Breaking- यूपी की 10 राज्यसभा सीटों पर 16 अक्टूबर को चुनाव.
बसपा पहली बार राज्यसभा में शून्य पर आ जाएगी, क्योंकि बसपा के शून्य विधायक अब यूपी में भी हैं
यूपी से इन सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है-
बीजेपी-
1. बृजलाल
2. गीता शाक्य
3. हरदीप पुरी
4. नीरज शेखर
5. अरूण सिंह
6. बीएल वर्मा
7. सीमा द्विवेदी
8. डॉ दिनेश शर्मा (इस्तीफ़ा दे चुके हैं)
बसपा-
1. रामजी
सपा-
1. रामगोपाल यादव
यूपी विधानसभा में 403 में से 6 विधानसभा सीटें रिक्त हैं. कुल 397 विधायक हैं.
NDA (294)
बीजेपी- 256
अपना दल (एस)- 13
RLD- 9
SBSP- 6
Nishad Party- 5
Opposition-
सपा- 101
कांग्रेस- 2
अन्य-
जनसत्ता दल- 2
किसी भी दल से संबंध ना रखने वाले विधायक- 3 (ये भी बीजेपी के ही साथ जाएंगे)
एक सीट जीतने के लिए 37-40 के बीच विधायकों की ज़रूरत पड़ सकती है
यूपी का #विशाल_विश्लेषण
ज़िला- मथुरा
विधानसभा- छाता और मांठ
2027 में छाता और मांठ में कौन जीतेगा?
छाता और मांठ से पता चलेगा कि जाट वोट पर RLD का प्रभाव कितना बचा?
मथुरा से जयंत चौधरी लोकसभा कब हारे?
मांठ में कांग्रेस आख़िरी बार 1980 और छाता में 1996 में जीती!
2022 में छाता में कांग्रेस को 1,481 और मांठ में 1,281 वोट मिलने के पीछे क्या वजह?
https://t.co/n9bweazEky…
छाता और मांठ से पता चलेगा कि जाट वोट पर RLD का प्रभाव कितना बचा?
2027 में छाता और मांठ में कौन जीतेगा?
'यूपी का विशाल विश्लेषण' में देखिए
मथुरा की छाता और मांठ विधानसभा की सियासी फॉर्मूला
@vishalpandeyk#Mathura#UPPolitics#Chhata#Manth#UPElections
छाता और मांठ से पता चलेगा कि जाट वोट पर RLD का प्रभाव कितना बचा?
2027 में छाता और मांठ में कौन जीतेगा?
'यूपी का विशाल विश्लेषण' में देखिए
मथुरा की छाता और मांठ विधानसभा की सियासी फॉर्मूला
@vishalpandeyk#Mathura#UPPolitics#Chhata#Manth#UPElections
यूपी का विशाल विश्लेषण
ज़िला- अलीगढ़
विधानसभा- कोल, अलीगढ़ और इगलास (सु).
SIR के बाद अलीगढ़, कोल और इगलास विधानसभा सीट पर अब कैसे समीकरण?
2027 में बीजेपी या सपा किसे फ़ायदा, किसे नुकसान?
अलीगढ़ में RLD का जनाधार कितना बचा है?
यूपी विधानसभा चुनाव-
समाजवादी पार्टी की आज महत्वपूर्ण बैठक आज
यूपी की 86 आरक्षित सीटों की समीक्षा करेंगे अखिलेश
SC/ST वर्ग के लिए आरक्षित सभी सीटों की चुनावी रणनीति पर सपा की बैठक
6 महीने से सपा की जो टीमें इन सीटों पर काम कर रही थीं, उनकी रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे अखिलेश
86 सीटों के सपा के विधानसभा अध्यक्ष, प्रमुख नेताओं के साथ बैठक करेंगे अखिलेश यादव
सूत्रों के मुताबिक इन 86 विधानसभा सीटों पर 6-6 युवाओं की टीम बनाकर सपा ने पिछले 6 महीने से ग्राउंड पर उतार रखा था
यूपी विधानसभा चुनाव- बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन 21-22 सितंबर को मेरठ और सहारनपुर दौरे पर. मेरठ और सहारनपुर में चुनाव की समीक्षा बैठक करेंगे. मेरठ में आज युवा सम्मेलन को संबोधित करेंगे.
बीजेपी सांसद, विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. पश्चिमी यूपी की राजनीतिक हालात और रणनीति पर मंथन करेंगे नितिन नवीन.
