किस राष्ट्रवाद की बात करते हैं आप? व्यवसायी लोग का लोन माफ़ी कर के गरीब जनता का बैंक से पैसा चोरी कर रहे हैं। यही राष्ट्रवाद है? 1000/- हर महीने बैंक से काटे जा रहे हैं जमा निकासी नहीं होने के नाम पर। 🤬🤬 बेचारे ग्रामीण स्वीकार कर लेते हैं हर मनमानी को।
@PMOIndia@narendramodi
@JaikyYadav16 ममता दीदी बहुत बड़ी राजनीतिज्ञ हैं। वह एक नेतृत्वकर्ता भर नहीं है वह बड़े बड़े नेताओं को भी मात देने योग्य है। मुझे पता था ममता दीदी अचानक से झंडा उठा देंगे कांग्रेस का जब लगेगा कि कांग्रेस कमजोर पड़ रही है।
@SitaSorenMLA@narendramodi आदरणीय सीता मैडम जी। हमें राम मंदिर भी चाहिए साथ ही रोजगार भी चाहिए। मैडम एक व्यक्ति के रोजगार के लिए किसी एक नेता या मंत्री बलिदान होते ना तो सचमुच हम उनकी पूजा प्रभु श्री राम से बड़ी मंदिर में करते.......
पुरखा पतेड़ा
नोट :- सरकारी कृप्या ना समझें।
आदिवासी होना बहुत अच्छी बात है किन्तु आदिवासी रहते जंगल, जमीन और पुरखा धरोहर को बचा लेना साथ वर्तमान पीढ़ी से अगली पीढ़ी तक इसे संरक्षण देने का विचार लाना बड़ी बात है।
#saveforest
@Sudanshutrivedi एक राष्ट्र के मुखिया का जो फर्ज बनता है, यदि राष्ट्र का मुखिया अपने फर्ज को भूल जाये तो भारतीय नागरिक की यह जिम्मेदारी बनती है कि उन्हें, उनका फ़र्ज याद दिलाया जा सके। ध्रुव राठी किसी के भाई - बंधु, हित कुटुंब नहीं है। वे प्रश्न खड़ा करते हैं तो कहीं न कहीं यह देश को विचार करनी
@SitaSorenMLA चाहे जो लोग भी हों उनको धार्मिक और जातिगत तौर पर मोह माया न किया जाये। सीधा उनको फांसी या आजीवन कारावास देना चाहिए। ऐसे दरिंदो का यह पहला घटना नहीं होगा। वो ऐसे कुकर्म अपने ही स्थानीय लोगों के साथ किये होंगे। इसीलिए उन्हें फांसी की सज़ा हो।
वन संरक्षण अधिनियम में संशोधन से ग्राम सभा खत्म हो गई है। @BJP4India सरकार ने हसदेव, छत्तीसगढ़ की आदिवासी जमीनों पर कब्जा कर लिया है, कहाँ है जनजाति सुरक्षा मंच? @JSManch#KariaMunda जी आदिवाशिओं को सुरक्षा देंगे?
आज़ाद भारत के बाद झारखण्ड में, जालियाँवाला बाग की तरह ही क्रूर हत्याकांड को अंजाम दिया गया था।
आज की तारीख काले अक्षरों में दर्ज है।
खरसावां गोलिकांड में शहीद हुए सभी आदिवासी वीरों को भावभीनी श्रद्धांजलि, हूल जोहार। 🙏🏼🕯️🕯️💐
#खरसावां_शहादत#खरसावां_हत्याकांड
@Bhagvatee_bhil निस्वार्थ कार्य आपकी अभिव्यक्ति के दर्पण होते हैं। समाज जहाँ भिन्न भाषी भिन्न संस्कृति के मध्य आप अपने को सेतु समान समर्पित करते हैं वहाँ आपको परिचय देनी नहीं होगी। बल्कि हर व्यक्ति आपको स्वतः जान जायेगा की आप समाज में एक सेतु हैं।
@abhayminz हद हद करती प्रकृति अनुपम श्रृंगार के मध्यस्त अपनी ख़ामोशी के साथ सकारात्मक प्रहर व्यतीत करना किसी दुर्लभ क्षण से कम नहीं है। ख़ामोशी में जीवन के अर्थ और प्रकृति के सरणार्थी बने रहें। जोहार