विज्ञान तरक्की कर रहा है.इंसान की हर समस्या का समाधान दे रहा,पहले की अपेक्षा,इंसान ज्यादा परेशान है,वह परिवार से दूर होता चला जा रहा.
तरक्की के नाम पर खुद को दुखी करके कुछ हासिल नहीं होगा।इसलिए विज्ञान के साथ संस्कार और अध्यात्म की भी आवश्यकता है,इंसान मानसिक रूप से मजबूत बन सके