारात्मक समाधान ही समय की मांग है ।
चुनाव में हारना भी बहुत जरूरी है । इससे पार्टी अपना विश्लेषण करती है व अपनी कमियों को दूर करने का प्रयास करती है ।
जीत हर समय कमियों को नजरअंदाज करना सिखाती है क्योंकि हार के कई कारण होते है ।
जो खुद को युवाओं की आवाज़ बताते हैं, मुश्किल समय आते ही पीछे का रास्ता चुन लेते हैं😆😆
दिल्ली जंतर मंतर धरना स्थल में पुलिस को देख पीछे के रास्ते से भागते हुए कौशाम्बी के युवा सपा सांसद 😆😆
Warm birthday greetings to Shri @AshwiniVaishnaw Ji, Hon'ble Union Minister for Railways, Information & Broadcasting, and Electronics & IT.
Wishing you good health, a long and fulfilling life, and continued success in your dedicated service to the nation.
कार्तिकेय जी मैं आपसे हाथ जोड़कर आपका पैर पकड़ कर माफी मांगता हूं आप मुझे माफ कर दो प्लीज :- राहुल गांधी
जी हां आज राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह से लिखित में माफी मांग लिया है
उन्होंने कहा है कि पनामा पेपर में कार्तिकेय सिंह का नाम है यह बात उनके मुंह से गलती से लिकड़ गई थी भूल हो गई थी
वह भविष्य में दोबारा कभी झूठ नहीं बोलेंगे इसलिए प्लीज मुझे माफ कर दीजिए
राहुल गांधी का यह आठवां बार माफ़ीनामा है
चार्ट में आप देख सकते हैं कि मनमोहन सरकार में तमाम जरूरी चीजों की कीमत कितने परसेंट बढ़ी और मोदी सरकार में कितने परसेंट बढ़ी
अब आपको पता चलेगा असली महंगाईमैन तो यह मनमोहन सिंह थे