भारतीय संविधान सभा की 8 प्रमुख समितियां और उनके अध्यक्ष जिन्होंने 2 वर्ष 11 माह 18 दिन तक सर BN राव के मूल मसौदे पर बहस की और आंशिक संशोधन कर के संविधान को अन्तिम रूप दिया।
👉संघ शक्ति समिति (Union Powers Committee)
•अध्यक्ष: पंडित जवाहरलाल नेहरू
•कार्य: केंद्र (संघ) और प्रांतों (राज्यों) के बीच शक्तियों का वितरण तय करना, संघ की विधायी और कार्यकारी शक्तियों की सिफारिश।
👉संघ संविधान समिति (Union Constitution Committee)
•अध्यक्ष: पंडित जवाहरलाल नेहरू
•कार्य: केंद्र सरकार की संरचना (संसद, कार्यपालिका, न्यायपालिका) का ढांचा तैयार करना।
👉राज्य समिति (States Committee / Committee on Chief Commissioners' Provinces)
•अध्यक्ष: पंडित जवाहरलाल नेहरू
•कार्य: केंद्र-राज्य संबंध, रियासतों (princely states) के एकीकरण और राज्य स्वायत्तता पर विचार।
👉प्रांतीय संविधान समिति (Provincial Constitution Committee)
•अध्यक्ष: सरदार वल्लभभाई पटेल
•कार्य: प्रांतों (राज्यों) की संवैधानिक संरचना, राज्यपाल, विधानमंडल आदि का प्रावधान तैयार करना।
👉मसौदा समिति (Drafting Committee) •अध्यक्ष: भीम राव अंबेडकर
•कार्य: संविधान का अंतिम मसौदा तैयार करना, सर बी.एन. राव के प्रारंभिक ड्राफ्ट को आधार बनाकर संशोधन और अंतिम रूप देना।
👉मौलिक अधिकार, अल्पसंख्यक और आदिवासी/बहिष्कृत क्षेत्रों पर सलाहकार समिति (Advisory Committee on Fundamental Rights, Minorities and Tribal & Excluded Areas)
•अध्यक्ष: सरदार वल्लभभाई पटेल
•कार्य: मौलिक अधिकार, अल्पसंख्यकों के अधिकार, आदिवासी क्षेत्रों और बहिष्कृत क्षेत्रों के लिए प्रावधान सुझाना। (इसके अंतर्गत उप-समितियाँ थीं जैसे मौलिक अधिकार उप-समिति - जे.बी. कृपलानी अध्यक्ष।)
👉प्रक्रिया नियम समिति (Committee on the Rules of Procedure)
•अध्यक्ष: डॉ. राजेंद्र प्रसाद
•कार्य: संविधान सभा की कार्यवाही के नियम, प्रक्रिया और संचालन तय करना।
👉संचालन समिति (Steering Committee)
•अध्यक्ष: डॉ. राजेंद्र प्रसाद
•कार्य: सभा की दैनिक कार्यवाही, एजेंडा और समन्वय संभालना।
संविधान सभा में कुल सदस्य
विभाजन से पहले - 389
विभाजन के बाद - 299
#संविधान_सभा
ये देश की राजधानी दिल्ली की CM हैं जो एक अनपढ़ से भी गई गुजरी हैं।
राजनीति में हमेशा शिक्षित व्यक्ति ही जाना चाहिए अन्यथा देश और राष्ट्र का बंटाधार होना निश्चित है।
ये बोल रही हैं कि पानी दिल्ली में आते आते इवेपोरेट हो जाता है। मतलब कुछ भी बोल दो और देश का नाम बदनाम करवाओ।
इस अनपढ़ महिला को कोई जल चक्र Water Cycle (Hydrological Cycle) समझाओ।
वैसे तो ये पढ़ाई अब मिडिल क्लास यानी 6-8 तक भी पढ़ाई जाती है लेकिन ये तो उच्च शिक्षित महिला हैं और दिल्ली की CM हैं तो इस तरह अनपढ़ पन नहीं दिखाना चाहिए।
वैसे इन्होंने क्या किया है पानी की किल्लत के लिए।
Rain Water Harvesting, Water recycle aur reuse पर क्या काम किया है इन्होंने ??
