#मा०मुख्यमंत्री जी, उत्तर प्रदेश के 16,000 CHO के भविष्य को सुरक्षित कीजिए। CHO के लिए पृथक कैडर निर्माण एवं नियमितीकरण कर न्याय दीजिए।आपका एक निर्णय हजारों परिवारों का भविष्य बदल सकता है।#CHO_नियमित_करो@CMOfficeUP@DyCMofficeBP
🚨 #CHO आंदोलन का 15वाँ दिन — संकल्प अटूट, संघर्ष निर्णायक! 🔥✊
17,000+ #CHOs ईको गार्डन में अपने हक़ और सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं, ठोस निर्णय का इंतज़ार है!
हमारी मांगें स्पष्ट हैं:
📌 अलग CHO कैडर का गठन
📌 नियमितीकरण
📌 ₹4800 ग्रेड पे
📌 समान कार्य के लिए समान सम्मान एवं भुगतान
⚠️ अब केवल आश्वासन नहीं, लिखित शासनादेश चाहिए!
जब तक हक़ नहीं मिलेगा, संघर्ष जारी रहेगा!
@myogiadityanath@brajeshpathakup@CMOfficeUP@UPGovt@PMOIndia@JPNadda@MoHFW_INDIA@nhm_up@Achoup2023
#CHOreglarCaddre #UPCHO
### प्रेस विज्ञप्ति
### दीपावली से पहले CHOs के लंबित वेतन एवं इंसेंटिव भुगतान की मांग, AIACHO ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को लिखा पत्र
नई दिल्ली, 12 अक्टूबर 2026। देशभर में कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHOs) के वेतन एवं Performance-Based Incentive (PBI) के भुगतान में होने वाली देरी को गंभीरता से लेते हुए All India Association of Community Health Officers (AIACHO) ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा जी को पत्र लिखकर दीपावली से पहले सभी लंबित भुगतानों को सुनिश्चित करने की मांग की है।
AIACHO ने अपने पत्र में कहा है कि हर वर्ष दीपावली के आसपास CHOs के वेतन एवं इंसेंटिव के भुगतान में देरी का मुद्दा सामने आता है। कई राज्यों में कर्मचारियों को महीनों तक अपने वेतन और इंसेंटिव का इंतजार करना पड़ता है। इससे CHOs और उनके परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, विशेषकर त्योहारों के समय घरेलू खर्चों, बच्चों की शिक्षा और अन्य आवश्यक जिम्मेदारियों को पूरा करना कठिन हो जाता है।
AIACHO ने पत्र के माध्यम से केंद्र सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है कि CHOs आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के जरिए देश के ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, टेली-कंसल्टेशन तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद समय पर वेतन एवं इंसेंटिव नहीं मिलना उनके मनोबल और आर्थिक स्थिरता को प्रभावित करता है।
AIACHO की प्रमुख मांगें
* दीपावली से पहले देशभर के CHOs के लंबित वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
* लंबित Performance-Based Incentive (PBI) का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए।
* प्रत्येक माह की 7 तारीख तक वेतन भुगतान सुनिश्चित करने संबंधी निर्देशों का प्रभावी अनुपालन कराया जाए।
* सभी राज्यों में लंबित वेतन एवं इंसेंटिव की स्थिति की समीक्षा कर समयबद्ध समाधान किया जाए।
* भविष्य में भुगतान में देरी रोकने के लिए उचित निगरानी एवं समन्वय व्यवस्था स्थापित की जाए।
AIACHO ने अपने पत्र में भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 2 अगस्त 2023 को जारी पत्र, File No. 2.15015/32/2023-NHM-I, का भी संदर्भ संलग्न किया है।
संगठन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से अनुरोध किया है कि वे संबंधित अधिकारियों एवं राज्यों को आवश्यक निर्देश दें, ताकि CHOs को दीपावली से पहले उनका बकाया भुगतान मिल सके और भविष्य में भी हर महीने समय पर वेतन एवं इंसेंटिव का भुगतान सुनिश्चित हो।
