सफाई करके वातावरण को स्वच्छ बनाने वाले एक सफाई कर्मी की आस्था देखिए...
जिससे उसकी रोजी रोटी चलती है उसकी पूजा करना वो नहीं भूलता l।
यही है सनातन धर्म की शक्ति...
@narendramodi@KapilMishra_IND
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गाय व भैंस के दूध में अंतर जो बहुत कम लोग जानते हैं !
भैंस अपने बच्चे से पीठ फेर कर बैठती है चाहे उसके बच्चे को कुत्ते खा जायें वह नहीं बचायेगी,
जबकि गाय के बच्चे के पास अनजान आदमी तो क्या शेर भी आ जाये तो जान दे देगी, परन्तु जीते जी बच्चे पर आँच नही आने देगी।
इसीलिए उसके दूध में स्नेह का गुण भरपूर होता है।
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भैंस को गन्दगी पसन्द है, कीचड़ में लथपथ रहेगी,,
पर गाय अपने गोबर पर भी नहीं बैठेगी उसे स्वच्छता प्रिय है।
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भैंस को घर से 2 किमी दूर तालाब में छोड़कर आ जाओ वह घर नहीं आ सकती उसकी याददास्त जीरो है।
गाय को घर से 5 किमी दूर छोड़ दो।
वह घर का रास्ता जानती है,आ जायेगी।
गाय के दूध में स्मृति तेज है।
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दस भैंसों को बाँधकर 20 फुट दूर से उनके बच्चों को छोड़ दो, एक भी बच्चा अपनी माँ को नहीं पहचान सकता,
जबकि गौशालाओं में दिन भर गाय व बछड़े अलग-अलग शैड में रखते हैं, सायंकाल जब सबका माता से मिलन होता है तो सभी बच्चे (हजारों की स॔ख्या में) अपनी अपनी माँ को पहचान कर दूध पीते हैं, ये है गाय दूध की याददास्त।
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जब भैंस का दूध निकालते हैं तो भैंस सारा दूध दे देती है,
परन्तु गाय थोड़ा-सा दूध ऊपर चढ़ा लेती है, और जब उसके बच्चे को छोड़ेंगे तो उस चढ़ाये दूध को उतार देती है।
ये गुण माँ के हैं जो भैंस मे नहीं हैं।
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गली में बच्चे खेल रहे हों और भैंस भागती आ जाये तो बच्चों पर पैर अवश्य रखेगी…
लेकिन गाय आ जाये तो कभी भी बच्चों पर पैर नही रखेगी।
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भैंस धूप और गर्मी सहन नहीं कर सकती…
जबकि गाय मई जून में भी धूप में बैठ सकती है।
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भैंस का दूध तामसिक होता है….
जबकि गाय का सात्विक।
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भैंस का दूध आलस्य भरा होता है, उसका बच्चा दिन भर ऐसे पड़ा रहेगा जैसेे भाँग खाकर पड़ा हो।
जब दूध निकालने का समय होगा तो मालिक उसे उठायेगा…
परन्तु गाय का बछड़ा इतना उछलेगा कि आप रस्सा खोल नहीं पायेंगे।
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फिर भी लोग भैंस खरीदने में लाखों रुपए खर्च करते हैं….
जबकि गौमाता का दूध अमृत समान होता है !
जय सिया राम !
