@mkrtiwari_bjp घर से 50 किलोमीटर दूर रोज जाना और आना
विद्यालय में बच्चों को पढ़ाना बहुत मुश्किल हो जाता हैं एक शिक्षक के लिए , माननीय मंत्री जी जल्द से जल्द ट्रांसफर की प्रक्रिया पूर्ण करवाए। जिससे हम जैसे शिक्षकों का घर वापसी हो । और ब्लॉक के नजदीक का ऑप्शन भी दिया जाए ।
बिहार में शिक्षक अत्यंत अल्पवेतनभोगी हैं। लेकिन जो वेतन निर्धारित है उसमें भी एक अंश बकाया रह जाय और उसके भुगतान में मुश्किलों का सामना करना पड़े तो व्यथित होना स्वाभाविक है। हमेशा निर्धारित वेतन का 10-20% एरियर के रूप में अटक जाता है। विभाग ऐसी चिट्ठी निकालकर मौन हो जाता है।
एक शिक्षक की सबसे बड़ी इच्छा क्या है? अपने कर्तव्य का पालन करते हुए अपने परिवार के साथ सम्मानपूर्वक जीवन जीना। ट्रांसफर पोर्टल इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
#BiharTeacherTransferPortal
एक शिक्षक की सबसे बड़ी इच्छा क्या है? अपने कर्तव्य का पालन करते हुए अपने परिवार के साथ सम्मानपूर्वक जीवन जीना। ट्रांसफर पोर्टल इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ सरकार एवं शिक्षा विभाग से आग्रह करता है कि शिक्षकों की वर्षों पुरानी स्थानांतरण संबंधी मांगों को गंभीरता से लेते हुए नई ट्रांसफर नीति को शीघ्र लागू किया जाए। वर्तमान परिस्थिति में हजारों शिक्षक परिवार से दूर रहकर मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और असुविध
कुल साढ़े ६ लाख शिक्षकों की संख्या बिहार में है! यदि उनका पदस्थापन उनके पंचायत में हो जाए तो प्रतिदिन साढ़े ६ लाख लीटर पेट्रोल बचेगा !
@imravisawarn@Anish97098