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गोडावण मेन ऑफ इंडिया 🇮🇳 स्वर्गीय राधेश्याम पैमाणी के नन्हे मुन्हे बच्चों के आर्थिक सहयोगार्थ निम्नलिखित खाता संख्या अथवा क्यू आर कोड पर सहयोग राशि भेज कर पुण्यार्जन करें ।
1- MRS. NIRMA WO RADHESHAYAM
UPI ID: 8094518231@sbi
2- Name -Jambhsar Hitkarani Sansathan
A/c No. 5020 0092 4267 51
IFSC code HDFC0006542
जैसलमेर के लाठी थाना क्षेत्र में दर्दनाक सड़क दुर्घटना में वन्यजीव प्रेमी श्री राधेश्याम बिश्नोई सहित तीन वन्यजीव प्रेमियों एवं एक वनरक्षक की मृत्यु का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।
ॐ शांति।
वह जैसलमेर के वीरान इलाके में वन्यजीवों का असाधारण रक्षक था। वह वन्यजीवों का शिकार करने वालों से जूझता था, लड़ता था और उनसे दो-दो हाथ करता था। उसके साथ उस जैसे और भी थे। वह सोलर वालों से भी सदा लड़ा और एक तड़प उसके भीतर थी कि यह सोलर हमारे इलाके के वन्यजीवों को ही नहीं, समूची जैव विविधता को नष्ट कर देगा। उसे कुदरत ले गई या दुष्टों ने मार डाला, कौन कहे? कृपया इलाके के मित्र बताएं कि सच क्या है? आज इन नन्हे हरिणों का क्या होगा? किसी सोलर प्लेट पर आ गिरे हजारों किलोमीटर सुदूर से किसी विदेशी पक्षी का बचाव अब कौन करेगा? बिजली के तारों से झुलसे गिद्धों को अस्पताल ले जाकर कौन उन्हें स्वस्थ करेगा? कौन है, जो अपना ट्रेक्टर ले जाकर पानी के टैंकरों को सुदूर बीहड़ में वन्य जीवों के लिए पोखरों को भरेगा?
राधेश्याम पेमाणी, तुम कहां हो?
#Radheshyam
राधेश्याम पेमानी जी ने कभी कुछ नहीं चाहा अपने लिए पर वो हमेशा निःस्वार्थ भाव से वन्यजीवों के लिए सक्रिय रहे।आज वो वन्यजीवों के हितार्थ बलिदान हो गये।दो छोटे छोटे मासूमों के सिर से पिता का छाया उठ गया।बुजुर्ग माता का आसरा टूट गया।होनी को टाल नहीं सकते पर मासूमों का भविष्य हम सब मिलकर संवार सकते हैं।आज उस परिवार को हम सब के सहयोग की जरूरत है।
Name -Jambhsar Hitkarani Sansathan
A/c No. 5020 0092 4267 51
IFSC code HDFC0006542
आज पहली बार ग्रुप मेंबर्स से व्यक्तिगत रूप से कुछ माँग रहा हूँ। उम्मीद हैं आप इन मासूम बच्चो की उम्मीद को निराश नहीं करोगे। 🙏🏻
नमन करते हैं गोडावण मैन ऑफ इंडिया-राधेश्याम पेमानी जी को🙏🙏
@sumitdookia@JambhSarMedia@HabitatHealer@Garhmarwar@BishnoiYouth@JATbera1@dineshbohrabmr@ManzuDinesh@8PMnoCM@ashokshera94@PRGBishnoi
माननीय @Sanjay4India1 जी गोडावण संरक्षण पर पिछले 12 सालों से जी जान से काम किया है इस नन्ही सी जान ने।शहीद “गोडावण मैन ऑफ इंडिया “ के नाम से शहीद का दर्जा मिले यही अनुरोध करते है आप से।सार्वजनिक रूप से जनमानस में वो गोडावण मैन ऑफ इंडिया से ही जाने जायेगें।
#गोडावण_मैन_ऑफ_इंडिया
#राधेश्याम_पेमानी
अल्पायु में ही अपने मन में जल,जंगल,जंतु,ज़मीन के संरक्षण का अद्भुत जुनून रखने वाला, जाम्भोजी का लाड़ला,हज़ारों जीवप्रेमियों का आदर्श प्रेरणास्रोत “राधेश्याम पेमाणी” का आज जीवों को असहाय छोड़कर असमय ही जम्भलोक के लिये जाने का दुखद समाचार सुनकर स्तब्ध हूँ। विधि का विधान सबको विवश करता है।परंतु ऐसे होनहार परोपकारी युवा का यकायक चले जाना अकल्पनीय है।
