@BJP4Rajasthan@Tejasvi_Surya तत्कालीन शिक्षा मंत्री वर्तमान मै राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बना दोहरी नीति के तहत प्रमोशन मिला है जो अब तक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बना हुआ है @RahulGandhi@INCIndia इनको तत्काल प्रदेश अध्यक्ष पद से मुक कर इस आलोचना का जवाब दो !
दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज करना और आँसू गैस के गोले दागना पूरी तरह ग़लत है। मैं इसकी कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ।
पेपर लीक जैसे बेहद गंभीर मुद्दे पर सरकार को छात्रों की माँगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और उनसे संवाद करना चाहिए, न कि बल प्रयोग का रास्ता अपनाना चाहिए।
छात्रों की आवाज़ को दबाने के बजाय उनकी चिंताओं का समाधान किया जाना चाहिए।
सरकार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा लेना चाहिए और परीक्षाओं में हो रही धांधली को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी ने भी छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग को लेकर कई बार सरकार को घेरा है।
प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
पूर्वी राजस्थान से आयी सदियों पुरानी सामाजिक भाईचारे की एक झलक।
सदियों से मीणा - गुर्जर भाई भाई की तरह रहते आये हैँ नफरती ताकते कभी इस सामाजिक भाईचारे को नहीं तोड़ पायेगी। @SachinPilot
जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर
में अघोषित फीस वृद्धि के विरोध में NSUI जोधपुर ग्रामीण जिलाध्यक्ष मनीष बिश्नोई सहित NSUI पदाधिकारी एवं कई छात्र पिछले दिनों से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे थे। लेकिन पुलिस प्रशासन ने इन छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनने और समाधान निकालने की बजाय संघर्षरत NSUI पदाधिकारियों एवं छात्रों को गिरफ्तार किया।
NSUI कार्यकर्ताओं और छात्रों पर दमन की कार्यवाई कर भाजपा सरकार ने अपनी छात्र विरोधी मानसिकता को एक बार फिर जगजाहिर कर दिया है। आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के हितों और न्यायपूर्ण मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना छात्रों का संवैधानिक अधिकार है। गिरफ्तारी और दमन का सहारा लेकर उनकी आवाज़ को दबाने का प्रयास अलोकतांत्रिक और निंदनीय है।
@Khalbaali डूवती नाव की सवारी कोई नहीँ करना चाहता ! सभी जानते है पायलट साहव विधायक /सांसद बनाने की फैक्ट्री है पेपर वाला तो खुद का अस्तित्व बचाने के लिए लड़ रहा है !🤣