वर्तमान समय में दी गई धर्म की परिभाषा गलत है, इंसान अपने जीवन में जो भी कार्य करता है वह दो प्रकार के हैं,
1; व्यक्तिगत लाभ के लिए किया गया कार्य कर्म है
2; सामाजिक कर्तव्यों का पालन ही धर्म है
सामाजिक कर्तव्यों को सरकार तय करती है,इसलिए देश के सभी नागरिकों का धर्म एक है।