प्रिय “राधेश्याम” से मेरा आत्मीय स्नेह था। प्रेम से उसे “राधे” कहकर ही अक्सर संबोधित करता था।वन्यजीवों की सेवा में सदैव तत्पर रहने वाले इस नौजवान ने जब भी किसी जीव पर संकट का समाचार सुना नंगे पांव दौड़कर बचाने का हरसंभव प्रयास किया। धोलिया खेतोलाई और पौखरण क्षेत्र में विशाल रेगिस्तान और औरण में वन्य जीवों के लिये निजी प्रयास से पैयजल की व्यवस्था,घायलों के रेस्क्यू की व्यवस्था,वन्यजीवों के साथ-साथ मरूस्थलीय पारिस्थितिकी के अन्य जीव जन्तुओं के संरक्षण व वाइल्डलाइफ़ फ़ोटोग्राफ़ी में विशेष रुचि थी। राधे द्वारा खींची गई तसवीरें राष्ट्रीय समाचार पत्रों व पत्रिकाओं में प्रमुखता से प्रकाशित होती थी। केवल भारत ही नहीं पूरे विश्व में राजस्थान के डेज़र्ट जीव जंतुओं की तस्वीरें राधे के कैमरे से ही निकलती थी।
जब जैसलमेर का तापमान ५०डिग्री के पार पहुँच जाता तब भरी दोपहर में टेंकर भरकर प्यासे पशु पक्षियों के लिये पानी की परवाह करने वाला प्रेमी राधेश्याम ही था।
सुबह से लेकर शाम तक, सोमवार से रविवार, जनवरी से दिसम्बर तक बिना रूके, बिना थके एक ही लग्न व ऊर्जा के साथ जीवों की परवरिश में लगा रहता है। राज्य पक्षी गोडावण के संरक्षण व संवर्धन में सरकार के वैतनिक तंत्र से ज्यादा जाम्भोजी के लाड़ले इस अवैतनिक सेवक ने प्रयास करके उनकी संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि करने में सफलता प्राप्त की…।सरकारी प्रयास एक तरफ़ और राधे का अ’सरकारी प्रयास एक तरफ ..।इसलिए “गोडावण मेन ओफ इंडिया” के नाम से इनको ख्याति मिली थी।
आज भी किसी शिकार की घटना की सूचना पर वन विभाग की टीम के साथ सहयोग करने गये थे। वहीं रास्ते में दुखद हादसा हुआ है। राधे के साथ सदैव सहयोग करने वाले श्याम नाथाणी ,गौसेवक कंवरराज सिंह भादरिया, वनकर्मी सुरेन्द्र चौधरी भी दिवंगत हो गये। सरकार व वनविभाग को आगे आकर इन वन्य जीव प्रेमियों को वन्य जीवरक्षा के क्षेत्र का सर्वोच्च सम्मान दिया जाना चाहिये।
ईश्वर सभी दिवंगत आत्माओं के अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ।गुरू महाराज सभी परिजनों को यह भीषण वज्रपात सहने का संबल प्रदान करें।
थार के प्रकृति प्रहरी को विनम्र श्रद्धांजलि 🙏
ॐशांति ॐ शांति ॐ शांति ।
आज हुई JTA संविदा परीक्षा के संबंध मुझे मीडिया मित्रों से पता लगा कि JTA Exam code WA23 में OMR शीट्स पर कैंडिडेट्स और विक्षकों के सिग्नेचर नहीं लिए गए। ये बात बिल्कुल सही है कि आज सभी OMR शीट्स पर कैंडिडेट्स और विक्षकों के सिग्नेचर प्रिंट ही नहीं हुए।
1. चूंकि ये परीक्षा 200 प्रश्नों वाली थी और OMR शीट्स पर स्पेस का प्रॉब्लम को चलते एक प्रिंटर जिसने WA 23 सेट (बाएं वाली OMR की approval फोटो) को प्रिंट किया मगर प्रिंट करते समय बाय मिस्टेक OMR शीट्स पर सिग्नेचर ब्लॉक्स प्रिंट नहीं किया। मगर दूसरे रिजर्व सेट जो ट्रेज़री में है पर ये प्रिंटेड हैं (दाहिनी वाली OMR की फोटो)
