ऑक्सफोर्ड में आचार्य प्रशांत, बताएंगे 'आत्म-ज्ञान' और 'स्व-शिक्षा' का महत्व
• काठमांडू में कलिंगा लिटरेरी अवॉर्ड 2026 प्राप्त करने के बाद आचार्य प्रशांत ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालम में वेदांत और भारतीय दर्शन पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। आईएएनएस न्यूज एजेंसी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के उपनिषदों का संदेश केवत सांस्कृतिक गौरव का विषय नहीं है, बल्कि वर्तमान वैश्विक चुनौतियों के लिए भी अत्यंत प्रासंगिक है।
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Acharya Prashant receives fresh death threat over his remarks honouring Dr Ambedkar
· Renowned philosopher and author Acharya Prashant has received a fresh death threat following his recent remarks in honour of Dr Bhimrao Ambedkar, triggering concern among his supporters and prompting his foundation to initiate legal action
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@MukAn_X Account delete कर दो। वही account जो अपना नंबर और email address डालकर बनाया था। अपनी इच्छा से अपना नंबर दिया था। यहाँ आकर झूठा रोना क्यों रो से हो बेवकूफ? 😂😂 तुम किसके लिए marketing कर रहे हो? 😂😂
वैसे मुझे मौक़ापरस्त लोगों से कोई मतलब नहीं होता।
लेकिन क्योंकि इसमें मेरे शिक्षक मुझे नया जन्म देने वाले व्यक्ति @Advait_Prashant जी का ज़िक्र है, इसलिए स्वयं को लिखने से रोक नहीं पाई। बाकी लोगों से मुझे कोई लेना-देना नहीं।
मैं बताती हूँ कि लोग आचार्य प्रशांत को क्यों सुनते हैं —
🔹 क्यों सुनते हैं लोग आचार्य प्रशांत को?
•लाखों-करोड़ों छात्र ऐसे हैं, जिनके जीवन को अंधकार में जाने से आचार्य जी ने रोका है।
•मेरे जैसी लाखों महिलाएँ हैं, जिन्होंने उड़ना सीखा है; जिन्हें नया जन्म मिला है।
•लाखों जानवरों को बचाया गया है और बचाया जा रहा है।
•Climate Change जैसे गंभीर विषय पर, जहाँ भारत में खुलकर बात तक नहीं होती, वहाँ आचार्य जी इसे आम लोगों तक पहुँचा रहे हैं।
•हज़ारों लोगों के रिश्ते बेहतर हुए हैं।
•जहाँ आज का युवा वेदांत, उपनिषद, भगवद्गीता जैसे ग्रंथों से दूर भाग रहा है, वहाँ विशुद्ध अध्यात्म को युवाओं तक पहुँचाया जा रहा है।
सूची बहुत लंबी है। तू चाहें तो नीचे दिए गए लिंक पर पूरा लेख पढ़ सकता हैं।
A rigorous exposition of AP Framework: Advaita stripped of metaphysics and refined into a relentless inquiry into ego and suffering.
👉🏻 Read here: https://t.co/DXlrl8bxlC
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अब कुछ स्पष्ट बातें:
तुम्हारी पोस्ट देखकर यही लगता है कि न तो ओशो का मर्म तेरे जीवन में उतरा है, न किसी और का।
तू आज भी “Original Vichar” सुन-सुनकर अपनी ही दुकान चला रहे हैं।
ओशो ने स्वयं कहा था —
“Listen to me, but don’t follow me blindly.”
तो फिर अंधानुकरण क्यों?
और आज के सबसे Logical, समकालीन और ज्वलंत मुद्दों पर बोलने वाले व्यक्ति को “सस्ती copy” कहना क्या दर्शाता है?
क्या तुम सच में जानते हैं कि आप किसके बारे में बात कर रहे हैं?
🔹 ओशो / आचार्य प्रशांत
•ओशो के पास कम्यून था, सैकड़ों संन्यासी थे।
•कृष्णमूर्ति के पास curated halls थे, elite audience थी, और राजनीति से दूरी का luxury था।
लेकिन आचार्य प्रशांत?
•Digital battlefield में अकेले खड़े हैं। Live sessions में हज़ारों unfiltered सवाल लेते हैं।
•हर चीज़ recorded है, फिर भी 8-second clips बनाकर संदर्भ से काटकर हमला किया जाता है।
•आज का सबसे बड़ा माध्यम algorithm है, जो “feel good” wellness industry को promote करता है।
और आचार्य जी उसी industry को expose कर रहे हैं।
•बिना किसी political backing, बिना foreign buffer के — भारत की जड़ समस्याओं पर सीधी बात कर रहे हैं:
जाति, धर्म, मांसाहार-उपभोगवाद, स्त्री-स्वतंत्रता, Climate Crisis।
कोई चमत्कार नहीं।
कोई aura-chakra की कहानी नहीं।
कोई पिछले जन्म का रहस्य नहीं।
सिर्फ़ तर्क।
सिर्फ़ आज की हक़ीक़त।
@Advait_Prashant ये तो इतना सब कर रहें हैं और तुम ? तुम क्या कर रहे हो - आचार्य प्रशांत के नाम से रोटी पानी की व्यवस्था?
तू confusion फैला रहा क्योंकि तुझ में सच सुनने की हिम्मत नहीं। Free Press Journal में कपिल जोशी ने लिखा है—'The Unique Mandate: The Difficulty Of Acharya Prashant's Role' ये uniquely arduous है, कोई copy नहीं, नया युद्धक्षेत्र है। डिजिटल chaos, पहचान-प्रेरित हमले, वेलनेस इंडस्ट्री का बैकलैश, संस्था चलाने का बोझ सब झेल रहे हैं बिना समझौते।
तेरे जैसे सारे 'ओशो लवर' जो सिर्फ सुनते हैं लेकिन बदलते नहीं, लेकिन आज आचार्य जी आग बनकर इस भारतवर्ष को रोशन करने की कोशिश कर रहे कहीं तो हम पिघल जायें इसी कोशिश में।
आचार्य जी सच के बंदे हैं और सच का बंदा जंगल में शेर होता है उनकी दहाड़ तुम्हारे जैसे चमगादड़ों की नींद उड़ा रही है - सच की आग सबको जला रही है fake spirituality, neta-baba nexus, ego की दुकानें। 🔥🐕🦺💥
पढ़ ले पूरा लेख, शायद तेरी आँखें खुल जाएँ:
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#AcharyaPrashant
A year ago we started with belief, today we stand with gratitude.
One year of TheSwadharm
A journey of faith, learning, and gratitude. Thank you for being part of our family. #theswadharm#happybirthday@vipinji2000@VatsalyaKumarD1