AIACHO का कहना है कि जो CHOs पूरे वर्ष देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें अपने ही वेतन और इंसेंटिव के लिए महीनों इंतजार नहीं करना चाहिए। समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों का अधिकार और उनके मनोबल को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
पत्र दिनांक: 12 अक्टूबर 2026 | पत्र क्रमांक: AIACHO/PENDINGSALARYINCENTIVE/17/2026
@JPNadda@MoHFW_INDIA@PMOIndia
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के हजारों संविदा कर्मचारियों का लखनऊ के इको गार्डेन में आंदोलन के पांचवें दिन भी धरने पर बैठे रहना गंभीर चिंता का विषय है।
करीब 20 वर्षों से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने वाले ये कर्मचारी आज भी नौकरी की अस्थिरता और सामाजिक सुरक्षा के अभाव से जूझ रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कर्मचारियों को अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए संघर्ष करना पड़े, यह चिंताजनक है।
NHM संविदा कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में समान कार्य के लिए समान वेतन, सेवा नियमितीकरण, EPF, ग्रेच्युटी एवं स्वास्थ्य बीमा, पारदर्शी स्थानांतरण नीति और लंबित सेवा संबंधी समस्याओं का समयबद्ध समाधान शामिल है।
@UPGovt से मांग है कि कर्मचारियों की समस्याओं पर तत्काल वार्ता कर ठोस निर्णय लिया जाए और उन्हें सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा एवं स्थायी भविष्य की गारंटी दी जाए।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम)-भीम आर्मी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों की सभी जायज मांगों का पूर्ण समर्थन करती है और उनके अधिकारों एवं सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है।
उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार बनने पर NHM संविदा कर्मचारियों की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
@CMOfficeUP@brajeshpathakup@nhm_up
#UPNHM
#NHM #NHMprotest #NationHealthmission
#ASP_K_Mission2027
#UPMaangeChandraShekharAzad
✊ हमारी मांगें पूरी करो, मुख्यमंत्री जी हमें परमानेंट करो!
📋 हमारी प्रमुख मांगें
1. परमानेंट नौकरी: सभी संविदा सीएचओ (CHO) को तुरंत नियमित (Permanent) किया जाए।
2. कैडर और ग्रेड पे: स्वास्थ्य विभाग में अलग कैडर गठन और 4800 ग्रेड पे दिया जाए।
@CMOfficeUP@PMOIndia@JPNadda
आदरणीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, ग्रामीण स्वास्थ्य की रीढ़ बने CHOs के सेवा समर्पण को देखते हुए कैडर निर्माण एवं नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की कृपा करें।
आपकी संवेदनशील सरकार पर हमें पूर्ण भरोसा है। 🙏🩺
@Brajeshpathakup@UPGovt#permanentCHO
✊ 14 दिन से संघर्ष जारी!
UP के 17,000 CHOs की मांग है— अलग CHO कैडर का गठन, नियमितीकरण, ₹60,000 वेतन, 4800 GP, PBI मर्जर और EPF
अब आश्वासन नहीं, CHO कैडर पर शासनादेश चाहिए!
🔥 सरकार हमारी मांगों पर जल्द निर्णय ले।
@myogiadityanath#CHO#CHOUnionUP#CHO_Cadre#Regularization
#मा०मुख्यमंत्री जी, उत्तर प्रदेश के 16,000 CHO के भविष्य को सुरक्षित कीजिए। CHO के लिए पृथक कैडर निर्माण एवं नियमितीकरण कर न्याय दीजिए।आपका एक निर्णय हजारों परिवारों का भविष्य बदल सकता है।#CHO_नियमित_करो@CMOfficeUP@DyCMofficeBP
आदरणीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, ग्रामीण स्वास्थ्य की रीढ़ बने CHOs के सेवा समर्पण को देखते हुए कैडर निर्माण एवं नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की कृपा करें।
आपकी संवेदनशील सरकार पर हमें पूर्ण भरोसा है।
@Brajeshabhiup @UPGovt#UP_CHO_Cadre_Nirman#RegularizeUPCHO