जबकि संत रामपाल जी महाराज जी ने कबीर साहेब को पवित्र वेदों से सिद्ध किया है कि काशी वाले कबीर साहेब ही पूर्ण परमात्मा हैं सारी सृष्टि के रचनहार हैं।
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साहेब सशरीर आये और अनेकों लीलाएं करके पुनः सशरीर सतलोक चले गए। क्योंकि पूर्ण परमात्मा कभी भी न जन्म लेता है और न उसकी मृत्यु होती है।
"Sant Rampal Ji Live Program"
#626वां_कबीरसाहेब_प्रकटदिवस
कबीर परमेश्वर का कलयुग में प्रकट होना
ज्येष्ठ मांस की पूर्णमासी सन् 1398(विक्रम संवत 1455) को पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब काशी में शिशु रूप में प्रकट हुए।
साहेब होकर उतरे, बेटा काहू का नाहीं।
जो बेटा होकर उतरे, वो साहेब भी नाहीं।।
पूर्ण परमेश्वर कबीर
धर्मों के लोग आपस में गले लग कर खूब रोए। परमात्मा कबीर साहेब जी ने इस लीला से दोनों धर्मों का वैरभाव समाप्त किया। मगहर में आज भी हिंदू मुस्लिम धर्म के लोग प्रेम से रहते हैं।
मगहर से सतलोक
#1Feb_GodKabir_NirvanaDiwas
आज से 505 वर्ष पूर्व कबीर साहेब जी ने जब सशरीर सतलोक ��ो प्रस्थान किया, तब आकाशवाणी हुई :-
“उठा लो पर्दा, इसमें नहीं है मुर्दा”
वैसा ही हुआ कबीर परमात्मा का शरीर नहीं बल्कि वहां सुगन्धित फूल मिले, जिसको हिन्दू मुस्लिम राजाओं ने आधा आधा बांट लिया। दोनों
धर्मों के लोग आपस में गले लग कर खूब र��ए। परमात्मा कबीर साहेब जी ने इस लीला से दोनों धर्मों का वैरभाव समाप्त किया। मगहर में आज भी हिंदू मुस्लिम धर्म के लोग प्रेम से रहते हैं।
मगहर से सतलोक
#1Feb_GodKabir_NirvanaDiwas
आज से 505 वर्ष पूर्व कबीर साहेब जी ने जब सशरीर सतलोक को प्रस्थान किया, तब आकाशवाणी हुई :-
“उठा लो पर्दा, इसमें नहीं है मुर्दा”
वैसा ही हुआ कबीर परमात्मा का शरीर नहीं बल्कि वहां सुगन्धित फूल मिले, जिसको हिन्दू मुस्लिम राजाओं ने आधा आधा बांट लिया। दोनों
#TheStoryOfLordShiva
ॐ नमः शिवाय व महामृत्युंजय मंत्र के जाप से मुक्ति संभव नहीं। गीता अध्याय 17 श्लोक 23 में कहा है कि पूर्ण परमात्मा व मोक्ष की प्राप्ति का केवल तीन मंत्र ओ३म् (ॐ) तत् सत् के जाप का ही निर्देश है। (जो कि सांकेतिक हैं) जिसे तत्वदर्शी संत ही बता सकते हैं।
वह तत्वद
#पूर्णगुरु_संतरामप���लजी_महाराज
श्री गुरु ग्रन्थ साहिब पृष्ठ 946
बिन सतगुरु सेवे जोग न होई। बिन सतगुरु भेटे मुक्ति न होई।
बिन सतगुरु भेटे नाम पाइआ न जाई। बिन सतगुरु भेटे महा दुःख पाई।
बिन सतगुरु भेटे महा गरबि गुबारि। नानक बिन गुरु मुआ जन्म हारि।
#बकरा_न_काटो
मांस खाना हराम
नबी मुहम्मद नमस्कार है, राम रसूल कहाया,
1लाख 80 को सौगंध जिन नहीं करद चलाया।
अरस कुरस पर अल्लह तख्त है खालिक बिन नहीं खाली,
वे पैगंबर पाक़ पुरुष थे, साहिब के अब्दाली।।
गरीबदासजी बताते हैं कि नबी मुहम्मद जी परमात्मा की बहुत नेक आत्मा थी। उन्होंने कभी
#Allah_DidNotOrder_ToEatMeat
मांस खाना हराम
नबी मुहम्मद नमस्कार है, राम रसूल कहाया,
1लाख 80 को सौगंध जिन नहीं करद चलाया।
अरस कुरस पर अल्लह तख्त है खालिक बिन नहीं खाली,
वे पैगंबर पाक़ पुरुष थे, साहिब के अब्दाली।।
गरीबदासजी बताते हैं कि नबी मुहम्मद जी परमात्मा की बहुत नेक आत्मा
#RealKnowledgeOfQuran
पवित्र कुरान में नशा तथा जूआ निषेध है।
सूरः अल् बकरा—2 आयत नं. 219 :—
शराब तथा जूए में बड़ी खराबी है, महापाप है।
Baakhabar Sant Rampal Ji
#DivinePlayAtMaghar
पूर्ण परमात्मा कविर्देव (कबीर परमेश्वर) मा�� के गर्भ से जन्म नहीं लेते हैं। अपने निज स्थान सतलोक से सशरीर आते हैं, सशरीर जाते हैं। 1398 में काशी में लहरतारा तालाब में शिशु रूप में प्रकट हुए और 1518 में मगहर से सशरीर सतलोक गये। उनके शरीर के स्थान पर सुगंधित
#DivinePlayAtMaghar
���गहर रियासत (वर्तमान जिला कबीर नगर, उत्तरप्रदेश) में आज भी प्रमाण विद्यमान है कि कबीर परमेश्वर माघ माह शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी विक्रम संवत् 1575 (सन् 1518) को सशरीर सतलोक गए तो कबीर परमेश्वर के शरीर के स्थान पर सुगंधित फूल मिले थे।
फूल मिले कफन के नीचे, पाया