मैं इस बात को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहता। मैं वर्षों से इस सदन का सदस्य हूं और निचले सदन में भी रहा।
मैंने कभी किसी से यह नहीं कहा कि मैं दलित हूं, मेरी रक्षा करो और न ही किसी के सामने गिड़गिड़ाया। मुझ में लड़ने की शक्ति है और मैं लड़ता हूं।
लेकिन हल्द्वानी में स्टेज का शुद्धिकरण कर मुझे Untouchability का एहसास कराया गया और मेरा अपमान किया गया।
: कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री @kharge
झारखंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के ख़िलाफ़ बल का इस्तेमाल ग़लत है।
छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और बातचीत से ही समाधान निकल सकता है।
झारखंड सरकार को इन छात्रों की बात सुननी चाहिए और हर समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए।
The use of force against students protesting in Jharkhand is wrong.
Students have a right to peaceful protest, and only dialogue can yield solutions.
The Jharkhand government must continue to hear these students out and resolve their issues immediately.
आज संसद में मेरे भाषण के दौरान मैंने दिल्ली में छात्रों पर हुई बर्बरता का मुद्दा उठाया और इसके ज़िम्मेदार का नाम लिया - गृह मंत्री अमित शाह।
मुझे BJP ने बोलने नहीं दिया।
आज शाम 6 बजे - प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा और वो सब कहूंगा जो सदन में कहने नहीं दिया गया।
माइक बंद कर सकते हैं - छात्रों की गूंज नहीं।
सरकार ने पहली बार स्वीकार किया है कि मई 2025,आपरेशन सिंदूर के दौरान 6 जवान शहीद हुए थे।जबकि आपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में देश को बताया था कि देश को किसी प्रकार की कोई क्षति नहीं पहुँची है।देश के लिए क़ुर्बानी देने वालो के नाम भी छुपाए जा रहे है।भारत माता की रक्षा करने वालो को सरकार सम्मान भी नही दे सकती ?
देशप्रेम, मानवता एवं सत्य के
हमसफ़र हम ‘एक लक्ष्य’ के!
श्री राहुल गांधी जी को सार्थक-सक्रिय जीवन की सद्-कामनाओं के साथ जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ!
@RahulGandhi@IndiaAllliance
भारत की शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है।
ज़रा सोचिए - देशभर के परिवार जितना पैसा सिर्फ़ NEET की तैयारी पर ख़र्च करते हैं, वो भारत सरकार के पूरे शिक्षा बजट के बराबर है।
आज कोटा से, और देश के हर कोने से, लाखों युवा एक सुर में कह रहे हैं - इस व्यवस्था ने हमारे साथ अन्याय किया है।
हर युवा अलग है, पर सबकी कहानी एक - या तो सपने देखने नहीं दिए गए, या देखे हुए सपने तोड़ दिए गए।
‘छात्रों की गूंज’ सिर्फ़ अभियान नहीं - एक क्रांति है। हमें एक ऐसी व्यवस्था बनानी है जो आपको बड़े सपने देखने का हक़ दे और आपकी ज़िंदगी गिरवी रखे बिना, उन्हें पूरा करने में आपका साथ दे।
#ChhatronKiGoonj
अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद - न अफ़सोस, न माफ़ी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है।
उनके शब्द पढ़िए: “अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें।” कोई उल्लंघन “बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
एक आज़ाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन हमारे Compromised PM? चुप। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं, और आदेश मान लेते हैं।
Compromised PM देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा - क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं।
‘विकसित भारत’ के लिए 2047 का लक्ष्य रखने के लिए धन्यवाद प्रधानमंत्री मोदी जी
वैसे गुजरात के सीएम के तौर पर आपने कहा था
“अब लंबा इंतज़ार नहीं करना है भइया… 2050 में ऐसा होगा… अरे होगा तो होगा हम कहां होंगे…”
मोदी सरकार बनने के बाद पहला स्कैम कौन सा था, याद है आपको??
फ़रवरी 2016 मे Ringing Bells नाम की कंपनी भारत का सबसे सस्ता स्मार्टफोन
फ्रीडम 251 लॉन्च करती है.
सरकार इसको अपने मेक इन इंडिया प्रोग्राम का हिस्सा बताती है.
सरकार के मन्त्री इसको प्रोमोट करते हैँ.
बुकिंग के लिए वेबसाइट ओपन होती है
7 करोड़ लोग ऑनलाइन पेमेंट करते हैँ.
24 घंटे बाद वेबसाइट क्रैश हो जाती है.
पता लगता है और बुकिंग नहीं होगी.
लोग डिलीवरी का इंतजार करते हैँ 6 महीने तक
बाद मे पता लगता है कोई फ़ोन नहीं आने वाला.
पब्लिक के 1757 करोड़ डूब जाते हैँ. मोहित गोयल पर कार्यवाही होती है, गिरफ्तार होता है
लेकिन 6 महीने बाद जमानत हो जाती है.
सवाल ये है कि ज़ब सरकार को पता था कोई फ़ोन 250 रूपये मे नहीं तैयार होता, उसके पार्ट्स तक नहीं आते, फिर इस कंपनी को मंज़ूरी दी किसने??
और किन किन मन्त्री लोगों का हिस्सा रहा होगा इस स्कैम मे??
आजतक ये बात रहस्य बनी हुईं है.
जागो जनता जागो.
ये सरकार नहीं स्कैम सरकार है.. 🙏
“दोबारा NEET देने की हिम्मत नहीं है मेरे अंदर”
यह लिखकर NEET छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने 20 मई को आत्महत्या कर ली
इस हत्या के दोषी पेपर लीक माफिया हैं, मोदी सरकार है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान हैं