इससे पहले लखनऊ में अवध क्षेत्र की चुनावी बैठक कर चुके हैं नितिन नवीन.
यूपी विधानसभा चुनाव-
समाजवादी पार्टी की आज महत्वपूर्ण बैठक आज
यूपी की 86 आरक्षित सीटों की समीक्षा करेंगे अखिलेश
SC/ST वर्ग के लिए आरक्षित सभी सीटों की चुनावी रणनीति पर सपा की बैठक
6 महीने से सपा की जो टीमें इन सीटों पर काम कर रही थीं, उनकी रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे अखिलेश
86 सीटों के सपा के विधानसभा अध्यक्ष, प्रमुख नेताओं के साथ बैठक करेंगे अखिलेश यादव
सूत्रों के मुताबिक इन 86 विधानसभा सीटों पर 6-6 युवाओं की टीम बनाकर सपा ने पिछले 6 महीने से ग्राउंड पर उतार रखा था
यूपी का #विशाल_विश्लेषण
ज़िला- अलीगढ़
विधानसभा- अतरौली और छर्रा
2027 विधानसभा चुनाव में इन सीटों पर समीकरण बीजेपी या सपा किसके पक्ष में? कांग्रेस क्यों लड़ाई से बाहर? बसपा क्यों अब भी प्रासंगिक? आरएलडी का जनाधार कम कैसे हुआ?
देखिए यह रिपोर्ट-
जिस सीट से कल्याण सिंह 10 बार विधायक रहे, वहाँ 2027 में कैसी लड़ाई?
लोधी और जाट समाज अलीगढ़ में क्या करेगा?
यूपी का 'विशाल विश्लेषण' में आज @vishalpandeyk के साथ देखिए
अलीगढ़ की अतरौली और छर्रा विधानसभा का पूरा सियासी खेल !
#Aligarh#Atrauli#Chharra#UPPolitics
जिस सीट से कल्याण सिंह 10 बार विधायक रहे, वहाँ 2027 में कैसी लड़ाई?
लोधी और जाट समाज अलीगढ़ में क्या करेगा?
यूपी का 'विशाल विश्लेषण' में आज @vishalpandeyk के साथ देखिए
अलीगढ़ की अतरौली और छर्रा विधानसभा का पूरा सियासी खेल !
#Aligarh#Atrauli#Chharra#UPPolitics
यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों का #विशाल_विश्लेषण आप यहाँ देख सकते हैं.
अब तक सहारनपुर, शामली, मुज़फ़्फ़रनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, सँभल, रामपुर, अमरोहा, मेरठ, बागपत ग़ाज़ियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर और अलीगढ़ ज़िले की 74 विधानसभा सीटों के सियासी हालात समझिए. https://t.co/8HF9ooNMrU
बहुत दुःखद, यकीन ही नहीं हो रहा है. पायल जी एक शानदार पत्रकार थीं. संसद भवन में अक्सर मुलाकात होती थी.
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें. ॐ शांति
Payal Mehta Ji was a hardworking journalist who remained firmly connected to the ground, bringing a deep understanding of national issues to her reporting.
Beyond her work, she will be remembered for the kindness and warmth with which she touched so many lives. Her sudden and untimely passing is extremely saddening.
My condolences to her family, friends and colleagues. May they find strength in this difficult hour. Om Shanti.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा ऐलान
अमेरिका ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ किया इन्फिनिट लाइफ एग्रीमेंट
ट्रंप प्रशासन ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ एक समझौता किया
ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति बढ़ाने का ऐलान
समझौते के तहत अमेरिका को इस अर्ध-स्वायत्त डेनिश क्षेत्र ग्रीनलैंड की सुरक्षा और अन्य सभी जरूरतों पर “स्थायी नियंत्रण” मिलेगा.
हालाँकि इस समझौते की पूरी रूपरेखा अभी तक स्पष्ट नहीं.
ट्रंप की घोषणा के कुछ ही समय बाद ग्रीनलैंड और डेनमार्क के नेताओं ने बयान जारी कर संकेत दिया कि जल्द ही अमेरिका से एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे.
अपने कार्यकाल की शुरुआत में ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कब्जा करने को लेकर दावे किए थे, जिससे पश्चिमी गठबंधन में तनाव पैदा हुआ था, लेकिन बाद में उन्होंने अपने कदम पीछे खींच लिए.
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि समझौते के तहत- अमेरिका की स्पष्ट लिखित मंजूरी के बिना कोई भी अमेरिकी विरोधी कभी भी ग्रीनलैंड में अपना अड्डा नहीं बना सकता, वहां सैन्य मौजूदगी नहीं रख सकता और न ही ग्रीनलैंड में संवेदनशील निवेश कर सकता है.
