हे बिहारी जी
हर तरफ़ अनमोल ज़िंदगियाँ जा रही हैं, इस महामारी ने दावानल अग्नि का रूप ले लिया है। स्थिति ये है, फ़ोन हाथ में लेने से डर लगता है कि अब किसकी ख़बर आयी होगी। लेकिन हृदय में विश्वास है कि प्रभु आप इस प्रलय से हमारे देश एवं समाज को जल्द ही मुक्त कराकर, सबकी रक्षा करोगे।
4/10
जब कांग्रेस ने अस्पताल, दवाई, वेंटिलेटर की माँग उठाई,
तो..
मोदी सरकार ने PM केयर फंड से हज़ारों करोड़ की धन राशी इकट्ठा करवाई,
जब फ़र्ज़ी वेंटिलेटर देख लोगों ने कहा कि..हिसाब दो,
तो.. RTI कानून से ही PM केयर फंड को छूट करवाई, कहा PM केयर फंड पर नही कोई कार्यवाही।
#COVID19
8/10
मनमोहन सिंह जी ने 11 अप्रैल ��ो पत्र लिख फिर चेताया..
आबादी के 1% को ही अब तक वैक्सीन लगा,
सरकार बताए कि कितने करोड़ वैक्सीन ख़रीद, कब तक लगाएगी,
ज़रूरी हो तो वैक्सीन बनाने की अनिवार्य लाइसेन्सिंग करें,
विचार तो दूर,
सरकार ने पत्र पढ़े बग़ैर ही सलाह न देने की सलाह दे डाली।
कुंभ में गए हर आदमी ने नेगेटिव कोरोना रिपोर्ट जमा की है, लॉकडाउन लगा हो फिर भी गया हो ऐसा भी नहीं, कोई किसी पर थूक नहीं रहा, छुप नहीं रहा, कोई इलाज से भागेगा भी नहीं लिख लीजिए। कुंभ होने या टालने पर बहस कीजिए पर तराजू बैलेंस करने के लिए जबरदस्ती तब्लीगी जमात से तुलना मत कीजिए।
टीके का उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार वैक्सीन सप्लायर्स को जरूरी संसाधन उपलब्ध करवाए, विदेशों में टीके के निर्यात पर रोक लगाई जाये, उन सभी को टीके लगें जो लगवाना चाहते हैं। कोरोना की दूसरी लहर से प्रभावित होने वाले समूहों को प्रत्यक्ष आर्थिक प्रदान की जाए: श्री @RahulGandhi
एक तरफ राज्य वैक्सीन की कमी से जूझ रहे हैं, दूसरी तरफ केंद्र अपनी छवि चमकाने के लिए वैक्सीन का निर्यात कर रही है। कोरोना लगातार विकराल होता जा रहा है, ऐसे में वैक्सीन की कमी एक गंभीर समस्या है।