एक भेड़िया भेड़ों को आदेश दे रहा था कि अपनी जनसंख्या बढ़ाओ क्योंकि तुमको संख्या के आधार पर राजा बनाया जाएगा।
बेचारी भेड़ों ने सोचा ये हमारा हितैषी है इसलिए जनसंख्या बढ़ाने की सोची, फिर क्या था भेड़ों को जनसंख्या बढ़ते भेड़िया की लॉटरी लग गई, दबा के माल मिलने लगा खाने को।
वही हाल यहां होगा, आरक्षण के असली हकदार को बेवकूफ बनाकर उसके हक को डकारा जाएगा।
मकानों की जनगणना व आने वाली जातिगत जनगणना मे अनुसुचित जातियो को ध्यान रखना चाहिए कि;
"आरक्षण का निर्धारण उनके प्रतिशत के आधार पर होता है"
1.जनसँख्या का प्रतिशत ज्यादा होने पर केंद्र व राज्य सरकार पर आरक्षण बढाने का दवाब बनाया जाता रहा है।
2.एससी/एसटी की जिम्मेदारी है कि वो सुनिश्चित करे कि जनगणना वाले ने उसकी सही सही जाति भरी है या नही।
3.गलत जानकारी राष्ट्रीय स्तर पर एससी प्रतिशत को नुकसान कर सकता है। जनगणना करने वाले का सही जानकारी भरने हेतू सहयोग करे। कोशिस करे कि स्वयं अपनी जनगणना के डेटा ऑनलाइन जाकर डाले। कोई जातिवादी जनगणना करने वाला ऐसा करते दिखे तो उंसकी डीएम को शिकायत करे।
इसके अलावा;
एससी अगर धर्म के कॉलम में ईसाई या मुस्लिम लिखवाता है तो भविष्य में उसका जाति प्रमाणपत्र चैलेंज हो सकता है। रद्द हो सकता है। इसका ध्यान रखे। एससी का आरक्षण केवल;
"बौद्ध, सिख, हिन्दू" धर्म को मानने वाले अनुसुचित जाति के व्यक्ति को ही मिलेगा।।
इसे गम्भीरता से ले। जनगणना विषय आपके मानव अधिकारों व प्राकृतिक अधिकारों जिसमे संसाधनों पर हिस्सेदारी से जुड़ा हुआ व काफी महत्वपूर्ण विषय है।
विकास कुमार जाटव
निशा गौतम को नव बौद्ध सिर्फ इसलिए टारगेट करते हैं क्योंकि ये सनातनी दलित हैं।
ये नवबौद्ध हर सनातनी को टारगेट करते हैं चाहे वो सवर्ण हो, पिछड़ा हो या दलित आदिवासी हो।
मणिपुर जा रहा हूँ और मणिपुर ही नहीं अत्याचार और विधर्म के ख़िलाफ़
पूरे भारत में भ्रमण करूँगा क्यों की में एक सन्यासी हूँ मेरा कर्तव्य हैं
जब जब ये सत्ता विधर्मियों के हाथ में गई हैं तब तब धर्माचारियो ने और
यज्ञा चार्यो ने अपने तप और त्याग से बल से सत्ता परिवर्तन किया हैं
काली सेना उत्तराखंड #UGCRollBack #जागो_सनातनी_जागो #हिमालय_हमारा_देवालय_है
प्रिया राज यादव को इनके चहेते नवबौद्धों ने फर्जी ScSt Act में फंसा दिया है।
वैसे ये दिन भर इन जहरीले नागों के पक्ष में वकालत करती थीं और सवर्ण समाज एवं सनातन धर्म की मान्यताओं के बारे में भ्रम फैलाती थीं।
