ट्रेन संख्या 02563 को 7 घंटे से अधिक देरी से क्यों चलाया जा रहा है।
दिल्ली रेलवे इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए इसे जल्द से जल्द नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचने का काम करें।
15 जून को महरौनी क्षेत्र में एक दलित युवक के साथ कथित रूप से मारपीट, जातिसूचक गालियाँ, जानलेवा हमला एवं पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दिए जाने की शिकायत थाना महरौनी में दी गई। आज घटना को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन पीड़ित के अनुसार अब तक कोई प्रभावी कानूनी कार्रवाई नहीं हुई।
@Uppolice@homeupgov@lalitpurpolice@adgzonekanpur@rangejhansi@dgpup यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं, तो यह कानून के शासन और पीड़ित के न्याय के अधिकार पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। उत्तर प्रदेश पुलिस एवं संबंधित अधिकारियों से मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर तत्काल FIR दर्ज (यदि दर्ज नहीं हुई है) 2-3
महरौनी ललितपुर में भी अनेकों लाइब्रेरी/कोचिंग सेंटर संचालित है जिनमें मानक देखे जाए तो सरकार को चिढ़ाते हुए नजर आएंगे। क्या @deo_lalitpur@lalitpurpolice समय रहते इनकी जाँच के साथ इनमें सुधार और छात्रों की जान के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई होगी।
लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की वजह से 14 लोगों की मृत्यु की खबर दुखदायी है - इनमें छात्र भी शामिल हैं
प्रकृति दिवंगत आत्माओं को शांति दे और शोक-संतप्त परिवारों को यह अपार दुख सहने की शक्ति
पता नहीं कब तक मासूम अपनी जान गँवाते रहेंगे
यह तस्वीरें चीख-चीख कर बता रही है कि भ्रष्टाचार सरकार की रग रग में भरा हुआ है। इस भ्रष्टाचार ने 14 लोगो की जान ले ली। इस घटना पर अब कुछ मगरमच्छ के आसू दिखाएंगे और घर पहुंचकर मिठाई खाएंगे। धिक्कार है।
@homeupgov@Uppolice@UPGovt जब तक नियमों का पालन कागजों पर और निरीक्षण केवल औपचारिकता बनकर रहेंगे, तब तक छात्र पुस्तकालयों और कोचिंग संस्थानों में शिक्षा नहीं, बल्कि जोखिम लेने के लिए मजबूर होंगे। लखनऊ का यह अग्निकांड केवल आग से नहीं, बल्कि लापरवाही, भ्रष्टाचार और जवाबदेही के अभाव से हुई मौतों की कहानी है।
लखनऊ अग्निकांड: क्या छात्रों की मौत का इंतजार करती है व्यवस्था?
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक कोचिंग सेंटर एवं लाइब्रेरी में लगी भीषण आग ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक कम से कम 14–15 लोगों की मौत की खबर सामने आई है
@homeupgov@Uppolice@UPGovt और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता मिले।
यह हादसा एक बार फिर बता रहा है कि विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी भयावह कीमत वसूल सकती है। यदि अब भी शासन-प्रशासन नहीं जागा तो आने वाले समय में ऐसी घटनाएं फिर किसी न किसी शहर में दोहराई जाएंगी।
किसने बोला ये आदमी बिहार को बीमार कर देगा?
देखो इसके जैसा योगा किसी ने नहीं किया, इस मंत्री के पास कलाई घुमाने की अद्भुत क्षमता है!
#InternationalYogaDay