2. परीक्षा के बाद OMR शीट्स को परीक्षा कक्षों में विक्षकों द्वारा अभ्यर्थियों के सामने सील किया जाता है एवं सील करने के बाद दोनों वीक्षकों तथा दो अभ्यर्थियों के OMR सील्ड लिफाफे पर हस्ताक्षर करवाकर वीक्षक केंद्राधीक्षक को बिना किसी देरी के सौंप देता है। और फिर केंद्र अधीक्षकों के रूम में केंद्र अधीक्षकों द्वारा आब्जर्वर और डिप्टी CS के सामने काउंट करके सील पैक किया जाता है। इस सम्पूर्ण कार्यवाही की वीडियोग्राफी की जाती है।
3. बोर्ड में जमा करने से लेकर बाद की समस्त कार्यवाही सीसीटीवी में कैद होती है , यहाँ तक की strong room में भी, सीसीटीवी कवरेज होता है । स्कैनिंग के ठीक पहले सीसीटीवी के कवरेज में सबके सामने सील्ड बैग्स को खोला जाता है और हाथ की हाथ स्कैन किया जाता है। OMR की कार्बन कॉपी हर कैंडिडेट के पास होती है। कोई चांस ही नहीं है कि OMR में कोई tampering कर सकता है ।
4. हर परीक्षा कक्ष में सभी कैंडिडेट्स अटेंडेंस शीट्स पर अपने रोल नंबर, नाम, OMR शीट नंबर और क्वेश्चन बुकलेट number खुद अपनी हैंडराइटिंग में भरते हैं , हस्तलिपि नमूना देते हैं और विक्षक भी हर अटेंडेंस शीट्स पर सबकुछ कन्फर्म करके साइन करते हैं जिसके आधार पर OMR शीट्स क्वेश्चनबुकलेट और कैंडिडेट की मैचिंग की जा सकती है।
तो पूरी कहानी का निचोड़ ये है
1. आज वाले JTA संविदा परीक्षा के सभी OMR शीट्स पर प्रिंटर की गलती की वजह से कैंडिडेट्स और विक्षकों के सिग्नेचर हेतु ब्लॉक्स की जगह प्रिंट होने से रह गई, मगर दूसरे सेट जो कि ट्रेज़री में सील्ड रखे हैं उस पर प्रिंटेड है।
2. यह एक Unintentional error (not malafide) है जिसके लिए प्रिंटर या फिर में खुद ही जिम्मेवार हूं ।
3. बोर्ड की OMR शीट्स को पैक, हैंडल और स्कैन करने की प्रक्रिया काफी पारदर्शी और रॉबस्ट है, और इसे सीसीटीवी में कैद किया जाता है। पूरी प्रक्रिया में कई चेक्स और बैलेंस हैं ताकि कोई एक चेक छूट जाए तो दूसरा चेक काम आजाएं और पूरी प्रक्रिया की जांच कभी भी की जा सकती है।
4. इसलिए किसी भी अभ्यर्थी के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होगा।
I condemn the social media trolling directed at family of the Foreign Secretary @VikramMisri
It’s unacceptable to target our professional diplomats and civil servants — those who work dedicatedly to serve the nation.
मंत्री को मानहानि की पड़ी है और अभ्यर्थियों का भविष्य सड़कों पर पड़ा है
शहीद स्मारक के सन्नाटे में इस बार कोई इतिहास नहीं बोला, बल्कि वर्तमान चीखा-कसमसाते सपनों की धूल में लथपथ कुछ नौजवान खड़े थे। उनके पास न झंडा था, न नारा…बस एक सवाल था-हमने परीक्षा दी, मेहनत की और अब?
छह दिन से धरने पर बैठे अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि एसआई भर्ती-2021 को रद्द किया जाए, क्योंकि 400 से ज्यादा सीटों पर 'सिस्टम की संतानें' चुनी गईं। वे जिन्हें ना मेरिट चाहिए, ना मेहनत। लेकिन सरकार के मंत्री जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और विषय बदल दिया।
मूल सवाल पर मौन थे मंत्री जी।
ना उन्होंने अभ्यर्थियों के आंसुओं का जिक्र किया, ना इस दर्द की वैधानिकता का। उन्होंने सफाई दी—बेनीवाल के आरोपों पर, अपनी इमेज पर, अपनी पार्टी की मर्यादा पर। लेकिन उन अभ्यर्थियों की इमेज का क्या, जिनके भविष्य पर "भर्ती घोटाले" की कालिख लगी है?
