माँ... वह प्रथम स्पर्श हैं, जो जीवन को ममता का अर्थ सिखाता है। वह प्रथम प्रार्थना हैं, जो बिना शब्दों के भी ईश्वर तक पहुँच जाती है।
आज माँ की पुण्यतिथि पर हृदय अत्यंत भावुक है। समय बीत जाता है, लेकिन माँ का स्नेह, उनके संस्कार और उनकी स्मृतियाँ कभी नहीं जातीं। वे आज भी मेरे हर निर्णय में, हर प्रार्थना में और जीवन के हर कठिन क्षण में मेरे साथ होने का एहसास कराती हैं।
मेरे लिए काकीजी (माँ) केवल माँ नहीं थीं, वे मेरी चेतना, मेरी श्रद्धा, मेरा संबल और मेरे जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा थीं। उनका स्नेह और आशीर्वाद ही मेरी सबसे अमूल्य पूँजी है।
वे भले ही आज देह रूप में हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका वात्सल्य, उनके दिए संस्कार और उनका आशीर्वाद हर पल मेरा मार्गदर्शन करते हैं। उनकी स्मृतियाँ मेरे जीवन की ऐसी अमिट धरोहर हैं, जो सदैव मेरे साथ रहेंगी।
माँ (काकीजी) के पावन चरणों में भावपूर्ण श्रद्धांजलि एवं बारम्बार नमन 🙏
समाज और कुछ तथाकथित 'हितैषियों' का असली चेहरा बिल्कुल इस वीडियो जैसा ही होता है
सामने से मदद का हाथ बढ़ाएंगे और कहेंगे, "बेटा हम तुम्हारे साथ हैं", लेकिन पीछे से तुम्हारी सफलता की सीढ़ी खींच रहे होंगे।
दुनिया तुम्हें गिरते हुए देखना चाहती है, उठते हुए नहीं! खुद पर भरोसा रखो और लगे रहो! 💯
#Motivation