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#औ_का
@narendramodi अपना जीवन देकर ये कार्यकर्ता बंगाल को नया जीवन दे गए।
अम्बा खंभा जांबा डांबा नहीं किया
सीधे सीने पर गोली खाई
नमन है ऐसे बंगाल के क्रांतिवीरों को
जयपुर पुलिस मदद करे
मालवीय नगर, हंस मार्ग मेरे घर के पास एक कंस्ट्रक्शन (निर्माण) साइट पर लगातार मशीनों द्वारा निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिससे अत्यधिक शोर उत्पन्न होता है।
उक्त निर्माण स्थल पर मशीनें चलाने का कोई निश्चित समय नहीं है। कई बार रात 12–1 बजे तक भारी मशीनें चलाई जाती हैं तथा सुबह 4–5 बजे से ही दोबारा शोर शुरू हो जाता है। इस कारण हमारी पूरी कॉलोनी के लोग अत्यंत परेशान हैं। रात में ठीक से सोना भी मुश्किल हो गया! इस समय बोर्ड परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएँ चल रही हैं। देर रात तक और सुबह-सुबह होने वाला यह शोर बच्चों की पढ़ाई एवं मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल रहा है। हमारे द्वारा कई बार संबंधित कंस्ट्रक्शन साइट के लोगों से अनुरोध किया गया, एवं कई बार 112 (पुलिस) पर शिकायत की है परंतु शोर पर कोई नियंत्रण नहीं किया गया।
अतः आपसे निवेदन है कि कृपया इस विषय में शीघ्र उचित कार्रवाई करें तथा रात्रि समय में (निर्धारित समय के बाद) मशीनों के उपयोग पर रोक लगवाने की कृपा करें, ताकि बच्चे अपनी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें।
(फरियादी का संदेश हूबहू। बिना मिलावट)
@jaipur_police@PoliceRajasthan
ट्रेन से बाइक भेजना सबसे सस्ता होता है
और आपको कुछ नियम की जानकारी होनी चाहिए
यदि आपका टिकट भी उसी दिन का है और आप अपने साथ उसी ट्रेन में बाइक लेकर जाते हैं तब बुकिंग और भी सस्ता हो जाता है
आपको बुकिंग ऑफिस में अपना टिकट दिखाना होता है साथ ही साथ बाइक की सभी ओरिजिनल RC, PUC इंसोरेंस आदि दिखाने होते हैं फिर आपकी बाइक की बुकिंग हो जाती है
अगर आप बाइक जिस दिन बुके करें उस दिन यात्रा नहीं कर रहे हैं तो थोड़ा महंगा पड़ता है
आप जब भी अपनी बाइक ट्रेन से बुक कराये तब उसको ठीक से पैक करने के लिए बोरे इत्यादि का सुतली सूजा इत्यादि का इंतजाम करके जाइए क्योंकि वहां पर आपसे मनमाना पैसा मांगा जाएगा
और एक और महत्वपूर्ण बात ज्यादातर मामले में साइड मिरर या फिर इंडिकेटर टूट ही जाते हैं तो इसीलिए आप साइड मिरर खोल दीजिए उसे आप बाद में लगा दीजिएगा और इंडिकेटर की पैकिंग थर्माकोल से अच्छे से करवाइए
और अंत में सबसे महत्वपूर्ण बात आपको बाइक की टैंक खाली करना जरूरी है यानी की बाइक की टंकी में पेट्रोल बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए
एक बार 1999 में जब मैं अपनी बाइक अहमदाबाद से दिल्ली बुक किया था साथ में मैं खुद भी था आश्रम एक्सप्रेस जैसे ही पुरानी दिल्ली पहुंची मैं अपनी बाइक लेकर बुकिंग काउंटर पर जो भी औपचारिकता पूरी करने के बाद जब निकला तब RPF के जवान थे उन्होंने बोला ₹1000 दीजिए मैंने बोला कि बात के ?
तब उन्होंने ने तुरंत टंकी खुलवाई और एक लकड़ी का डंडा अंदर डाला और दिखाया कि बाइक में पेट्रोल है मैंने उनसे कहा भाई मैं वहां पेट्रोल खाली कर रहा था वहां मुझसे कहा गया कोई जरूरत नहीं है
फिर जैसा भ्रष्टाचार होता है ले दे के मामला 200 में निपट गया
तो इन सब चीजों से बचने के लिए आप पेट्रोल की टंकी खाली कर दीजिए
लेकिन फिर सबसे बड़ी समस्या यह आती है कि जब आपकी बाइक गंतव्य स्थान पर पहुंचेगी तब बिना पेट्रोल के आप उसे कैसे ले जाएंगे तो उसके लिए आपका रेलवे का बुकिंग पत्र होना चाहिए फिर आप किसी भी पेट्रोल पंप पर उसे दिखाकर किसी बोतल से पेट्रोल मांग सकते हैं
टास्क बहुत कठिन था। लेकिन बात @narendramodi की थी तो
@smritiirani कहां पीछे हटने वाली
भारत के लघु उद्योग से जुड़ी महिलाओं के लिए कोष में 10 करोड़ डॉलर जुटाना था।
दावोस से खबर आई 2 दिन में 20 करोड़ डॉलर जुटा कर दिखा दिया। वो कठिन लक्ष्य देख कर हार मान जाने वालों में से नहीं हैं।
भारत सरकार ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण, मकान-सूचीकरण एवं आवास जनगणना के लिए अधिसूचना जारी की है।
यह प्रक्रिया 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच, प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश द्वारा निर्धारित 30 दिनों की अवधि में आयोजित होगी।
#Census2027