हनुमान बेनीवाल ने जो आरोप लगाए-डमी कैंडिडेट्स, मंत्री से पैसे, एसओजी का कबूलनामा-मंत्री जी ने इसे "राजनीति" कहा।
ठीक है, राजनीति है, लेकिन ये राजनीति उस भर्ती की थी, जिसे आपकी पार्टी ने नैतिकता और पारदर्शिता के नाम पर सत्ता में आने से पहले रद्द करवाने की बात की थी। अब वही भर्ती सत्ता की बिछी बिसात पर बेशर्मी से पड़ी है और आप कह रहे हैं "सांसद पर केस करूंगा"।
तो एक सवाल है मंत्री जी,
जब आप सांसद पर केस कर सकते हैं तो ये अभ्यर्थी सरकार पर केस क्यों न कर दें?
क्यों न अदालत में जाकर पूछें कि जब आपके खुद के एएजी, एसओजी और पुलिस हेडक्वार्टर रद्दीकरण की सिफारिश कर चुके हैं, तब भी सरकार भर्ती क्यों बचा रही है?
क्या इसलिए कि कुछ "राजनीतिक रिश्तेदार" अयोग्य होकर भी वर्दी पहन चुके हैं?
पर्चा लीक करने वाले घूम रहे हैं विदेशों में और जो यहां मेहनत कर रहे हैं, वो गर्म जमीन पर बिछी चादर पर बैठकर हनुमान चालीसा पढ़ रहे हैं, शायद अब भर्ती भगवान भरोसे है।
मंत्री जी, जो बात हनुमान बेनीवाल ने उठाई, उस पर आप नाराज हैं। लेकिन सवाल ये है कि उन बातों पर देश के नौजवान कब तक खामोश रहें?
आप मानें या ना मानें, एसआई भर्ती अब सिर्फ एक परीक्षा नहीं, एक प्रतीक बन चुकी है-उस सिस्टम की, जो हर पांच साल बाद सिर्फ कुर्सी बदलता है, चरित्र नहीं।
बाकी अभ्यर्थियों से सिर्फ एक बात कहनी है-
अगर सरकार कानों में रूई डाल ले, तो शब्द नहीं, कानून बोलना चाहिए।
#NaukriSeries | #NaukriWithArvind
जिन छात्रों ने मजबूरी में 0 डालकर फॉर्म भरे हैं, उनकी पूरी ज़िम्मेदारी बोर्ड की होगी, क्योंकि आपके सिस्टम में OTP नहीं आने की वजह से छात्रों को ऐसा करना पड़ा।
बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज जी इस समय बोर्ड में उपस्थित नहीं हैं और सचिव महोदय भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं, तो ऐसे में ज़िम्मेदार आखिर कौन होगा?”
@alokrajRSSB@BadhalDr
भजनलाल जी,
आपसे निवेदन है कि चतुर्थ श्रेणी भर्ती के फॉर्म भरने में छात्रों को बीते पाँच दिनों से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
चेयरमैन साहब ने कल यह कहा था कि समस्या का समाधान कर दिया गया है, लेकिन सच्चाई यह है कि अब तक कोई भी समाधान नहीं हुआ है।
अतः आपसे अनुरोध है कि इस मुद्दे पर तत्काल संज्ञान लें, ताकि छात्रों को फॉर्म भरने में हो रही समस्याएँ समाप्त हो सकें।
छात्रों को इस दौरान —
•OTR में दिक्कतें,
•OTP प्राप्त न होना,
•और आधार कार्ड से संबंधित तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
चेयरमैन साहब का मोबाइल स्विच ऑफ है और वे आगामी 15 दिनों के लिए बाहर (विदेश) गए हुए हैं।
सचिव महोदय की ओर से भी अब तक कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है।
यदि इस अवधि में छात्रों के फॉर्म नहीं भरे जाते हैं तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी राजस्थान सरकार और कर्मचारी चयन बोर्ड की होगी।
बोर्ड के तीन दिन की छुट्टियाँ हैं, और जिस दिन बोर्ड दोबारा खुलेगा — उस दिन तक फॉर्म भरने की अंतिम तारीख समाप्त हो चुकी होगी।
यदि इस कारण एक भी छात्र फॉर्म भरने से वंचित रहता है तो इसका दायित्व स्पष्ट रूप से कर्मचारी चयन बोर्ड और राजस्थान सरकार पर होगा।
आपसे पुनः निवेदन है कि इस समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें, ताकि सभी छात्र बिना किसी परेशानी के अपना फॉर्म समय पर भर सकें।
@BhajanlalBjp@RajCMO@TikaRamJullyINC@JogarampatelMLA@alokrajRSSB@BadhalDr