राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परम्परा में प्रचारक अविवाहित रहकर काम करते हैं; पर कुछ अपवाद भी होते हैं। ऐसे गृहस्थ प्रचारकों की परम्परा के जनक प्रभाकर बलवन्त दाणी का जन्म 9 अक्टूबर 1907 को उमरेड, नागपुर में हुआ था।
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हमारा सांस्कृतिक चिंतन
"भारत विविधताओं से भरा हुआ देश है, जाति -भाषा, रहन-सहन, जीवन पद्धति से भिन्न होते हुए भी सांस्कृतिक इकाई के रूप में एक ही है अर्थात् भारत एक राष्ट्र है. यह अध्यात्म तत्व ही है, जिसने हम सब को एक सूत्र में बांधे रखा है और यह आत्मदर्शन भारत को एक रखता है.
आदि शंकराचार्य ने कहा है कि -
सत्य की कोई भाषा नहीं होती। भाषा तो इंसानों द्वारा बनाई गई है। सत्य मनुष्य का निर्माण नहीं है बल्कि अविष्कार है। सत्य को बनाना या प्रमाणित नहीं करना पड़ता सिर्फ उखाड़ना पड़ता है।
हिंदू आध्यात्मिक सेवा फाउंडेशन प्रकृति वंदन कार्यक्रम में उपस्थित रहकर माँ नर्मदा जी का अभिषेक करते हुए पूजन अर्चन किया , प्रकृति वंदन भूमि पूजन कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए 501 तुलसी समी पीपल बरगद अशोक पौधों का वितरण कर नर्मदा भक्तों से प्रकृति संरक्षण का आग्रह किया।
सागर में सेवा भारती, महाकौशल प्रांत द्वारा आयोजित कार्यक्रम में आज @RSSorg के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने "सेवा भागीरथी" पुस्तक का विमोचन किया.
कोरोना संकट के समय अपने भी साथ देने से पीछे हटने लगे थे, तो सेवाभावी कार्यकर्ता साथ खड़े थे...ऐसी मार्मिक कथाओं का संग्रह है...
।। सुभाषित।।
प्रियो भवति दानेन,प्रियवादेन चापरः।
मन्त्रं मूल बलेनान्यो,यःप्रियःप्रिय एव सः।
कुछ लोग उपहार देने पर प्रिय बनते हैं जबकि कुछ मनोहर बातों से,कुछ अन्य मन्त्रबल से प्रिय बनते है पर आप जिन्हें प्रिय हैं वो बिना कुछ किये ही आपके प्रिय ही हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिला अनूपपुर के स्वयंसेवकों द्वारा बनारस में जन्मे अमरकंटक के प्रसिद्ध संत लाल बाबाजी ने१०.६.२०२१ को अन्तिम सांस ली,यह सूचना पाकर जिले के@RSSorgके स्वयंसेवकों व@vhporgके कार्यकर्ताओं द्वारा लाल बाबाजी का अन्तिम संस्कार पूरे विधि-विधान से सम्पन्न किया गया।
Amul VS PeTA
• PETA द्वारा Amul को वीगन मिल्क अपनाने की नसीहत का अमूल ने दिया मुंहतोड़ जवाब- कहा यह दूध नहीं है यह प्रयोगशाला का रसायन है।
• विदेशी फंड से चलाये जा रहे NGO को भारतीय डेरी इंडस्ट्री को बर्बाद करने से बाज आना चाहिए।
#AmulPrideOfIndia@Amul_Coop#PETA#Amul
।।ॐ।।सुभाषित।।ॐ।।
मुखं पद्मदलाकारं वाणी चन्दनशीतला ।
हृदयं क्रोधसंयुक्तं त्रिविधं धूर्तलक्षणम् ॥
कमल जैसा सुंदर मुख, चंदन सी शीतल वाणी, पर हृदय क्रोध से भरा हुआ–ये तीन धूर्त के लक्षण है ।
“साधारणतः अपने देश और उसकी परम्परा के प्रति, उसके ऐतिहासिक महापुरूषों के प्रति, उसकी सुरक्षा तथा समृध्दि के प्रति जिनकी अव्यभिचारी एवं एकान्तिक निष्ठा हो - वे जन राष्ट्रीय कहे जाऐंगे।”
- परम् पूज्य श्री गुरूजी
हम पहने तो आप सुरक्षित
आप पहने तो हम सुरक्षित
हम सब पहने हमारा देश सुरक्षित।
M-मेरा
A-आपका
S-सुरक्षा
K-कवच
😷 MASK 😷
आप मेरे लिये पहनो
मैं आपके लिये पहनता हूँ।