लातूर की जिला परिषद स्कूल में बड़ा सवाल! 🚨
CJP के ‘School Theek Karo’ सोशल ऑडिट के दौरान आरोप लगा कि निजी स्कूल के छात्रों को सरकारी स्कूल में बैठाया गया।
छात्रों ने अभिजीत दीपके के सामने कथित तौर पर इसकी पुष्टि की, जबकि हेडमास्टर ने उन्हें पास की उर्दू स्कूल का बताया।
आखिर डर क्या क्या करवा रहा है
@udaykotak आप मुझे यह बताओ डेबिट कार्ड का चार्ज पहले 199 रुपए कट होता था 1 साल का अब यह कौन सा नया तरीका है डायरेक्ट 750 रुपए। इस को क्या बोलेंगे चोरी?
ऐसा है तो बैंक कोटक महिंद्रा बैंक मे खाता रख कर क्या करेंगे।
अभिजीत दीपके: BJP की तरफ़ से उन्हें पार्टी में शामिल होने का ऑफर धमकियों के साथ मिला,
उनके मुताबिक कहा गया कि BJP जॉइन कर लो तो उनके और उनके परिवार की ज़िंदगी बेहतर हो जाएगी।
इस पर अभिजीत ने कहा, मैं मोदी और अमित शाह के पोते-पोतियों की उम्र का हूँ अगर बच्चों को धमकाना पड़े तो ऐसी ताकत का क्या मतलब।
IT'S A VICTORY OF DEMOCRACY
direct democracy... straight from the streets.
It's a victory of peace, patience & persévérance.
Congratulations CJP, Gen Z of the nation and thank you all citizens for shedding fear and the fear of fear and rising up from every corner of the nation.
FROM ACCOUNTABILITY, NOW TO REFORMS
मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।
जब बच्चे तक न उठा सकते आवाज़
तो कैसे कहें कि ये वतन है आज़ाद?
आज भाजपा के कट्टर समर्थक भी शर्मिंदा हैं और पश्चाताप और प्रायश्चित की आग में जल रहे हैं, उनका भी तो परिवार है और परिवार में बच्चे भी हैं, और उन बच्चों का भी वर्तमान और भविष्य है।
अब कोई भाजपा से भविष्य की क्या उम्मीद करे, जब वर्तमान में ही जनता भाजपा से पूरी तरह नाउम्मीद हो गई है।
आज हर उम्र के लाखों लोगों ने बेख़ौफ़ होकर जिस तरह भाजपा के विरोध में एकजुटता दिखाई है, सच तो ये है कि उस जन-आक्रोश को देखकर भाजपाई और उनके संगी-साथी बेहद डर गये हैं। ये वो आम जनता है जिसे सरकार की किसी भी एजेंसी का भय नहीं है।
भाजपा ख़त्म!
कितनी भयावह दृश्य कर दिया था सरकार ने,
फिर भी युवाओं ने संघर्ष किया,
सरकार ने शर्मसार कर दिया 🥺
ये स्वतंत्रत भारत की तस्वीर है जिसमें शिक्षा के लिए लाठियां खानी पड़ रही है।