BJP के पूर्व सांसद सुभाष चंद्रा पर 22,000 करोड़ का कर्ज था.
अब सुभाष चंद्रा को सिर्फ 6.5 करोड़ रुपए देने हैं, बाकी का कर्ज रफा दफा हो गया.
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दूसरी तरफ देश में किसान 50 हजार के कर्ज की वजह से आत्महत्या कर लेते हैं, लेकिन देश की सरकार कभी उनका नहीं सोचती.
निकलो घर-मकानों से जंग लड़ो बेईमानों से-शाबाश बच्चे आपके ऐसे नारे व्यवस्था में बदलाव जरूर लेंगे।
आपके जज्बे को मेरा सलाम।
आने वाले समय में Gen-Alpha एक ऐसी क्रांतिकारी युवा पीढ़ी होगी जो हर व्यवस्था के खिलाफ आंखों में आंखें डालकर सवाल करेगी।
Gen Z के बाद अब Gen Alpha भी जागरूक हो चुका है।
अब सवाल सिर्फ़ बड़े नहीं, नई पीढ़ी भी पूछ रही है—सत्ता जवाब देगी या सवाल पूछने वालों को ही कटघरे में खड़ा करेगी? 🔥
इतना डर, इतना ख़ौफ़?
छह साल के बच्चे को पुलिस ले जा रही है क्योंकि उसने प्रधानमंत्री से इस्तीफा मांगने वाला पोस्टर पकड़ा हुआ था।
इस तरह का भय अक्सर सरकारों की विदाई का संकेत होता है या फिर इमर्जेंसी राज का।
इस बच्चे की उम्र 6 साल से भी कम है बिहार का है।
लेकिन संविधान, अपने अधिकार और कानून की जो समझ इसके शब्दों में है, काश उतनी समझ वर्दी पहनकर छात्रों पर AK-47 और पैलेट गन चलाने वालों में होती।
पूरा वीडियो देखिए गर्व होगा।
RSS-BJP जिस पीढ़ी को डराकर, दबाकर, चुप कराना चाहती है, उस पीढ़ी के बच्चे अब सवाल पूछना सीख चुके हैं।
इसे देखकर एक भरोसा और पक्का हुआ,
इस देश के भविष्य को चुप कराना अब लगभग नामुमकिन है।
जिगर कहां से लाओगे बिहारी जैसा लल्ला-खून में गर्मी है
6 साल का आदित्य बहुत गुस्से में SP को झार रहा है
Patna SP से आप लोगों के ऊपर धारा 307 लगना चाहिए हाफ मर्डर का समझे ,,
जिस उम्र में तुम लोग अपने बच्चे को डायपर पहनाते हो बिहारी दादागिरी करता हैं !
6 साल का आदित्य पटना SP से आंखों में आंखें डाल कर बात कर रहा है
आदित्य- मतलब आप SP हैं तो आप Murd€r कर दीजिएगा ,,
SP हैं तो क्या हुआ Police यही आदेश मिला है ?
Patna Student Protest लाठीचार्ज करके माथा फाड़ दिये हैं बहुत लोगों का हाथ-टूट गया है !
इस बच्चे की उम्र सिर्फ़ 5 साल है। बिहार का है।
लेकिन संविधान, कानून और अपने अधिकार की समझ उन लोगों से कहीं ज़्यादा है, जिनके हाथ में अमित शाह ने वर्दी, लाठी, पैलेट गन और AK-47 थमा रखी है।
पूरा वीडियो देखिए। गर्व होगा।
मोदी-अमित शाह और RSS जिस नई पीढ़ी को डराकर, दबाकर, सवाल पूछने से रोकना चाहते हैं, उस पीढ़ी के बच्चे अब पुलिस से आंख मिलाकर कानून समझा रहे हैं।
“चाय खतरे में है मित्तर, चीनी पहुँच गई सत्तर” पंक्ति में बहु-स्तरीय व्यंजना है लेकिन इस वाक्य भर से जो सत्ता ऐसी विचलित हो जाए कि नौकरी से सस्पेंड कर दे - वो वाक़ई बहुत डरी हुई सत्ता है और ख़तरे में ही है.
सारी प्रॉब्लम की जड़ BJP की बदनीयती है: पहले के चुनावी ख़र्चों के आँकड़े देखें :
1999 ₹947.68 करोड़
2004 ₹1,016.09 करोड़
2009 ₹1,114.38 करोड़
2014 ₹3,870.35 करोड़
लेकिन BJP के सत्ता में आने के बाद आँकड़े जारी होना ही बंद हो गये:
2019 कुल ECI आंकड़ा उपलब्ध नहीं (संकलित 60,000 Crores)
2024 कुल ECI आंकड़ा उपलब्ध नहीं (अनुमानित 1.32 Lac Crores)
“वन नेशन वन इलेक्शन” भी BJP की ऐसी ही साज़िशी नीयत बताता है और क्षेत्रीय आवाज़ों की अनसुनी करने की नीयत भी. भी.
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