अन्ना हजारे ने 11 दिनों के बाद ही अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया था— उनके सामने कांग्रेस सरकार को झुकना पड़ा था।
जबकि सोनम वांगचुक पिछले 14 दिन से आमरण भूख हड़ताल पर हैं— लेकिन BJP सरकार वहां झांकने भी नहीं जा रही है।
सोनम अनशन के लिए गलत सरकार चुन ली— यहां इस्तीफे नहीं होते जी..!!
लखनऊ के पड़ोस में होना ही क्या कानपुर की सबसे बड़ी सज़ा बन गया है? हर बड़ा प्रोजेक्ट राजधानी की झोली में, और कभी उत्तर प्रदेश की औद्योगिक रीढ़ रहा कानपुर सिर्फ़ उपेक्षा का शिकार। आखिर कब मिलेगा कानपुर को उसका हक़?#Kanpur#Development#UttarPradesh#MyYouthMyPride#NamaazwadiParty
Ethanol पर बोलने वाले हर आम आदमी को सरकार तरह-तरह की गाली दे रही है- Anti-National, petrol lobby, और भी कुछ-कुछ। इतना अहंकार ठीक नहीं।
आज मैं petrol pump और service station जाकर आम लोगों से बात करूँगा और उनकी समस्या आपसे share करूँगा।
Damn, I checked it and it is true.
Petrol - बिना टैक्स के 50-55 रुपये का पड़ रहा है।
Ethanol - 80 रूपये तक का पड़ता है।
इथेनॉल मिलाने से actually में petrol महंगा हो जाता है।
😂😂😂🤣
सच में फंस गये, क्योंकि गडकरीजी ने लालच में लगवा दिए है दुनिया भर के इथेनॉल प्लांट।
और अब बन रहा है पैसा।। अब न माने कोई भी।
शाहपुरा विधायक लालाराम बैरवा ने हाइवे किनारे गौशाला दिखाकर 20 बीघा चारागाह पर किया कब्जा, लेकिन वहां 1 भी गाय नहीं
#Rajasthan#Shahpura#LandEncroachment
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> Bro is IAS Sanjeev Hans, Bihar cadre
> ED raid unearthed Disproportionate Assets worth 90-100 crores.
> Land worth ₹23.72 crore attached in Nagpur, flats in Delhi and Jaipur.
> Gold jewellery: ₹1.25 crore.
> Luxury watches: ₹65 lakh.
> Silver bullion: ₹11 lakh.
> Shares (in proxy accounts): ₹60 crore.
> Cash seizures Over ₹11.64 crore
> Arrested by ED, Spent 1 year in Jail
> Got bail, reinstated in service
> Currently Board member of Revenue department, Bihar
Case will definitely run for decades, why ED CBI has so poor conviction rate in their cases ?
"आम की बम्पर हार्वेस्टिंग हो गई तो आम के दाम गिर गए"
~भाई आम के सीजन में हार्वेस्टिंग नहीं होगी तो कब होगी?
~धान के सीजन में ज्यादा धान आ गया तो धान सस्ता हो गया?
~गेहूं के सीजन में ज्यादा गेहूं आ गया तो गेहूं सस्ता हो गया?
~कभी सुना है कि कच्चा तेल सस्ता हो गया तो पेट्रोल के दाम गिर गए?
~मारुति ने ज्यादा कार बना दी तो कारें सस्ती हो गई?
~फुटवियर का ज्यादा प्रोडक्शन हो गया तो दाम घट गए?
~ये सिर्फ किसानों के साथ होता है, सिर्फ वो ही ठगे जाते हैं,
मै गारंटी के साथ कह सकता हूं कि, @ChouhanShivraj जी किसी एक भी किसान की आय दुगुनी हुई हो, दिखा नहीं सकते हैं।
गज़ब बकलोली हो रही मोदी सरकार में।
मतलब मैं अपने किसी बूढ़े रिश्तेदार को रेल टिकट बुक कर अपने फोन से उन्हें व्हाट्सएप पर भेज दूं तो उनके फोन पर टिकट नहीं मानी जाएगी।
बहुत से बच्चे अपने मां बाप को टिकट बुक करके मैसेज में भेज देते।
ये लोग हिंदुस्तान में रहते भी हैं या सोचते कि अमेरिका हो गया हिंदुस्तान?
देख लीजये @dgpup साहब आपका इंस्पेक्टर थाने पर बिना वर्दी का है ऊपर से रोब दिखा रहे है
ऊपर से महिला अधिवक्ता के साथ आई पीड़ित महिला की सुनवाई करने के बजाए इंस्पेक्टर साहब अपनी महिला पुलिसकर्मी को बुलाकर महिला अधिवक्ता को हिरासत में ले लिया है ।
ऐसा प्रतीत हो रहा है योगी सरकार में इंस्पेक्टर से लेकर IPS तक सब हिटलर बन गए है।
SSP मेरठ की After Conference सुन के आपके होस उड़ जाएंगे 😢😢
कोई अधिकारी इतना निर्लज कैसे हो सकता है?
सामान्यतः प्रेस कॉन्फ्रेंस ऑब्जेक्टिविटी के साथ होती हैं, यहां लगता है SSP खुद को राजा समझ बैठे हैं।
वीडियो में समझाने की कोशिश की है।
खेजड़ी कटाई का सबसे बड़ा गुनहगार कौन…??
व्यक्तिगत ज़मीनों की बात करें…
तो सबसे पहला गुनहगार है खेत मालिक…
जो अपना खेत लीज़ पर देता है और साथ मिलकर खेजड़ी कटवाता हैं…
क्योंकि खेजड़ी नहीं काटोगे तो कम्पनियाँ ज़मीन के दाम काटेगी…
ज़्यादा मुनाफ़े के लालच में खेत मालिक खुद खेजड़ियाँ कटवाते हैं…
दूसरा सबसे बड़ा गुनहगार है सरकार…
जो कम्पनियों को पाबंद नहीं करती..,
सोलर प्लांट लगाने हैं लगाओ… लेकिन पेड़ एक भी नहीं कटेगा…
तीसरी और सबसे कम गुनहगार है कम्पनियाँ…
और अगर सरकारी ज़मीन की बात करें…
तो भी सबसे बड़ी गुनहगार सरकार है…
सोलर कम्पनियों को दोष देना बंद करो…
वो यहाँ व्यापार करने आयी है..
उसे आप जैसा माहौल दोगे… वो वैसे माहौल में खुद को ढाल लेगी…
तुम बेईमान हो तो कम्पनी भी बेईमान है…
तुम ईमानदार हो तो कम्पनी भी ईमानदार हैं…!!!
नाम: राजेंद्र पटेल
IAS: 2015 बैच
उन्होंने ज़मीन का इस्तेमाल खेती से बदलकर गैर-खेती वाला करने के लिए रिश्वत का एक फिक्स्ड 'मेनू कार्ड' ही बना लिया था, जिसमें ₹10 प्रति वर्ग मीटर रिश्वत मांगी जाती थी। रिश्वत की कुल रकम 10 करोड़ रुपये से ज़्यादा थी।
रिश्वत की रकम का बंटवारा
कलेक्टर: 50%
एडिशनल कलेक्टर: 25%
मामलतदार: 10%
डिप्टी मामलतदार: 10%
क्लर्क: 5%
ED ने आशंका जताई है कि इस घोटाले का दायरा लगभग ₹1,500 करोड़ तक पहुँच सकता है....Read News