Notice issued in PIL filed by me against @ArvindKejriwal & many Political Leaders for unauthorised recording/reposting of court proceedings of High Court.
Delhi High Court directed Google Meta & X to remove videos of court proceedings
@LiveLawIndia@barandbench@LawBeatInd@ANI
Delhi: Advocate Vaibhav Singh says, "The court has observed that you cannot record court proceedings. By recording it, you violated Delhi High Court rules. The Delhi High Court judges have, in fact, directed that it be taken down. This direction was issued to social media platforms, and further notice was issued to all the respondents, including Arvind Kejriwal and his party members, to file a reply..."
@MrSandeepPhogat Justice Karia use to represent Meta Platforms (Facebook & Instagram) when he was lawyer. So technically he can’t hear cases of his client who he represented before bench.
Breaking 🚨
President Droupadi Murmu of India has sent a reference to the Supreme Court under Article 143 (1) of the Indian Constitution. The reference includes 14 questions.
The most important questions by @rashtrapatibhvn are:
1. Can a timeline be imposed on the President?
2. Can the court adjudicate the contents of a bill before it becomes a law?
3. Can the Supreme Court substitute the orders of the President or Governor through Article 142?
4. What are the limits of Article 142?
5. Can the Supreme Court resolve disputes between the Union and the States other than those covered by Article 131 of the Indian Constitution?
The Supreme Court will have to form a 5-judge Constitutional bench to answer these questions.
छुट्टियों पर घर आए सैनिकों की छुटियां निरस्त होने के बाद जब वापिस कर्तृत्व निर्वाह के लिए रवाना हुए तो माताओं ने कुछ यूं विदा किया है। वीडियो बालोतरा जिले का बताया जा रहा है।
Wonderful play organised on navratri to make Aware Hindu Girls of Love G had 🙏
More such plays should be organised in every city, village everywhere...
Thank you very much to whoever made this video. This is the right way to reach this video to every person, woman and every girl studying in school and college. Share this in your family and relatives. 🙏🙏
फिर एक हिंदू बेटी मिली-35 टुकड़ों में
घटना- Vaiyalikaval, Bengaluru,Karnataka
मृतक पीड़िता का नाम- महालक्ष्मी
मृतक के प्रेमी और हत्यारे का नाम- मोहम्मद अशरफ़
हेमंत दास और महालक्ष्मी के विवाह को 6 वर्ष हो गये थे हेमंत की अपनी मोबाइल शोप की दुकान है।
अचानक एक दिन महालक्ष्मी के जीवन में #अशरफ़ की एंट्री होती है। #मोहम्मद_अशरफ़ एक सलून में काम करता है।
लगभग 2 वर्ष पूर्व महालक्ष्मी के पति को इनके अवैध संबंध के बारे में पता चलता है और वह अपनी पत्नी महालक्ष्मी को बहुत समझाता है
अंत में परेशान होकर हेमंत दास अशरफ़ के ख़िलाफ़ पुलिस कंप्लेन कर देता है
Note- पुलिस क्या करेगी जब माननीय सुप्रीम कोर्ट ने section 497 को यानी की एडल्टरी को अपराध की श्रेणी में मानने से मना कर दिया है।
लगभग 9 महीने पहले महालक्ष्मी अपने पति हेमंत दास और छोटी बेटी को छोड़कर अपने मुस्लिम प्रेमी #मोहम्मद_अशरफ़ के साथ किराए के मकान में रहने लगी
महालक्ष्मी ने अशरफ़ के लिए अपनी बेटी तक को भी छोड़ दिया, अपनीं बहन तथा माता से भी रिश्ता तोड़ दिया
वह हर महीने अपनी बेटी को मिलने अपने पति हेमंत की मोबाइल शॉप पर जाती थी
अंतिम बार वह हत्या के 25 दिन पहले गई थी
फोटो में- मृतका की माता, बहन तथा पति और 35 टुकड़ों में उनकी महालक्ष्मी।
A tribal women was raped by peaceful auto driver.
When police filed accident case to please the peacefuls, Tribals have shown their power.
Hindu Unity is everything.
Jago Hindu Jago.
EVERYTHING YOU NEED TO KNOW ABOUT DEATH OF UTSOB MONDOL
A Thread 🧵🧵
Last night a boy named Tahmid Al Mohtada made Facebook post with derogatory comments about Hindus saying they drink cow urine eat cow dung & insult deities. In response a hindu boy named Utsab started arguing
28 अगस्त की रात
गांव विशनपुर जट्टा के नजदीक
ओंकार सिंह नाम का व्यक्ति लहूलुहान अवस्था में शव मिला।
पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि...
