@NayabSainiBJP agar mera msg sahi puch raha to sir ji .
Ye ashi belt h jo kisi ko dikha nahi देती.
Or sab se क्रांतिकारी belt h . हमारी koi nahi सुनता ji
@cmohry@hryhelpdesk@DiprHaryana@dipro_hisar
Regular falt in transformer.
No proper solution.
Waiting for major accident sir ?
Village Masudpur district Hisar
Near resistance Ex.MLA Prof Rambhagat ji .
@dipro_hisar@DiprHaryana agar kisi ki electricity falt ho to kon sune ga .
Je call attend nahi karte, sdo call attend nahi karte ,xen shab call attend nahi karte .
Lineman gaon me h nahi .
9812620035 village masudpur
@SCR4India@SCR4India र भले मानस जिनको जनता चाहे अर्श से फर्श पर ले आए ओर फर्श से अर्श पर ले जाए सब समय की बात है , जिद्दी की तो के बात है परंतु यह सच है कि सरकार कोनी बने इब कांग्रेस की हरियाणा में क्योंकि पिछली बार से अच्छा मौका नहीं आएगा, मौका के करेगा सभी नै मुख्यमंत्री बनना है😁😁
फोटो में दिख रहे शख्स का नाम हाजी अख्तर खान है ये हरियाणा के फरीदाबाद से मुस्लिम समुदाय से आते है इनका पेशा है कबाड़ की चीजें खरीदना
हुआ ये कि एक ब्रह्मण समुदाय के सज्जन अशोक शर्मा अपना कबाड़ का सामान हाजी साहब की दुकान पर बेचने गए कबाड़ बेचकर घर वापस आए आकर अपनी दिनचर्या शुरू की कुछ समय बीता तो शर्मा जी के घर से 100 ग्राम सोने का बैग गायब हुआ काफी खोजबीन की बैग नहीं मिला कैमरा चैक किया सब कुछ सामान्य दिखा कोई चोरी होने की गुंजायस नहीं थी फिर बैग आखिर गया तो गया कहां शर्मा जी को ख्याल आया कि कुछ कबाड़ मियां भाई की दुकान पर बेचा है वहां जाकर पूछते है साहब दौड़ते हुए कबाड़ की दुकान पर पहुंचे खोजबीन की बैग नहीं मिला फिर पुलिस को सूचना दी पुलिस भी थक हार कर खामोश बैठ गई समय बीतता गया
एक दिन मियां भाई अपनी दुकान की साफ सफाई कर रहे थे कवाड़ को उठाकर इधर से उधर रखवा रहे थे अचानक उनकी नजर एक छोटे से बैग पर पड़ी धूल से सना बैग उन्होंने खोला तो देखा उनकी आँखें खुली की खुली रह गई बैग के अंदर इतना सारा सोना देख भाई जान भौचक्के रह गए दौड़कर सुनार की दुकान पर पहुंचे सोना सुनार से चेक कराया सुनार ने बताया ये असली सोना है जो 22 कैरेट का है जिसकी कीमत लगभग 15 लाख #।रुपए है ये सुनकर भाईजान हक्के बक्के रह गए सोना लेकर घर आए पत्नी से राय मिलाई बीबी ने बताया कि ये सोना मुझे उन्हीं शर्मा जी का लग रहा है जो कुछ दिन पहले यहां ढूंढने आए थे
पति पत्नी दोनों के मन में आया कि हराम की कमाई खाना पाप है दोनों का जमीर जाग गया और सोना को लेकर पुलिस के पास पहुंचे और शर्मा जी को कोल किया शर्मा जी भागे भागे थाने पहुंचे बैग को देखकर पहचान लिया कि सोना मेरा ही है जिसकी रिपोर्ट थाने में पहले से दर्ज थी फिर क्या था शर्मा जी ने रोते हुए भाई जान को गले लगा लिया मीडिया बुलाई गई जिसमें भाईजान ने कहा कि हमारा काम तो कवाड़ का है हम उसी से खुश हैं हमे हराम की कमाई बिल्कुल भी नहीं चाहिए
और बैग को शर्मा जी के सुपुर्द किया
आज इस बात की चर्चा पूरे हरियाणा में हो रही है लोग भाई जान की ईमानदारी पर उन्हें खूब बधाई दे रहे हैं
षड्यंत्र व विनाश की रचना:
1. उचाना
2. बरवाला
3. नलवा
4. बाढ़डा
5. अंबाला कैंट
6. तिगांव
7. बल्लभगढ़
8. सोहना
9. राई
37+9=46 (लेकिन 45 से ज्यादा इन्हें चाहिए नहीं थी)
टिकटें चोरी करवाई! आजाद उम्मीदवार उतारे! खुद को जेल से बचाया और आई हुई सरकार बेच दी 🤷
#Haryana
232742 बुज़ुर्गों की पेंशन कटना सिर्फ़ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि सरकार की संवेदनहीनता का प्रमाण है। जब सीएम सैनी जी खुद मानते हैं कि हरियाणा सरकार ने पेंशन रोकी, तो जवाबदेही तय होनी चाहिए। बुज़ुर्गों की सामाजिक सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं। भाजपा ने चुपचाप लाखों परिवारों की आजीविका छीनी। जिन हाथों ने देश-समाज को बनाया, आज उन्हीं हाथों से सहारा छीन लिया गया। सरकार तुरंत पेंशन बहाल करे और दोषियों पर कार्रवाई करे।
#पेंशन_बहाल_करो
#Haryana #INLD
@OfficialINLD@ITCellINLD
नौवीं मंजिल से फोन के लिए कूदकर जान देना सिर्फ़ एक हादसा नहीं, हमारे समाज की गहरी बीमारी है। आज मोबाइल ज़रूरत नहीं, लत बन चुका है। हमने रिश्तों को समय देना छोड़ दिया और बच्चों व युवाओं के हाथ में स्क्रीन थमा दी। संवाद की जगह नोटिफिकेशन ने ले ली। फोन की लत संवेदनाएं खत्म कर रही है, परिवारों में दूरी बढ़ा रही है और अब जिंदगियां भी छीन रही है। यह घटना हम सबके लिए चेतावनी है। सोचिए, कहीं हम भी अनजाने में किसी अपने को अकेला, अनसुना और टूटता हुआ तो नहीं छोड़ रहे?
