बदलना है तो अब हालात बदलो
ऐसे नाम बदलने से क्या होता है?
देना है तो युवाओं को रोजगार दो
सबको बेरोजगार करके क्या होता है?
दिल को थोड़ा बड़ा करके देखो
लोगों को मारने से क्या होता है?
कुछ कर नहीं सकते तो कुर्सी छोड़ दो
बात-बात पर डराने से क्या होता है?
अपनी हुक्मरानी पर तुम्हें गुरूर है
लोगों को डराने-धमकाने से क��या होता है?
ये सपा काल का टांडा का वही पॉवर प्लांट है, जिसका ���ाम मुख्यमंत्री जी ने कभी नहीं बोला।
यहाँ लोगों को जोड़नेवाला पुल भी सपा के समय में ही बना था।
#सपा_का_काम_जनता_के_नाम
Congratulations Prime Minister @narendramodi
on presiding over such a successful @g20org. India's message of 'one earth, one family, one future' resonated strongly with all delegates.
गांधी जी ने कहा था- मैं ऐसे भारत का निर्माण करूंगा, जिसमें गरीब व्यक्ति भी महसूस करें कि यह देश उनका है। कांग्रेस सरकार उसी रास्ते पर है।
एक जमाना था, जब किसानों से ��हुत कम धान खरीदा जाता था, लेकिन अब कांग्रेस सरकार किसानों से ज्यादा से ज्यादा धान खरीदती है।
कांग्रेस सरकार ने लाखों किसानों का कर्ज माफ किया, राजीव गांधी किसान न्याय योजना लेकर आई, इंग्लिश मीडियम स्कूल बनवाए।
कांग्रेस पार्टी गरीबों के लिए सोचती है।
: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge जी
जिस थाली में भारत का राष्ट्रीय प्रतीक, अशोक स्तम्भ ऊकेरी गई है, उसी में दुनियां भर के आये हुए जी-20 के मेहमानों को खाना खिलाया जायेगा, जिसमें वो जूठन छोड़ेंगे। राष्ट्रीय प्रतीक, अशोक स्तम्भ ��े साथ ऐसा भद्दा मज़ाक करके मोदी सरकार ने देश की इज्जत और मर्यादा को मिट्टी में मिलाने का घिनौना कृत्य किया है, जिसकी घोर निंदा करता हूँ। मोदी सरकार को सार्वजनिक रूप से देश की जनता के सामने माफ़ी मांगनी चाहिए एवं अशोक स्तम्भयुक्त थाली में खाना खिलाने के निर्णय से बाज आना चाहिए।
इसे देखकर आप गुस्से से लाल हो जाओगे। आप सोचेंगे कि भला ऐसी नीचता कौन कर सकता है।
भारत का राजकीय प्रतीक चिन्ह अशोक स्तंभ थाली में उकेरा गया है, इसी थाली में G 20 में आए मेहमान खा���ा खायेंगे और फिर इसी में जूठन छोड़ेंगे। आप सोचिए कितना निकृष्ट काम है, देश की इज़्ज़त और मर्यादा मिट्टी में मिलाने वाला काम है। ये कैसी सत्ता की भूख है जो देश की अस्मिता को तार तार कर रही है। देश के सैनिक इसे अपने कंधों पर गर्व से सजाते हैं अब ये इस देश का दुर्भाग्य है जो इन पवित्र प्रतीक चिन्हों को कुछ विदेशियों की जूठन के नीचे रहना पड़ेगा। कभी क��ी तो लगता है कि मणिशंकर अय्यर ने एक दम से सच कहा था।
एक खबर
श्रीलंका में अडानी का एक ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट है। ये वही प्रोजेक्ट है जो PM मोदी के कहने पर अडानी को बिना टेंडर के मिला।
अब प्रधानमंत्री अगर एजेंट की तरह काम करे तो कौन सा प्रोजेक्ट नहीं मिलेगा।
खैर... अब अडानी के इस प्रोजेक्ट के लिए मोदी सरकार और श्रीलंका की सरकार के बीच समझौता होगा।
सोचिए ज़रा, अडानी के लिए अब सरकारों के बीच समझौता हो रहा है। मोदी, 'अडानी के लिए और अडानी का काम' कर रहे हैं।
मोदी ही अडानी हैं, अडानी ही मोदी हैं।
G-20 सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति द्वारा मेहमानों को भेजे गए आमंत्रण पत्र में रिपब्लिक ऑफ 'इंडिया' की जगह रिपब्लिक ऑफ 'भारत' शब्द का इस्तेमाल किया गया है।
INDIA से इतना डर?
यह विप��्ष के लिए मोदी सरकार की नफरत है या एक डरे और सहमे हुए तानाशाह की सनक?
9M CELEBRATION 🎉
आप सभी के स्नेह, प्यार और आशीर्वाद से यह आंकड़ा आज 9 मिलियन पर पहुंच चुका है इसके लिए इस परिवार का बहुत-बहुत धन्यवाद 🙏
जब शुरू किया था तब भी एक ही उद्देश्य था आज 9 मिलियन पर पहुंच चुके हैं आज भी वही उद्देश्य है कि शिक्षा देश के कोने-कोने तक हर उसे बच्चे तक पहुंचाया जाए जो मेहनत करके कुछ करना चाहता है और संपूर्ण RWA टीम इसके प्रति कटिबंध है