ये टिकेश्वर वैष्णव जी है !!
इनके भजन आपने सुना होगा ये दृष्टिहीन नही बल्कि दिव्य दृष्टि वाले है,
जब भी मिलता था ये कहते थे की मुझे जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज जी के पास जाना है!
संयोग से उनके आश्रम में बात हुई और आज टिकेश्वर जी ऋषिकेश में जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज जी के आश्रम तुलसी पीठ जा रहे है!
वहा ये आध्यात्मिक शिक्षा ग्रहण करेंगे और जल्द भागवताचार्य बनेंगे और इनके मुख से हम सबको श्रीमद भागवत, राम चरित मानस, शिव महापुराण के पुण्य कथाओं का श्रवण करने मिलेगा।
ये हर जिले से उठ रही चिंगारी है, जो आगामी 21 तारीख को ज्वालामुखी बनकर धधकेगी।
हर कोई उत्तम शिक्षा,स्वास्थ्य व गरीबी मुक्त जिंदगी चाहता है।
@vishnudsai जी आप रोजगार देने की बात कहकर मुकर रहे हैं।
आदिवासी क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा से वंचित कर रहे हैं।