जब मोदी जी ने 2014 में शपथ ली थी तब अंतरराष्ट्रीय मार्केट में क्रूड ऑयल की जो कीमत थी वही कीमत आज भी है ,लेकिन तब डीजल ₹55 लीटर था, आज लगभग रु91हो गया है। म प्र सरकार टैक्स घटाए ताकि जनता को राहत मिल सके। कहां गए 'बहुत हुई महंगाई की मार' का रोने वाले नेता?
महाकाल की नगरी उज्जैन में अब आस्था नहीं… भाजपा का “लैंड मॉडल” चल रहा है।
महाकाल मंदिर की पार्किंग के लिए उपयोग हो रही सरकारी जमीन पहले निजी बताई गई, फिर भाजपा विधायक से जुड़ी कंपनी को बेच दी गई और अब वहां फाइव स्टार होटल बनाने की तैयारी है।
दावा है कि करोड़ों की जमीन को कृषि भूमि बताकर रजिस्ट्री की गई, जिससे लगभग ₹3.40 करोड़ की स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क की चोरी हुई।
सब कुछ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन में हो रहा है।
सवाल मुख्यमंत्री जी से है,
क्या आपकी सरकार में महाकाल लोक भी भाजपा नेताओं और आपके “मित्रों” की प्रॉपर्टी डील का हिस्सा बन चुका है?
पहले महाकाल लोक में भ्रष्टाचार के आरोप…
अब महाकाल की जमीन पर कब्जे और सौदेबाजी के आरोप।
भाजपा सरकार ने धर्म को आस्था नहीं, कारोबार बना दिया है।
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#US11788
खसरेका टीकाकरण 100% होने के बाद भी समूचे मध्यप्रदेश में खसरे का संक्रमण बढ़ने से जाहिर है कि टीकों की दवाई मिलावटी थी।आज मध्यप्रदेश में हर वस्तु में मिलावट बढ़ रही है और कार्रवाही के नाम पर बस खानापूर्ति।
देवास जिले के टोंक कला क्षेत्र में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से मृत लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। प्रदेश में भाजपा सरकार पटाखा फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों में ढिलाई बरत रही है। पेटलावद और हरदा के विस्फोट कांड से भी सरकार ने कोई सबक नहीं लिया।
संसद में अभी तो सरकार परिसीमन और सीटें बढ़ाने का एकाधिकार अपने कब्जे में रखना चाहती थी। महिला आरक्षण में SCST OBC वर्गों को आरक्षण नहीं देना ही इनकी असलियत है।2023में पास महिला आरक्षण बिल वर्तमान संसद सीटों पर लागू नहीं करना ही इनकी सच्चाई है।
प्रधानमंत्री महिलाओं को आरक्षण देना चाहते हैं तो आरक्षण में OBC SC STवर्ग की महिलाओं का हिस्सा दें। संसद में जो सीटें हैं उन्हीं में से 33% महिलाओं के लिए आरक्षित हों।असल में जनगणना और परिसीमन में जो चालाकी की जाएगी ये उसे छुपाने की कोशिश है।
महिला आरक्षण विधेयक बगैर OBC,SC,ST की महिलाओं की हिस्सेदारी के महिला वर्ग के साथ अन्याय है। राजीव गांधी जी ने एक ही बार में हर वर्ग की बहन को अधिकार संपन्न बनाया था आज बिना पूर्ण जनगणना के विधेयक दूर के ढोल ही साबित होगा। ये केवल बंगाल चुनाव के कारण किया जा रहा है ।
प्रशासन द्वारा काशी में मणिकर्णिका घाट पर सनातन धर्म की ध्वजा लेकर चलनेवाली अहिल्याबाई की प्रतिमा तोड़ना भारतीय संस्कृति एवं संपूर्ण पिछड़े वर्ग का अपमान है,योगी सरकार का पिछड़ा वर्ग विरोधी चेहरा सामने आ गया है। वे पिछड़े वर्गों को केवल वोट बैंक समझते हैं।
इंदौर में दूषित पानी पीने से 14 लोगों की मृत्यु हो गई है, शासन केवल जिम्मेदारी तय करने में लगा हुआ है।एक व्यक्ति कू जीवन की कीमत दो लाख रुपए।पर एक व्यक्ति की मौत केवल उसकी नहीं पूरे परिवार की मृत्यु होती है।
हरियाणा के IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार जी की आत्महत्या उस गहराते सामाजिक ज़हर का प्रतीक है, जो जाति के नाम पर इंसानियत को कुचल रहा है।
जब एक IPS अधिकारी को उसकी जाति के कारण अपमान और अत्याचार सहने पड़ें - तो सोचिए, आम दलित नागरिक किन हालात में जी रहा होगा।
रायबरेली में हरिओम वाल्मीकि की हत्या, सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का अपमान और अब पूरन जी की मृत्यु - ये घटनाएँ बताती हैं कि वंचित वर्ग के ख़िलाफ़ अन्याय अपनी चरम सीमा पर है।
BJP-RSS की नफ़रत और मनुवादी सोच ने समाज को विष से भर दिया है।
दलित, आदिवासी, पिछड़े और मुस्लिम आज न्याय की उम्मीद खोते जा रहे हैं।
ये संघर्ष केवल पूरन जी का नहीं - हर उस भारतीय का है जो संविधान, समानता और न्याय में विश्वास रखता है।