हरिद्वार... किलोमीटर तक लोगों की भीड़...
मुद्दा : UGC रोलबैक...
लीडर : महिपाल सिंह मकराणा...
"यह भीड़ बता रही हैं जनता अब जाग रही हैं... सवर्ण परित्याग कब तक करते जाएंगे....
राजस्थान में EWS और उत्तराखंड में यूजीसी के लिए यह उमड़ती भीड़ भाजपा के अहंकार के ताबूत की अंतिम कील हैं..
चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ रेप केस में दर्ज होगी FIR....कोर्ट ने दिया 23 अक्टूबर तक का समय!!
उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कराने की मांग से जुड़े मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को जांच पूरी करने के लिए 23 अक्टूबर तक का समय दिया है।
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से जांच पूरी करने के लिए दो महीने का अतिरिक्त समय मांगा था।
दरअसल, एक पीड़िता ने सांसद चंद्रशेखर आजाद पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, मानसिक और भावनात्मक शोषण करने के साथ ही धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
अब जल्दी ही इसका ❤️ डेम भोज्यम होने वाला है अब अमित शाह जी भी नहीं बचा पाएंगे इसको।
अति का अंत होने वाला है अब देख लेना इसको यूपी चुनाव के पहले जेल हो जायेगी।
SC-ST Act न्याय और सुरक्षा के लिए है, किसी को फर्जी मुकदमों के जरिए वसूली का हथियार देने के लिए नहीं।
अगर रविता गौतम पर लगाए गए आरोप सही हैं और SC-ST Act के कथित दुरुपयोग के जरिए लोगों से पैसे वसूले गए हैं, तो पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
कानून का सम्मान तभी बचेगा जब वास्तविक पीड़ित को न्याय और निर्दोष को सुरक्षा—दोनों सुनिश्चित हों।
#SCSTAct #MisuseOfLaw #RuleOfLaw
सामान्य वर्ग ये हुजूम सारी पार्टियों की राजनीति खत्म कर देगा! जो नेता आज यूजीसी,scstact और आरक्षण reform पर नहीं बोल रहे है उनका अब जाने का समय आ गया है! ये भीड़ @RavindraBhati__ के नेतृत्व में किए गए आंदोलन की है! सत्ता की जड़ें हिलने वाली है!
सांसद चंद्रशेखर के ख़िलाफ़ बलात्कार के आरोप के एक शिकायत में, राउज एवेन्यू कोर्ट ने DCP को नोटिस जारी किया है कि:- “सुनिश्चित किया जाए कि सुनवाई की अगली तारीख़ तक जांच पूरी हो जाए।
कोर्ट ने मामले की सुनवाई 23 अक्टूबर के लिए निर्धारित की है।
दिल्ली पुलिस ने जांच पूरी करने के लिए 2 महीने का अतिरिक्त समय मांगा था जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
एक महिला ने चंद्रशेखर आज़ाद के ख़िलाफ़ शादी के बहाने बलात्कार का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
NEET PG में जीरो और माइनस 19 नंबर आ रहे हैं, तो प्रश्न उठता है कि 720 नंबर में कुछ तो एक लेवल होना चाहिए। लेकिन प्रतिनिधित्व ज़रूरी है ना, तो एग्जाम की क्या माया है, इलेक्शन होना चाहिए कि कौन डॉक्टर बनना चाहता है।
गाँव-गाँव में कह दो, इस जिले से 40 लोग NEET PG के लिए चाहिए, बैचलर्स चाहे हिंदी में किया हो, अंग्रेजी में या B.A. पास हों, मेडिकल हम करवा देंगे। हर घर में एक डॉक्टर हो जाएगा। प्रतिनिधित्व भी हो जाएगा।
सवर्ण समाज के नेताओं और राजनीतिक पार्टियों के बढ़ावा मजदूरों, समाज को धोखा देने वालों—आंखें फाड़-फाड़कर देख लो!
रविंद्र सिंह भाटी निर्दलीय विधायक हैं, इसलिए खुलकर बोल पा रहे हैं। बंधुआ मजदूर नहीं हैं, इसलिए समाज के मुद्दे पर लड़ पा रहे हैं।
देख लो, किस तरह EWS वर्ग को उनका हक और अधिकार दिलाने के लिए सड़क पर उतरकर संघर्ष कर रहे हैं और उन्हें कितना जनसमर्थन मिल रहा है।
भीड़ देखकर अब तो आपकी आंखें खुल जानी चाहिए!
पहले बच्ची के साथ गाली गलौज की, फिर पिता द्वारा पुलिस में शिकायत करने पर पिता पर SC/ST एक्ट लगा दिया!
अब बच्ची डिप्रेशन में है और अस्पताल में है!
जिन लोगों ने भी इस एक्ट को ऐसा भयावह बनाया है, याद रखो-
जो दूसरे के लिए गड्ढा खोदता है, एकदिन वो उसमें खुद गिरता है!
लड़के महिला ऑफिसर को अंदर खींच के ले जा रहे हैं
ड्रिंक किए हुए हैं ये सारे…..
ये भी महिला हैं। दिन रात मेहनत करके नौकरी पर हैं। दिल्ली को नेपाल और बांगलादेश बनाने की चाह रखने वाले अब शुद्ध अराजकता और गुंडागर्दी पर उतारू हैं……
जनसैलाब सैलाब तो श्री डूंगर गढ़ में हो रहा हैं... 😎 लेकिन धुंआ धुंआ कुछ बाड़मेर से हो रहा है...
"पैसे देकर भी 1000 लोग नहीं आते.. इधर एक यात्रा में अथाह जनसैलाब उमड़ रहा हैं..."
Did you know?
There is reservation not only in petrol pumps allocations, but also in LPG dealerships?
This means that petrol pumps & LPG retail outlets are allocated based on caste!
Now the question is:
Why do petrol pumps & LPG outlets need "caste-based representation"?
सांसद चंद्रशेखर की पार्टी “आज़ाद समाज पार्टी” की रविता गौतम समेत दिलशाद, जुल्फिकार और अन्य आरोपियों को दुष्कर्म के कई झूठे मामले दर्ज करवाने के आरोप में बिजनौर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
मेरी जानकारी ये है कि ये गिरोह SC/ST एक्ट की और रेप केस की धमकी देकर उगाही करता था। बिजनौर और उसके आसपास के कई लोग इसका शिकार हो चुके हैं। इसमें अन्य अधिवक्ता और नेता भी शामिल हो सकते हैं।
बिजनौर SP KK बिश्नोई ने कई लोगों को शिकार होने से बचाया। जाँच इस एंगल भी होनी चाहिए कि कहीं यहीं से फंडिंग तो नहीं जाती थी?
कल भील समुदाय ने आरक्षण उपवर्गीकरण सहित तीन सूत्री मांगों को लेकर बांसवाड़ा (राजस्थान) में सामाजिक न्याय की ऐतिहासिक महारैली का आयोजन किया👇
बता दें कि ST आरक्षण में उपवर्गीकरण की मांग भील समुदाय के लोग लंबे समय से लड़ रहे हैं-ना सिर्फ़ ज़मीन पर बल्कि कानूनी तौर पर पर भी!
इनका कहना है कि ST आरक्षण का बड़ा हिस्सा मीणा समुदाय ले जाता है जिससे भील और अन्य ST जनजातियों को आरक्षण का कुछ फायदा नहीं मिल रहा!
इनको हमारा पूरा समर्थन है!
आरक्षण में वर्गीकरण जबतक नहीं होगा, असली वंचित जातियों को उनका हक कभी नहीं मिलेगा!