जयपुर के शहीद स्मारक पर चल रहे तृतीय श्रेणी शिक्षकों के संघर्ष को आखिरकार एक बड़ी जीत मिल गई है! संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुनील महला ने मंच से ऐलान किया है कि सरकार के साथ वार्ता "एकदम से 100 प्रतिशत पॉजिटिव रही" है।
@madandilawar@BhajanlalBjp#तृतीय_श्रेणी_शिक्षक_तबादले #ThirdGradeTeachers #TeachersTransfer #3rd_ग्रेड_ट्रांसफर #3rdgradetransfer
कहीं राजस्थान में भी जंतर-मंतर जैसे हालात न बन जाएं… सरकार को तृतीय श्रेणी शिक्षकों के आंदोलन को बिल्कुल हल्के में नहीं लेना चाहिए।
तृतीय श्रेणी शिक्षक वर्षों से अपनी जायज़ ट्रांसफर की मांग कर रहे हैं। अब हजारों शिक्षक जयपुर के शहीद स्मारक पर धरने पर बैठने को मजबूर हो गए हैं, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय संवेदनहीन भाजपा सरकार आवाज़ दबाने में लगी है। बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं तक बंद कर दीं गई हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
हमारी मांग है कि सरकार को गंभीरता के साथ तुरंत शिक्षकों के प्रतिनिधियों से वार्ता कर इस मुद्दे का सकारात्मक समाधान निकालना चाहिए। अगर समय रहते संवाद नहीं हुआ, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार की हठधर्मिता पर होगी।
@BhajanlalBjp@RajCMO
तृतीय श्रेणी शिक्षक लम्बे समय से स्थानांतरण की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। आज अपनी इस जायज मांग को लेकर जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर उन्होंने धरना भी दिया |
जब शिक्षक ही अपनी मूलभूत प्रशासनिक समस्याओं के समाधान के लिए सड़कों पर उतरने को विवश हों, तो यह सरकार की संवेदनहीन कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से मांग करता हूँ कि इन शिक्षकों की पीड़ा को सुनते हुए जल्द से जल्द पारदर्शी रूप से तृतीय श्रेणी शिक्षकों का तबादला करने से जुड़ी मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया जाये |
@RajCMO
5 अगस्त को होने वाले जयपुर के इस तृतीय श्रेणी शिक्षक स्थानांतरण आंदोलन में राजस्थान एकीकृत शिक्षक महासंघ का समर्थन रहेगा। 🙏
#तृतीय_श्रेणी_शिक्षक_मांगे_स्थानांतरण
मैं इन भाई को नहीं जानता, इनका क्या नाम है मुझे नहीं पता।
लेकिन इन भाई के चंद मिनटों के विचारों ने स्पष्ट कर दिया कि लोकतंत्र क्या है, संविधान क्या है और भारत देश क्या है।
मैं स्वयं तथा तमाम राजनीतिक दलों, राजनेताओं, नीति निर्माताओं, देश के जिम्मेदार पदों पर बैठे ओहदेदारों से लेकर अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक को यदि किसी एक चीज के पालन की जरूरत है तो वो है देश के संविधान की मूल भावना की। हमारा सच्चा राष्ट्रवाद हमारे संविधान में निहित है।
अंतरात्मा हिल जाएगी इसे सुनकर !
इतनी समझदारी की बात करने वाले बंदे का नाम मोहम्मद इरफ़ान हैं, इन्हें औपचारिक शिक्षा तक नहीं मिली..दिल्ली की एक झुग्गी बस्ती में रहते हैं... इन्होंने जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन में सक्रियता से हिस्सा लिया... शिक्षा और समाज पर इनका ज्ञान वाकई एक मिसाल है... सुनना जरूर एक बार...
“माताओं की मौत पर ठहाके लगाते जिम्मेदार!”
प्रदेश में पिछले दो महीनों में 18 प्रसूताओं की मौत पर जवाबदेही तय करने के बजाय, स्वास्थ्य मंत्री मीडिया के सामने गैर-जिम्मेदाराना बयान देकर हंस रहे हैं। इससे बड़ी शर्मनाक बात क्या होगी?
यह प्रदेश की हर माँ-बहन की भावनाओं, सम्मान और मातृत्व की गरिमा का अपमान है।
आखिर जनता के जीवन की सुरक्षा की उम्मीद किससे की जाए?
#NirmalChoudhary
मैं मोदी जी से हाथ जोड़कर विनती करता हूँ...
हमारे देश में 22 करोड़ मोटरसाइकिलें और 8 करोड़ कारें ऐसी हैं जो E20 के लिए नहीं बनी हैं। सरकार की ज़बरदस्ती के कारण ये सभी गाड़ियाँ कबाड़ बन जाएँगी।
आप जनता को ऑप्शन तो दीजिए। देश के सभी पेट्रोल पंपों पर E10, E20 और E0 सब उपलब्ध होना चाहिए। फैसला जनता का होना चाहिए कि वे अपनी गाड़ी में कौन सा पेट्रोल डालना चाहते हैं, न कि सरकार का।
भजन गायक राजेंद्र जी ने राजस्थानी मधुर आवाज़ में पूरा बचपन आँखों के सामने ला दिया... आप भी एक बार बचपन की यादों में गौता लगा आइये..
#highlights#childhoodmemories
शासन प्रशासन में पढ़ी-लिखी बेटियां भारत के बेस्ट टूरिज्म विलेज देवमाली भगवान देवनारायण जी को अपने संस्कृति से जोड़ते हुए बहुत हुए शानदार प्रस्तुति के माध्यम से....👍
युवा दिलों की धड़कन,गरीब किसान मजदूर की आवाज,PCC मेंबर बड़े भाई साहब संग्राम गुर्जर जी को जन्म दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भगवान देवनारायण जी का आशीर्वाद सदैव आप पर बना रहे हैं......💐💐
@MasudaSangram
पता है, भारत की सिर्फ़ 5 परीक्षाओं - NEET, JEE, SSC, UPSC और RRB की तैयारी पर छात्र और उनके परिवार हर साल कितना ख़र्च करते हैं?
₹3.5 लाख करोड़।
यानी भारत सरकार के पूरे शिक्षा बजट का लगभग तीन गुना। शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, विज्ञान और महिला-बाल विकास - इन पाँच मंत्रालयों के कुल बजट के बराबर।
और बदले में करोड़ों युवाओं को क्या मिलता है? तनाव, अनिश्चितता, बेरोज़गारी, और टूटते सपने।
जो ख़र्च सरकार की ज़िम्मेदारी है, उसका बोझ आज परिवार उठा रहे हैं।
#ChhatronKiGoonj