आज उन जहरीले नागों ने इनको ही डस लिया।
नवबौद्ध वाद वो जहर है जो किसी को नहीं छोड़ेगा।
खैर हम तो सच के साथ हैं, इस काले कानून के दुरुपयोग केंखिलाफ हैं।
प्रिया राज यादव के ऊपर बीती है तो आज आँखें खुल गईं और हम यहां भी इस दुरुपयोग के खिलाफ हैं।
ये काला कानून जल्द बंद होना चाहिए।
@Pandit__Nvu इस कानून के दुरुपयोग के खिलाफ हैं। बाकी जो गैर नवबौद्ध इस कानून का समर्थन करते हैं और सवर्णों का विरोध करते हैं उन पर ये एक्ट लगना अत्यंत जरूरी है तभी इनको असलियत समझ में आएगी।
लालू यादव जिनके लिए भूरा बाल खत्म करने की बात कर रहे थे आज वही लोग लालू यादव के समाज को खुलकर टारगेट कर रहे हैं।
खैर अब यादव समाज को भी समझ में आ रहा है कि उनके साथ छल हुआ है।
अगर कभी दोगली ना देखा हो तो ये देखो तेजस्वी की प्रवक्ता प्रिया राज अहीरिन को
रोज SC ST एक्ट का समर्थन करती थी
और आज बोल रही है कि इसका दुरुपयोग हो रहा है जब खुद दलित से कांड करके एक्ट में जेल हो गई
कल थाना फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में रिक्रूट आरक्षी दीपक सोलंकी द्वारा स्वयं को खतरे में डालकर गहरे तालाब में डूब रही युवती के जीवन की रक्षा की गई थी।
आज पुलिस कमिश्नर, आगरा @DeepakKumarIPS द्वारा रिक्रूट आरक्षी को उनका उत्साहवर्धन करते हुए प्रशस्ति-पत्र व नगद धनराशि प्रदान कर, सम्मानित किया गया है।
इनके द्वारा किए गए इस उत्कृष्ट साहसिक कार्य के लिए प्रशंसा चिन्ह दिलाने हेतु पुलिस कमिश्नर, आगरा द्वारा अनुशंसा की गई है।
#UPPCares
#UPPolice
कल थाना फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में रिक्रूट आरक्षी दीपक सोलंकी द्वारा स्वयं को खतरे में डालकर गहरे तालाब में डूब रही युवती के जीवन की रक्षा की गई थी।
आज पुलिस कमिश्नर, आगरा @DeepakKumarIPS द्वारा रिक्रूट आरक्षी को उनका उत्साहवर्धन करते हुए प्रशस्ति-पत्र व नगद धनराशि प्रदान कर, सम्मानित किया गया है।
इनके द्वारा किए गए इस उत्कृष्ट साहसिक कार्य के लिए प्रशंसा चिन्ह दिलाने हेतु पुलिस कमिश्नर, आगरा द्वारा अनुशंसा की गई है।
#UPPCares
#UPPolice
RJD प्रवक्ता प्रिया यादव कह रही है:
"मैं SC/ST भाइयों के लिए हमेशा खड़ी रही, आज मुझपर ही SC/ST एक्ट लगा दिया?
बिना जांच पड़ताल के कैसे केस लिख दिया? आज इस एक्ट का दुरूपयोग हो रहा है!"
जो हम इतने दिन से कह रहे थे वो आज इनको समझ आया!
और एक दिन सब समझेंगे!