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ग्रीनलैंड के ज़रूरी हिस्से में बड़ी सैन्य मौजूदगी विकसित करने की प्रक्रिया शुरू करेगा, और इसके लिए कई महत्वपूर्ण स्थान हैं.
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास ग्रीनलैंड की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उसकी रक्षा के लिए जो जरूरी हो, वह करने की पूरी क्षमता हमेशा के लिए रहेगी. हालांकि ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की मौजूदगी को लेकर अमेरिका और डेनमार्क के मौजूदा समझौते में कोई समय-सीमा तय नहीं है.
आपको द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका ने पहली बार ग्रीनलैंड में सैन्य मौजूदगी स्थापित की थी. 1951 में अमेरिका ने डेनमार्क के साथ एक समझौता किया, जिसके तहत अमेरिका को द्वीप पर सैन्य प्रतिष्ठानों के संचालन की व्यापक छूट मिली. इस समझौते में समाप्ति की कोई तारीख निर्धारित नहीं की गई थी.
1951 के समझौते में नाटो देशों की सेनाओं को वहां पहुंच की अनुमति दी गई थी. लेकिन इसमें “विरोधी” देशों की मौजूदगी पर स्पष्ट प्रतिबंध नहीं लगाया गया था, लेकिन अब ट्रंप ने दावा किया कि बिना अमेरिका की स्पष्ट लिखित मंजूरी के कोई भी अमेरिकी विरोधी कभी भी ग्रीनलैंड में अपना सैन्य अड्डा नहीं बना सकता, ग्रीनलैंड में सैन्य मौजूदगी नहीं रख सकता और न ही ग्रीनलैंड में संवेदनशील निवेश कर सकता है.
ट्रंप लंबे समय से ग्रीनलैंड को हासिल करने की कोशिश करते रहे हैं, लेकिन डेनमार्क और ग्रीनलैंड दोनों के नेताओं ने इस कदम को खारिज किया है. लेकिन अब एक बड़े समझौते की तरफ आगे बढ़ रहे हैं.
BREAKING NEWS: I am pleased to announce that the United States of America has entered into an Agreement with The Kingdom of Denmark, and Greenland, that gives the United States permanent control over security, and all other needs, in Greenland, completely addressing ALL of our many U.S. concerns. There will be NO COST to the United States! At my direction, we worked with representatives of Denmark and Greenland to guarantee that the United States will FOREVER have the complete ability to do what is necessary in Greenland in order to secure and defend the security of Greenland, and the United States of America. Additionally, from now on, no U.S. adversary can EVER have a base in Greenland, have a military presence in Greenland, or make sensitive investments in Greenland, without our express written approval. For over 100 years, Presidents have known the strategic importance of Greenland, but NONE of them were able to do anything about it. I am proud to be the President that permanently and conclusively addressed this very important situation. This is an “Infinite Life” Agreement, there is no end! We are very honored and proud of what has just taken place, and everything agreed to today will be cherished by the American People. We will immediately begin the process of developing a large Military presence in the appropriate part of Greenland, of which there are many. We will work with the people of Greenland in its development and construction. This solution is a great one for the United States of America, Denmark, Greenland, and all of our Allies. We look forward to working with the wonderful people of Denmark and Greenland toward a magnificent future with respect to this large, and highly strategic, parcel of land. We will be very protective of it! This is a dream come true for the United States of America, one that is very important, historic, and special. Thank you for your attention to this matter! President DONALD J. TRUMP
On Friday, September 18, 2026, President Donald J. Trump signed into law:
H.R. 5334, the “Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026.”
https://t.co/FHhNqJBVnT
क्या यूक्रेन के मुद्दे पर रूस का यूके समेत यूरोप के देशों के साथ तनाव बढ़ता दिख रहा है?
रूस के विदेश मंत्रालय का बयान-
रूस ने यूके की CDA को तलब किया
18 सितंबर को रूस में ब्रिटेन की CDA डाने धोलाकिया को रूसी विदेश मंत्रालय में तलब किया गया.
यूक्रेन को UAVs और अन्य हथियार प्रणालियों की आपूर्ति लगातार बढ़ाने को लेकर लंदन के समक्ष रूस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया.
