आप मुझे जंजीरों में जकड़ सकते हैं, यातना दे सकते हैं, यहाँ तक की आप इस शरीर को नष्ट कर सकते हैं, लेकिन आप कभी मेरे विचारों को कैद नहीं कर सकते।~ महात्मा गाँधी
मैं शांति धारीवाल जी के वक्तव्य की कड़े शब्दों में निंदा करती हूं।सार्वजनिक जीवन में हमारे दल,राजनीतिक विचारधारा अलग है,मनभेद व मतभेद दोनों हो सकते है लेकिन किसी जनप्रतिनिधि को एसे आतंकी के समान उपाधि देना लोकतंत्र में विश्वास रखने वालों के लिए निहायत ही तुच्छ उदाहरण पेश किया है।
विकेटकीपर भरत से फास्ट बॉलिंग पर भी कैच छूट रहा है, स्पिन पर भी छूट रहा है लेकिन खेलेगा वही क्योंकि कुछ लोगों ने कसम खा रखी है संजू सैमसन को मौका न देने की। गजबे है।
'रिटायरमेंट के बाद न्यायाधीशों द्वारा कार्यकारी पदों को स्वीकार करने पर रोक होनी चाहिए'
कोच्चि में बोले वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे
#DushyantDave | Dushyant Dave
Hon'ble Vice President, Shri Jagdeep Dhankhar viewing the exhibition on police training at Kotwal Dhan Singh Gurjar Police Training School in Meerut, Uttar Pradesh today. @anandibenpatel@myogiadityanath
रुड़की के पास कुंजा बहादुरपुर गांव है ... 1822 में वहाँ के लोगों ने राजा विजय सिंह गुर्जर के नेतृत्व में अंग्रेजों से विद्रोह किया... पूरा का पूरा गांव शहीद हो गया।
पर हमारी इतिहास की किताबों में इसका कोई जिक्र नहीं मिलता!
पिछले 14 घंटे से मोदी जी ने बिहार के उपमुख्यमंत्री @yadavtejashwi के घर पर ED बैठा रखी है।
उनकी गर्भवती पत्नी और बहनें को सताया जा रहा है। @laluprasadrjd जी बुजुर्ग हैं, बीमार हैं, तब भी मोदी सरकार ने उनके प्रति मानवता नहीं दिखाई।
अब पानी सिर के ऊपर से चला गया है।
मुख्यमंत्री @ashokgehlot51 से मिलीं शहीद श्याम सुंदर जाट की वीरांगना कृष्णा जाट…मुलाक़ात के बाद बोलीं…वीरांगना या बच्चे को ही मिले नौकरी…देवर-जेठ या किसी बाहरी व्यक्ति को नहीं…सुनिए वीरांगना के मन की बात…
@DrKirodilalBJP मीणा SMS में। नर्स उस व्यक्ति से पूछ रही है, पैर में झनझनाहट हो रही है, जिसने सरकारी तंत्र में झनझनाहट पैदा कर देती है। देखिए, 72 साल का बूढ़ा आदमी अपने तरीक़े से जूझता ही रहता है और हर दल के नौजवान बस दर्शक बने हैं। न किसी में करोड़ी की सी कशिश, न कोशिश! (1.)
शहीद की पत्नी व बच्चे के अलावा किसी दुसरे को देने का दर्द भी है,
जहां तक गुर्जर आरक्षण आंदोलन में शहीदों के भाई यानि देवर को देने के हमने सरकार से नियमों में संशोधन करवाया था वो 4 थे जिसमें से 3 देवरों ने नौकरी मिलने के बाद दुसरी शादी कर ली,शहीदों के बच्चे दर-दर ठोकर खा रहे है.!
मैं अपने समर्थकों के साथ सामोद बालाजी के दर्शन करने जा रहा था, लेकिन सामोद थाना पुलिस ने मुझे रोका और मेरे साथ दुर्व्यवहार व हाथापाई की। क्या वीरांगनाओं के साथ खड़ा होना इतना बड़ा गुनाह है कि @ashokgehlot51 सरकार एक जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह का आचरण कर रही है?