@ramesh_ruyal मिस्टर शायद पिछले दो दिनों की खामोशी इस बात का सबूत है कि भ्रम का चश्मा उतर चुका होगा
सैनिकों के पीठ पीछे राय बनाने के बजाय सामने आइए बैठकर बात करते हैं ताकि सच्चाई सामने आए आपकी गलतफहमी दूर हो सके
सैनिक राष्ट्र को बचाने का काम करता है इस लिए आगे से युवा वर्ग में भ्रम ना फैलाए
@Narendra4UEI@ramesh_ruyal भूतपूर्व सैनिकों को जाति के आधार पर बाँटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। आपने कहा सभी एक ही जाति के थे—तो प्रमाण कहाँ है? इस बार सिर्फ आरोप नहीं, सबूत चाहिए।
@Narendra4UEI@ramesh_ruyal रमेश जी, अंग्रेजों की “फूट डालो और राज करो” वाली नीति से हमें बचना चाहिए, उसे आगे नहीं बढ़ाना चाहिए। पूर्व सैनिकों को जाति में मत बाँटिए। प्रमाण है तो सामने रखिए।
@Narendra4UEI@ramesh_ruyal रमेश जी, भूतपूर्व सैनिक की पहचान उसकी जाति नहीं, उसकी सैन्य सेवा होती है। आपने किस आधार पर सभी सैनिकों को एक जाति का बताया? प्रमाण दीजिए। बिना सबूत ऐसी बात फैलाना उचित नहीं है।
@ramesh_ruyal "मिस्टर रूयल सस्तें प्रचार के लिए सैनिकों को जातिवाद के चश्मे से देखना बंद करो। आपने किस आधार पर यह बात फैलाई है कि चेयरमैन से मिलने वाले सभी सैनिक एक ही जाति के थे? इस बार आपको ठोस सबूत देना होगा, वरना जनता को गुमराह करने का एजेंडा अब चलने वाला नही है।
@Ra_THORe सैनिक के शब्दों में जो दृढ़ता होती है, वह सामान्य आश्वासन में नहीं मिलती। @Ra_THORe साहब, आपने कह दिया है तो भरोसा अपने आप मजबूत हो गया है। शहीद परिवारों के सम्मान के इस संकल्प को नमन। 🇮🇳 #FaujiBhai
@Ra_THORe@Ra_THORe साहब, आपने जिस संवेदनशीलता से शहीद परिवारों की बात रखी है, वह सिर्फ प्रशासनिक विषय नहीं बल्कि राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना है। आपके शब्दों पर विश्वास है और आपके संकल्प को सलाम। 🇮🇳
हमारे शहीदों के परिवारों, वीरांगनाओं और पूर्व सैनिकों का सम्मान हमारा दायित्व भी है और हमारी संस्कृति भी।
बाड़मेर में हुई घटना मेरे संज्ञान में आई है। इससे शहीद परिवार की भावनाओं को जो ठेस पहुँची है, उसे मैं समझता हूँ। ऐसी negligence या हमारे शहीदों के परिवारों के सम्मान में किसी भी प्रकार की कमी स्वीकार्य नहीं है।
मैंने इस विषय में राजस्थान के मुख्य सचिव से बात कर ली है। साथ ही, यह भी कहा है कि राष्ट्रीय पर्वों एवं सैनिक सम्मान से जुड़े आयोजनों में शहीद परिवारों, वीरांगनाओं और पूर्व सैनिकों की सहभागिता एवं सम्मान के लिए प्रदेश में एक uniform और centralised protocol होना चाहिए, ताकि राजस्थान में आयोजन कहीं भी हो, सम्मान और व्यवस्था के standards एक समान रहें।
जिस परिवार ने राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व दिया है, उसे अपने सम्मान के लिए कभी व्यवस्था से आग्रह न करना पड़े।
शहीद परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता हमारी भावना, हमारी व्यवस्था और व्यवहार का भी अभिन्न हिस्सा है यही हमारा प्रयास और संकल्प है।
जय हिंद 🇮🇳
@Ra_THORe आपने कहा है @Ra_THORe साहब, इसलिए हमारे लिए यह केवल उम्मीद नहीं, भरोसा है। शहीद परिवारों के सम्मान को व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाने की आपकी सोच आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक बेहतर परंपरा स्थापित करेगी। #FaujiBhai 🇮🇳
@Ra_THORe@Ra_THORe साहब, आपके शब्दों ने केवल आश्वस्त नहीं किया, बल्कि विश्वास को और मजबूत किया है। शहीद परिवारों को सम्मान मिले, वह भी सम्मानपूर्वक और बिना किसी आग्रह के—यही एक संवेदनशील व्यवस्था की पहचान है। 🇮🇳
@Ra_THORe आपने जो कहा @Ra_THORe साहब, उसे हम सामान्य बयान नहीं मानते। एक सैनिक का कहा हुआ शब्द अपने आप में विश्वास होता है। शहीद परिवारों के सम्मान के लिए आपके संकल्प पर हमें पूरा विश्वास है। #FaujiBhai 🇮🇳
@Ra_THORe आपके शब्दों में हमें आश्वासन नहीं, एक सैनिक का वचन सुनाई देता है। जिसने देश के लिए वर्दी पहनी हो, उसकी शहीद परिवारों के सम्मान के प्रति संवेदना पर भरोसा होना स्वाभाविक है। आपका संकल्प हमारे लिए विश्वास की बात है। 🇮🇳