देव सूर्य मंदिर, औरंगाबाद। कहीं लॉकडाउन नहीं है, बाज़ार तक खुले है��, बसें और ऑटो तक चल रहे लेकिन धार्मिक केंद्रों पर ताला है। अक्षम सरकार को यह समझ में ही नहीं आ रहा कि ये केंद्र सिर्फ़ पूजा के लिए नहीं हैं बल्कि हज़ारों परिवार और पूरी स्थानीय अर्थव्यवस्था इन पर निर्भर होती है।
बदलाव की उम्मीदें हर जगह हैं। औरंगाबाद की आँखों में भी वही सपना पलता है - नये दशक में नये बिहार का निर्माण, ���ये लोगों के द्वारा, नये लोगों के लिए। #LetsOpenBihar #30YearsLockdown #ChooseProgress
बिहार के पुनर्निर्माण का पुल आपके सहयोग से ही बन रहा। मंजिल भी पवित्र और रास्ता भी। चलिए अब आगे बढ़ते हैं, एक साफ़-सुथरा बेहतर बिहार बनाते हैं। #PositivePoliticsBihar2020#ChooseProgress https://t.co/xInAGj7Hbl
‘इस बार जाति-धर्म के चक्कर में नहीं पड़ना ��ै। इस बार सिर्फ़ अपने और बच्चों के बारे में सोचना है। पूरी दुनियाँ अमीर है, आप भी अमीर बनिए।” मदनपुर ब्लाक, औरंगाबाद। #ChooseProgress