@GautamBhartiye भाई हम सवर्णों ने भी हमेशा ऐसे ही काबिलियत का पक्ष लिया है। ScSt एक्ट जैसे कानून के दुरुपयोग का विरोध किया है। लेकिन कुछ तथाकथित बहुजन जान बूझकर हमें टारगेट करते हैं।
अत्यंत दुःखद ✍️✍️
अगर दशरथ मांझी ने पहाड़ काटकर रास्ता बनाया तो उनको पुरस्कृत किया गया, किया भी जाना चाहिए था हम उसका समर्थन करते हैं।
लेकिन वहीं रामचंद्र यादव ने भी चट्टान काटकर रास्ता बनाया तो उनको पुरस्कृत करने के बजाय उल्टा FIR लिख दिया गया।
राजनीति से इतर सोच रखने वालों के लिए ये सिर्फ एक इंसान ही नहीं बल्कि एक देवात्मा हैं इनकी आंखों में आंसू नहीं होने चाहिए।
इनको न्याय दिलाने के लिए आवाज उठनी चाहिए।
बिहार का अहीर जानवर प्रवृत्ति वाला होता जा रहा है केवल 2 या 4 प्रतिशत को छोड़कर....
लाठीबाज, लड़ाकू, कट्टर जातिवाद !
खान सर का विरोध... उत्तरप्रदेश और बिहार का पूरा यादव गैंग इसलिए कर रहा है क्योंकि खान सर पर हमला कराने वाला....
कोचिंग डायरेक्टर ज्ञान बिन्दु वाला रोशन आनंद, यादव जाति से है!
जबकि खान सर इकलौता ऐसा शिक्षक है जो पूरे सिस्टम के खिलाफ हमेशा बोलता है!
"नमस्कार साथियों।
आज प्रयागराज से जो समाचार सामने आ रहे हैं, उन्होंने अनेक युवाओं और अभिभावकों के मन में गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
सवाल यह है कि यदि कोई छात्र या छात्र नेता किसी मुद्दे पर अपनी बात रखने जा रहा था, तो उसे हिरासत में लेने की आवश्यकता क्यों पड़ी? आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थिति थी जिसने प्रशासन को यह कदम उठाने पर मजबूर किया?
हम सरकार और प्रशासन से पूछना चाहते हैं कि क्या लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध है? क्या युवाओं की आवाज़ को दबाकर समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है?
देश का युवा बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और भविष्य की चिंता से जूझ रहा है। ऐसे समय में यदि छात्रों की बात सुनने के बजाय उन पर कार्रवाई होती दिखाई दे, तो स्वाभाविक रूप से अविश्वास पैदा होता है।
हम किसी अराजकता के पक्ष में नहीं हैं। कानून का सम्मान होना चाहिए। लेकिन कानून का उपयोग संवाद के लिए होगा या दमन के लिए—यह सवाल जनता पूछ रही है।
मैं उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करता हूं कि पूरे मामले की पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक की जाए। यदि कार्रवाई उचित है तो उसका आधार बताया जाए, और यदि किसी के साथ अन्याय हुआ है तो उसे तत्काल न्याय मिले।
याद रखिए, लोकतंत्र की ताकत सत्ता की शक्ति में नहीं, बल्कि जनता के विश्वास में होती है।
: 'जो सच की राह पर चलते हैं, उन्हें डराया नहीं जाता,
जनता के सवालों को ताकत से दबाया नहीं जाता।'
आजमगढ़ की धरती से उठ रही है अधिकार की आवाज़!
जनसंपर्क अभियान के दौरान आजमगढ़ में जनता का जो स्नेह, सम्मान और विश्वास मिल रहा है, वह यह साफ संकेत दे रहा है कि अब लोग अपने हक, सम्मान और भागीदारी की बात मजबूती से उठाना चाहते हैं।
गांव से शहर तक युवाओं से बुजुर्गों तक एक नई उम्मीद एक नया विश्वास दिखाई दे रहा है। जनता का यह अपार समर्थन बता रहा है कि बदलाव की नींव अब जन-जन के सहयोग से मजबूत हो रही है।
राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा
आपकी अपनी पार्टी