रूस के विदेश मंत्रालय का बयान- यूक्रेन को लेकर ब्रिटेन की बेहद टकरावपूर्ण नीति का स्पष्ट उद्देश्य हर संभव तरीके से सशस्त्र संघर्ष को लंबा खींचना और उसे और बढ़ाना है, जिससे राजनीतिक समाधान की संभावना और दूर होती जा रही है.
इस बात पर जोर दिया गया कि बड़े पैमाने पर लंबी दूरी के आक्रामक हथियारों की आपूर्ति करके लंदन यूक्रेन द्वारा किए जा रहे जघन्य अत्याचारों में साथ दे रहा है, जिन्हें केवल आतंकवाद और युद्ध अपराध के रूप में ही वर्णित किया जा सकता है.
ब्रिटिश पक्ष को उन अंतरराष्ट्रीय दायित्वों की सूची सौंपी गई, जिनका उल्लंघन यूके यूक्रेन को समर्थन देकर कर रहा है.
विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि ब्रिटेन की मौजूदा नीति को देखते हुए रूस आत्मरक्षा के अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए जवाब में आवश्यक कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है.
यह दोहराया गया कि यूक्रेन में मौजूद ब्रिटेन की कोई भी सैन्य सुविधा, जिसका इस्तेमाल रूसी क्षेत्र पर हमले शुरू करने के लिए किया जाता है, वैध निशाना होगी. इस बात पर जोर दिया गया कि स्थिति में आगे किसी भी तरह की गिरावट के लिए लंदन पूरी तरह जिम्मेदार होगा.
ब्रिटिश पक्ष से आग्रह किया गया कि वह तनाव बढ़ाने की अपनी नीति छोड़ दे और अपनी कार्यवाई को अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप करे.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का बयान-
पिछले कुछ हफ्तों में मॉस्को की ओर से हाइब्रिड हमलों का खतरा बढ़ गया है.
रूस के “हाइब्रिड हमलों” से फ्रांस के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और रक्षा उद्योग से जुड़े ठिकानों की सुरक्षा के लिए उपाय करने के आदेश दिए.
मैक्रो ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में यूरोप और फ्रांस के सामने रूस की तरफ से हाइब्रिड हमलों का खतरा बढ़ गया है.
मैक्रों ने कहा कि रूस की ओर से की जा रही सीक्रेट गतिविधियों से पूरे यूरोप में ख़तरा बढ़ रहा है और उन्होंने फ्रांस के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को रूस के बढ़ते “हाइब्रिड हमलों” से बचाने के लिए उपाय करने के आदेश दिए हैं.
मैक्रों ने कहा कि फ्रांस के गृह मंत्री ने रूस के हाइब्रिड हमलों के जवाब में सतर्कता बढ़ाने के लिए बैठक की है. यह बैठक अगले साल होने वाले चुनाव से पहले राष्ट्रपति पद के संभावित उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ हुई बैठक के बाद हुई.
मैक्रों ने कहा कि उन्होंने आदेश दिया है कि फ्रांस के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए एक योजना तैयार की जाए. ड्रोन और साइबर हमलों से रक्षा उद्योग और प्रौद्योगिकी से जुड़े सबसे संवेदनशील ठिकानों को सुरक्षित रखने के आदेश दिए हैं.
फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि रूस की ओर से पैदा किए जा रहे खतरों के बावजूद फरवरी 2022 में पश्चिम समर्थक यूक्रेन पर रूस के हमलों के बाद फ्रांस यूक्रेन का समर्थन जारी रखेगा.
राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा फैसला- CNN, MSNOW और Politico को व्हाइट हाउस से प्रतिबंधित किया.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने CNN, MSNOW और Politico को व्हाइट हाउस से प्रतिबंधित करने की घोषणा की.
ट्रंप ने इन मीडिया संस्थानों पर लगातार “फेक न्यूज़” प्रकाशित और प्रसारित करने का आरोप लगाया.
ट्रंप ने कहा कि राष्ट्रपति, ट्रंप प्रशासन और अमेरिका को कवर करने वाले मीडिया संस्थानों को “काल्पनिक बातें और झूठ” लिखने या प्रसारित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.
ट्रंप ने Politico को लेकर आरोप लगाया कि उसे जो बाइडेन प्रशासन के दौरान अमेरिकी सरकार से 80 लाख डॉलर की सदस्यता मिली थी.
ट्रंप ने इसे “अवैध और हास्यास्पद” बताते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचार जैसा लगता है.
ट्रंप ने कहा कि अन्य “फेक न्यूज़” मीडिया संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
अभी इन मीडिया संस्थानों की प्रतिक्रिया का इंतज़ार