न्याय की मांग करने वाले वकील गायब क्यों हैं ?
मनमोहन सरकार के समय तो प्रशांत भूषण जी जैसे कई वकील खुद PIL दायर करते थे, 2G, कोयला जैसे बड़े बड़े घोटालों पर बहस होती थी।
छात्रों को सरेआम बिना वर्दी वाले लोग लाठियों से मार रहे हैं राजधानी की सड़कों पर तो क्या देश में न्याय चाहने वाले वकीलों का अकाल पड़ गया है ? जो कोर्ट में केस दायर करके ये सवाल नहीं कर सकते कि बिना वर्दी वाले ये लोग कौन हैं ?
क्या ऐसा नियम है कि पुलिस बिना वर्दी के लोगों को ऐसे पीट सकती है ?
किधर गायब है अब प्रशांत भूषण जी आप ? सिर्फ ट्विटर पर ट्वीट कर देने से तो जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। आपसे उम्मीद है तभी आपका नाम लिखा जा रहा है।
पिछले 12 सालों से आपका नाम तक नहीं आता कि आप फलाना केस लड़ रहे है जनता की ओर से।
कृपया प्रशांत भूषण जी तक भेजिए इसे।
@pbhushan1
बच्चो ने कुछ भी ग़लत किया है तो गिरफ्तार करते इस तरह जानवरों की तरह कौन मारता है ये सब के सब सस्पेंड होने चाहिए मैं तो कहता हूँ टर्मिनेट होने चाहिए
विपक्ष को ये वीडियो पार्लियामेंट में रखनी चाहिए और शकल की पहचान करवा के इन पर कार्यवाही की माँग करनी चाहिए .
ये अत्याचार है बच्चों ने कुछ भी ग़लत किया हो पुलिस केवल गिरफ्तार कर सकती है
Three years on, Manipur is still bleeding. Families are searching for missing loved ones, thousands remain displaced, and peace feels as distant as ever.
The BJP government has failed to end the violence while the crisis slips out of the national spotlight.
कंगना कह रही है: हिंदू Gen Z लड़कियां बदसूरत और गटर छाप होती है। नशा करती है, अनगिनत यौन संबंध रखती है...।
कही अपना निजी अनुभव तो नहीं बयां कर रही है?
क्या मोदी जी अपने इस घटिया MP के गटरछाप बातों का समर्थन करते है?
पूरे देश के सूचनार्थ: बेहद गंभीर ख़बर
प्रयागराज प्रोटेस्ट के नाम पर बहुत सारे छात्रों को यूपी पुलिस की विशेष टीम बिना नंबर की गाड़ी में उठाकर ले गई है।
जब केंद्र सरकार ने वादा किया था कि किसी भी छात्र के विरुध्द कोई कार्रवाई नहीं होगी तो फिर ऐसी धोखाधड़ी किसके कहने पर हो रही है। क्या उत्तर प्रदेश की पुलिस प्रधानमंत्री जी के आश्वासन और वादे को जुमला साबित करना चाहती है।
उठाए गए सभी छात्रों की तुरंत रिहाई हो और इस अवैध गतिविधि में लिप्त सभी पुलिसकर्मियों और उच्च अधिकारियों को निलंबित करके उनके विरुद्ध सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाए।
माननीय न्यायालय से आग्रह है कि इन छात्रों के जीवन पर मंडरा रहे ख़तरे का तत्काल संज्ञान ले।
युवा अंग्रेज़ी बोल रहा था तो बिहार पुलिस उसको अपनी संस्कारी भाषा सीखा रहे थे और एक्स्ट्रा में लाठी खिला रहे थे!
शर्म भी नहीं आती है इनको ?
भाषा की मर्यादा वाले किधर छुपे हुए हैं?