मृतक ओंकार सिंह ने 2015 में
एक नाबालिग बच्ची के साथ रेप किया था
जिसे इस जुर्म के लिए 10 वर्ष की सजा हुई थी।
लेकिन कोरोना काल में उसकी सजा समाप्त करके उसे रिहा कर दिया गया।
घटना के कुछ दिन बाद रेप पीड़ित बच्ची की मौत हो गई थी और इसी सदमे के चलते उसके पिता का भी देहांत हो गया था।
इस घटना की रंजिश लड़की के भाई लवप्रीत सिंह के मन में थी जो उस वक्त सिर्फ 10 वर्ष का था।
28 अगस्त की रात लवप्रीत सिंह ने मौका देखकर तेजधार वाले हथियार से ओंकार सिंह की हत्या (वध) कर दी।
गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में ले जाते समय का वीडियो देखिये, चेहरे पर विजय का भाव और बदला पूर्ण होने की तृप्ती साफ दिखाई दे रही है।
दिल पर हाथ रखकर बताना...
क्या इस नाबालिग बच्चे ने सही किया?
और क्या इसे सजा मिलनी चाहिए?
सुप्रीम कोर्ट में जब धारा 370 को हटाने को लेकर सुनवाई चल रही थी तब इसमें कुछ संगठनों ने भी याचिका दायर किया था ऐसे ही एक संगठन के वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी ने इतिहास का वो पन्ना पलट दिया कि सभी जज चुपचाप सुनते रह गए,
उन्होंने नेहरू का नाम तो नहीं लिया लेकिन नेहरू के नीचता और नेहरू की गद्दारी की पूरी कहानी सुप्रीम कोर्ट के खंडपीठ के सामने बयां कर दी वह भी तथ्यों के साथ
फिर भी कांग्रेसी चमचे कहेंगे नेहरू तो आधुनिक भारत के निर्माता थे
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी अपनी दलील में कहते हैं, 'हम सच्चाई के बारे में बात नहीं करना चाहते हैं। सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर कौन था ? एक अंग्रेज सर क्लाउड जॉन औचिनलेक। भारत के तीनों जनरल ब्रिटिश थे। पाकिस्तान के तीनों जनरल ब्रिटिश थे।
यह युद्ध (कश्मीर पर पाकिस्तान की तरफ से हमला) क्या था? चर्चिल ने ही तय किया था कि भारत का विभाजन होगा।
यह जियो-पॉलिटिक्स का खेल था सब। यह युद्ध एक ब्रिटिश युद्ध था। उन्होंने दोनों तरफ से इसकी तैयारी की थी। हमलावर कहां से आए थे? उत्तर पश्चिम सीमांत प्रांत (NWFP) से। दो कार्यकालों के बाद मिस्टर कनिंघम, जो उत्तर पश्चिम सीमांत प्रांत के गवर्नर रह चुके थे, उन्हें जुलाई में वापस बुलाया गया। चुनाव से ठीक पहले।'
द्विवेदी ने उस वक्त की परिस्थियों को बताते हुए आगे कहा, 'हमलावरों को प्रशिक्षित किया गया, सेना के हथियारों के साथ ट्रकों पर भेजा गया। पाकिस्तान की सेना भारत से अभी-अभी अलग हुई थी। और सबसे बड़ा, सबसे स्पष्ट उदाहरण है, कौन लड़ रहा था? आज पीओके क्या है? पीओके का दो-तिहाई हिस्सा गिलगित-बााल्टिस्तान है। और वहां किसने युद्ध लड़ा? हमलावरों ने नहीं। यह मेजर ब्राउन था। वहां का एजेंट कौन था? उन्हें कनिंघम ने ठीक उसी जुलाई में दोबारा पोस्ट किया था। उन्होंने महाराजा (हरि सिंह) के सभी फोर्सेज को मार डाला। अंसार अहमद वहां तैनात थे और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। और उन्होंने चार दिनों में पाकिस्तान का झंडा लहराया और उन्होंने इसे कनिंघम को सौंप दिया। उन्होंने पाकिस्तान की सेना आलम के पास भेजी और उन्होंने गिलगित-बल्तिस्तान पर कब्जा कर लिया। पाकिस्तान के साथ युद्ध कहाँ है? यह ब्रिटिश है। लेकिन अगर हम इन सब से आंखें मूंद लेते हैं।'
वो कहते हैं, 'भला ये हमलावरों का युद्ध है? हमलावर अपने आप श्रीनगर तक नहीं आ सकते थे। युद्ध लगभग स्कार्दू और कारगिल से लेकर लेह के करीब तक पहुंच गया था। तो यह एक अलग तरह का युद्ध था, लेकिन कोई नहीं कह सकता था क्योंकि माउंटबेटन वहां गवर्नर जनरल के रूप में थे।
