कुछ नहीं सीखती सरकारें. इनको लगता है लाठी से नौजवानों का मुंह बंद हो जाएगा.
ना दिल्ली में हुआ था, ना झारखंड में होगा.
वो भी जीते थे. ये भी जीतेंगे.🫡
भ्रम ना पाले @HemantSorenJMM सरकार.
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे निहत्थे छात्रों पर पुलिस की यह बर्बरता दिखाती है कि सिस्टम कितना डरा हुआ है। असली दोषियों को पकड़ने के बजाय प्रशासन सीधा छात्रों पर ही अपना जोर आजमा रहा है।
लाठियों के दम पर युवाओं की जायज़ मांगों को कभी नहीं कुचला जा सकता। हम छात्रों के इस संघर्ष में उनके साथ हैं।
#Jharkhand #JSSC_CGL #JPSC
यूपी के सीतापुर के सरकारी स्कूल का 'लज़ीज़' मिड-डे मील देख लीजिए!
कागज़ों पर करोड़ों का बजट पास होता है, लेकिन बच्चों की थाली तक आते-आते इस मिड-डे मील का ये हाल हो जाता है। एक तरफ हम 'विश्वगुरु' और 'विकसित भारत' बनने की बात करते हैं, और दूसरी तरफ हमारे मासूम बच्चों को जानवरों से भी बदतर खाना दिया जा रहा है।
ये कोई मामूली लापरवाही नहीं है, ये सीधे तौर पर देश के भविष्य के साथ किया जा रहा बहुत बड़ा पाप है।
प्रशासन को इस पर तुरंत और सख्त एक्शन लेना चाहिए।
सभी पूछ रहे हैं ये कौन हैं?
ये मोहम्मद इरफ़ान हैं। साफ़गोई के साथ अपनी बात रख रहे हैं। संविधान की प्रस्तावना ऐसे सुना रहे हैं जैसे किसी गीत की तरह याद कर रखा हो। लोकतंत्र में व्यक्ति ही गरिमा की अहमियत बता रहे हैं। सोनम वांगचुक के साथ बदसलूकी पर ख़फ़ा हैं
"लश्कर भी तुम्हारा है, सरदार तुम्हारा है,
तुम झूठ को सच लिख दो, अख़बार तुम्हारा है।
इस दौर के फरियादी जाएँ तो कहाँ जाएँ,
क़ानून तुम्हारा है, दरबार तुम्हारा है।"
इस दौर के फरियादी जायें तो कहां जायें
कानून तुम्हारा है दरबार तुम्हारा है।
सूरज की तपन तुमसे बर्दाश्त नहीं होती
इक मोम के पुतले सा किरदार तुम्हारा है।
~ अर्जुन सिंह चांद
दुनिया के इतिहास मै तानाशाह का साथ देने वाले भी तानाशाह के साथ ख़त्म हो गए थे, तानाशाही का हनीमून जायदा नहीं चलता और तानाशाह की गोद मै बैठे लोगो का भी नहीं।
@AmanChopra_@RubikaLiyaquat@sudhirchaudhary@SushantBSinha@navikakumar@smitaprakash@AMISHDEVGAN
जब अमीन की सत्ता गई, तो पिछले 8 सालों से उसके अत्याचारों और हिंसा का शिकार हुए आम नागरिकों और विरोधी गुटों का गुस्सा फूटा।
अमीन के शासनकाल में मुख्य रूप से काक्वा (Kakwa) और नूबियन (Nubian) समुदायों के लोगों को सेना और प्रशासन में विशेष महत्व मिला था, क्योंकि इद्दी अमीन खुद इन्हीं समूहों से ताल्लुक रखता था। (आरएसएस)
सत्ता पलटने के बाद, बदले की भावना से इन समुदायों और अमीन के समर्थकों को देश के अन्य हिस्सों में भारी हिंसा, हमलों और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। कई लोगों को अपनी जान बचाने के लिए ग्रामीण इलाकों में छिपना पड़ा
संक्षेप में कहें तो, इद्दी अमीन के समर्थकों का हश्र बहुत बुरा हुआ; उनकी ताकत बिखर गई, कई लोगों को देश छोड़कर भागना पड़ा, कितनों को हिंसक प्रतिशोध का शिकार होना पड़ा और वे युगांडा की राजनीति व समाज में पूरी तरह अछूत मान लिए गए।
समझे या पल्ले नहीं पड़ी अभी तक
तानाशाह एक डरपोक आदमी होता है। अगर पांच गधे भी साथ-साथ घास खा रहे हों तो तानाशाह को डर पैदा होता है कि गधे भी मेरे खिलाफ़ साज़िश कर रहे हैं।
~ हरिशंकर परसाई
आज के लोकतंत्र मे जन्तर मंतर दिल्ली में हो रहे मार्च मे जो हुआ वो भयावह था....
अगर जलियावाला कांड महसूस करना चाहो तो
, तानाशाही क्या होती है कभी महसूस नही हुई हो तो.... देख लो यारो .... आँखें खोलो....
@CJP_for_India#20julysansadchalo#संसद_मार्च#Resign_Modi
CJP Protest: संसद चलो मार्च में आए छात्रों का जनसैलाब देख दंग रह जाएंगे. दिल्ली पुलिस छात्रों पर लगातार लाठियां बरसा रही थी. आंसू गैस के गोले दाग रही थी. बावजूद छात्र बैरिकेड दर बैरिकेड का चक्रव्यूह तोड़ संसद की तरफ़ कूच कर रहे थे.