🌾 लुगाई अर बिटोड़ा धरना
गाँव धनाना म सुलखी नाम की एक सीधी-सादी लुगाई रहै थी।
घर छोटा सा, पर मन बड़ा।
घर म दो बालक, आदमी खेतां म मज़दूरी करे।
गुज़ारा मुश्किल तै चलता।
एक साल सूखा पड़ गया।
फसल खराब।
सुलखी ने अपने गहने बेच के घर चलाया।
पर पड़ोसी महिपाल की नज़र उनके खेत के मेड़ पै थी।
एक दिन महिपाल ट्रैक्टर ले आया
अर मेड़ काट के
अपणा खेत बढ़ा लिया।
सुलखी बोली,
“भाई, यो हमारी ज़मीन सै।”
महिपाल हँस के बोल्या,
“कागज़ दिखा दे।”
बेचारी लुगाई रोती-धोती पंचायत गई।
पंच बोले,
“कल देखेंगे।”
कल आया,
फिर टल गया।
दिन बीतते गए,
न्याय ना मिला।
रात नै सुलखी बोली अपने आदमी तै,
“अगर आज चुप रहे,
तो कल बच्चे भी दूसरों के हो जावेंगे।”
सुबह होते ही
सुलखी ने घूँघट काढ़ा,
लोटा लिया,
रोटियाँ बाँधी
अर चल पड़ी
महिपाल के बिटोड़े पै।
वो जा के चुपचाप बैठ गई।
ना गाली,
ना हंगामा।
बस धरना।
लोग बोले,
“अरे सुलखी, यो के कर सै?”
सुलखी बोली,
“जब तक मेरा हक ना मिलेगा,
मैं यहीं बैठी रहूँगी।”
धूप चढ़ी।
लुगाई का मुँह सूख गया।
पर आँखां म आँसू अर हिम्मत दोनों थे।
गाँव की छोरियाँ आईं।
बूढ़ी ताइयाँ बोलीं,
“आज बिटोड़ा बोल उठा।”
शाम नै पंच आए।
महिपाल घबरा गया।
सुलखी ने सब बात कही —
कैसे मेड़ काटी,
कैसे पंचायत टाली।
पंच बोले,
“लुगाई जब बिटोड़े पै बैठ जावे,
तो समझ लो सच साथ सै।”
नाप-तौल हुई।
गलती महिपाल की निकली।
महिपाल ने सिर झुका लिया।
मेड़ वापस बनी।
माफ़ी मांगी।
सुलखी उठी,
धूल झाड़ी,
बोली —
“मैं लड़ने ना आई थी,
मैं हक माँगने आई थी।”
उस दिन बाद गाँव म कहावत बन गई —
“जब न्याय सो जावे,
तो लुगाई बिटोड़ा जगा दे।”
चौधरी देवीलाल जी नें बुढ़ापा पैंशन वृद्ध सम्मान भत्ता के नाम से शुरु की थी
वृद्ध गरीब हो या अमीर सरकार उसको सम्मान भत्ता के रूप में 100 रू देती थी
सरकारें आती गई जाती गई और सम्मान भत्ता में इजाफा करती रही
अब यह सम्मान भत्ता 3000 रू महीना हो गया है
किसी भी सरकार ने बुढ़ापा पैंशन के साथ छेड़खानी की कोशिश नहीं की
लेकिन सैनी सरकार बुढ़ापा पैंशन आय के साथ जोड़ रही है
जिनके परिवार की आमदनी PPP में 3 लाख है उनकी पैंशन रोकी जा रही है
इससे आम जन मानष में रोष है सरकार को वृदद् सम्मान भत्ता के साथ छेड़खानी नहीं करनी चाहिए
सिर्फ एक व्यक्ति विशेष ने हालात ऐसे बनाए कि मजबूरन Grass Root पर पकड़ रखने वाले नेता जैसे चौधरी भजन लाल जी, चंद्रमोहन जी, राव इंद्रजीत जी, किरण चौधरी जी, बीरेंद्र सिंह जी, कुलदीप बिश्नोई जी, धर्मवीर जी, अवतार भडाना जी और श्रुति चौधरी जी को कांग्रेस छोड़नी पड़ी। ए. सी. चौधरी जी और जगदीश नेहरा जी जैसे नेताओं को घर बैठना पड़ा। कैप्टन अजय सिंह जी, शैलजा कुमारी जी और रणदीप जी इसलिए रह गए क्योंकि उनके खून में कांग्रेस है वरना उनका निपटारा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। जिंदल परिवार व्यापारी है; सेंटर में AIADMK की सरकार होती तो वहां भी जाना पड़ता।
एक व्यक्ति विशेष भाजपा की बार–बार सरकार बनाने के लिए दिल–से, शिद्दत–से,
जी–जान से प्रयासरत है।
कांग्रेस A Team की भूमिका में भाजपा के लिए कार्यरत है।
लोड़ी मुबारक हो @haryanvitai