पता नहीं हमारे नेताओं ने ऐसा क्यों किया? जिन्ना ने तो साफ कहा, मैं किसी भी ब्रिटिश गवर्नर-जनरल को स्वीकार नहीं करूंगा। लेकिन हमारे यहां कहा गया, नहीं, हमें गवर्नर जनरल स्वीकार हैं। तो यह युद्ध क्या है? यही नहीं, जब युद्ध शुरू हुआ, तो उन्होंने (नेहरू सरकार ने) एक डिफेंस कमिटी का गठन किया और माउंटबेटन को इसका अध्यक्ष बनाया दिया। तो यह एक गजब की स्थिति है, लेकिन माउंटबेटन डिफेंस कमिटी के अध्यक्ष हैं।'
वरिष्ठ वकील आगे कहते हैं, 'ऑचिनलेक सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर हैं। सभी जनरल ब्रिटिश हैं और एक ब्रिटिशर विद्रोह कर रहा है और जब वह इंग्लैंड लौटता है तो उसे ब्रिटिश साम्राज्य का पदक दिया जाता है। तो यह युद्ध की स्थिति नहीं है। इसलिए जब आप संविधान और 370 को पढ़ते हैं, तो कृपया इन बातों को ध्यान में रखें कि हमारे नेता किन परिस्थितियों में आगे बढ़ रहे थे। हमारी हमलावरों को पीछे धकेलने और अपनी जमीन वापस पाने की चाहत ही नहीं थी। उन्होंने एक समय पर जानबूझकर युद्ध को रोक दिया और संयुक्त राष्ट्र चले गए क्योंकि अगर हम मीरपुर तक और पीछे चले गए होते तो वह गिलगित-बल्तिस्तान से कनेक्शन टूट जाता।'
राकेश द्विवेदी ने अपनी बहस जारी रखते हुए कहा, 'ये सभी सच्चे तथ्य हैं। कोई भी इसे नकार नहीं सकता। और संयुक्त राष्ट्र क्या था? वही शक्ति जो जियो पॉलिटिक्स की वजह से भारत का विभाजन करना चाहती थी, अमेरिका और ब्रिटेन, उन्हें मध्यस्थ बनाया गया था। सौभाग्य से, पाकिस्तान ने पीओके खाली करने से इनकार कर दिया। इसलिए वह प्रस्ताव खत्म हो गया है। संयुक्त राष्ट्र के बारे में बात करने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन उस समय 370 के निर्माण में स्थिति की गंभीरता को देखें।'
और सुप्रीम कोर्ट ने जो धारा 370 पर फैसला दिया वह राजेश द्विवेदी के इतिहास के इन पन्नों को ध्यान में रखकर ही दिया जो एक कड़वी सच्चाई है
Announcement
अब याचना नहीं , रण होगा ।
Announcing Legal Hindu Defence
➡️a volunteer group that will provide legal defence to nationalists , journalists, Sanatanis against vindictive cases by Congress/INDI Jamaat
➡️File cases on Hindu hatred, fakery, propaganda
➡️ Bust anti-national narratives on social media
➡️Create legal assets of experts, lawyers & others in every state & then every district…
To join the network as legal volunteer :
Whatsapp 📱: 7042205588
Email : [email protected]
Follow: @legalhindudef on @X & @instagram
Delhi High Court on my Petition had passed Ex-parte order against Mrs Sunita Kejriwal w/o Mr Arvind Kejriwal for violating DHC VC Rules-2021
HC directed FB, X, Instagram, YT to pull down recordings of court proceedings
@KejriwalSunita@ArvindKejriwal@AamAadmiParty@BJP4India
BIG NEWS 🚨 Delhi High Court directs Sunita Kejriwal, YouTube, Facebook to delete video of Arvind Kejriwal addressing court in excise case 😳
Advocate Vaibhav Singh now calls for the creation of a Special Investigation Team (SIT)
He said "There was alleged conspiracy of recording and sharing the Audio-Video of the court proceedings & putting the life of the trial court judge at risk"